फर्जी दस्तावेजों से बना शिक्षक , 16 साल बाद गिरफ्तार
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
चमोली ( Chamoli ) - जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आ रहा है । यहां एक शिक्षक फर्जी पर दस्तावेजों के आधार पर नौकरी करने के आरोप लगे हैं । 08 जनवरी 2025 को धर्म सिंह रावत , जिला शिक्षा अधिकारी गोपेश्वर , चमोली द्वारा थाना गोपेश्वर को तहरीर दी कि शिव कुमार सैनी सहायक अध्यापक , राजकीय प्राथमिक विद्यालय मेहलचौरी , विकास खण्ड गैरसैंण के द्वारा शैक्षिक प्रमाण पत्रों से छेड - छाड / फर्जी शैक्षिक अंक पत्र के आधार पर राजकीय सेवा में नियुक्ति प्राप्त की है । वादी की तहरीर के आधार पर थाना गोपेश्वर पर तत्काल मु०अ०सं० - 03/25 धारा-318(4)/436(3)/338/340(3) भारतीय न्याय संहिता बनाम शिव कुमार सैनी पंजीकृत किया गया । पुलिस अधीक्षक चमोली सर्वेश पंवार ने उक्त मामले का त्वरित संज्ञान लेते हुए विवेचना अधिकारी को अवाश्यक दिशा - निर्देश निर्गत किए । पुलिस अधीक्षक के आदेश के अनुपालन में अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम की गठन किया गया । विवेचना के दौरान आवश्यक विभागीय दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि , अभियुक्त शिवकुमार सैनी स्व० रणजीत सिंह सैनी , निवासी - शिवपुरम पनियाला रोड , कोतवाली गंगनहर रुड़की हरिद्वार , उम्र 57 वर्ष द्वारा फर्जी शैक्षिक दस्तावेजों के आधार पर वर्ष 2008 में शिक्षा विभाग में बेसिक शिक्षक के पद पर गैरसैण चमोली में नौकरी प्राप्त की थी । जिसे विभाग द्वारा विभागीय जांच के पश्चात बर्खास्त कर दिया गया था ।
अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु गठित टीम द्वारा संबंधित विभाग से संपूर्ण विभागीय जांच पत्रावली तलब कर अभियुक्त उपरोक्त के सभी बैंक खातों व संपत्ति संबंधी आदि जानकारी की गयी तो संज्ञान में आया कि अभियुक्त वर्तमान में हरिद्वार थाना गंगनहर रुड़की हरिद्वार क्षेत्र में रह रहा है । जिसके बाद सर्विलांस सेल चमोली द्वारा दी गयी सटीक जानकारी व मुखबिर की सूचना पर गठित पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त शिवकुमार सैनी को शिवपुरम पनियाला रोड रुड़की , हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया । विवेचना के दौरान संज्ञान में आया कि अभियुक्त द्वारा वर्ष 1989 में अपना इंटरमीडिएट का शैक्षिक प्रमाण पत्र फर्जी तरीके से बनाया गया था । जिसके आधार पर उसके द्वारा वर्ष 2008 में शिक्षा विभाग में बेसिक शिक्षक के रूप में नौकरी प्राप्त की थी । पुलिस द्वारा अभियुक्त के सभी बैंक खातों / फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर पाई गई सरकारी नौकरी के दौरान अर्जित की गई संपत्ति की भी जांच की जा रही है ।
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