तस्करी : भालू की पित्त के साथ तस्कर गिरफ्तार
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
पिथौरागढ़ ( Pithoragarh ) - जिले में एसटीएफ के हाथ एक बड़ी सफलता लगी है । एसटीएफ़ टीम ने वन प्रभाग पिथौरागढ़ व वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो दिल्ली की टीम को साथ लेकर पिथौरागढ़ में 02 भालू की पित्त के साथ 01 अन्तर्राष्ट्रीय वन्यजीव तस्कर को किया गिरफ्तार किया है । बताया जा रहा है , वन्यजीव तस्कर की गिरफ्तारी जनपद पिथौरागढ़ के पिथौरागढ़ फारेस्ट रेंज से की गयी । मिली जानकारी के मुताबिक बरामद पित्त 1 - 2 वर्ष पुरानी होने की सम्भावना है ।एसटीएफ व वन प्रभाग की टीमें कर रही हैं विस्तृत पूछताछ -
पूछताछ में पता चला कि तस्कर नेपाल के बैतड़ी जिले का रहने वाला है । शातिर तस्कर का अन्य अपराधों में भी शामिल होने की आशंका जताई जा रही है ।तस्करों की धरपकड़ के शख़्त निर्देश -
राज्य में वन्य जीव अंगो की अवैध तस्करी में लिप्त तस्करों की अवैध गतिविधियों की रोकथाम व धरपकड़ हेतु पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड दीपम सेठ द्वारा एसटीएफ को कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए थे । जिसके अनुक्रम में एसएसपी एसटीएफ नवनीत भुल्लर द्वारा अपनी टीमों को निर्देशित किया गया था । इसी क्रम में सीओ एसटीएफ आर ० बी ० चमोला के निर्देशन में गठित एसटीएफ की कुमायूँ यूनिट द्वारा पिथौरागढ़ वन प्रभाग व WCCB को साथ लेकर एक ऑप्रेशन में पिथौरागढ़ फोरेस्ट रेंज स्थित शिलोनी अड़किनी तिराहे के पास से एक 65 वर्षीय वन्यजीव तस्कर शेरी राम पुत्र झुपरी राम , निवासी - ग्राम रोड़ी देवल , विजुल , जिला - बेतड़ी अंचल महाकाली , नेपाल को 02 भालू की पित्त के साथ गिरफ्तार किया गया ।लम्बे समय से तस्करी में लिप्त था तस्कर -
बताया जा रहा है , गिरफ्तार तस्कर लम्बे समय से वन्यजीव अंगो की तस्करी में लिप्त था । एसटीएफ की इस कार्यवाही में मुख्य आरक्षी महेन्द्र गिरि व किशोर कुमार की विशेष भूमिका रही ।एसटीएफ को मिला था इनपुट -
वन्यजीव तस्करों का लम्बे समय से नेपाल से भारत में वन्यजीव अंगो की तस्करी करने का इनपुट एसटीएफ के पास आया था । जिस पर एसटीएफ की एक टीम को गोपनीय रुप से इस पर कार्यवाही करने हेतु लगाया गया था । जब ये तस्कर माल को बेचने के लिए भारत आया तो इसे टीम द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया । अब जांच व पूछताछ के बाद स्पष्ट हो पाएगी कि भालुओं की पोचिंग कब कहाँ किस जंगल में किस तरह की गयी है । भालू को वन्यजीव जन्तु संरक्षण अधिनियम की पहली अनुसूची में रखा गया है इसका शिकार करना एक गम्भीर अपराध है । पकड़े गये तस्कर के विरुद्ध वनप्रभाग पिथौरागढ़ फॉरेस्ट रेंज में वन्यजीव अधि० ( वाइल्ड लाइफ एक्ट ) के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है ।एसटीएफ की जनता से अपील -
एसएसपी एसटीएफ ने जनता से अपील की है , कि वह वन्यजीवों की तस्करी करने वाले तस्करों के विरूद्व कार्यवाही हेतु तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या एसटीएफ उत्तराखण्ड ( 0135-2656202 ) से सम्पर्क करें । उत्तराखंड एसटीएफ आगे भी वन्यजीव तस्करों के विरुद्ध कार्यवाही करती रहेगी , ताकि बेजुबान जानवरों के शिकार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके ।एसटीएफ टीम में ये लोग रहे शामिल -
निरीक्षक एम०पी० सिंह , अ०उ०नि० प्रकाश भगत , मुख्य आरक्षी महेन्द्र गिरि , मुख्य आरक्षी किशोर कुमार , आरक्षी दीपक भट्ट , मु० आरक्षी चालक संजय कुमारपिथौरागढ़ वन प्रभाग टीम में ये लोग रहे शामिल -
कैलाश चन्द्र वन दरोगा ( वन प्रभाग पिथौरागढ़ ) , मनोज ज्याला वन आरक्षी , किरन नगरकोटी म० वन आरक्षी , निरजंन कन्याल वन आरक्षी ।
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