सावधान : क्या आप भी रोज नहाते हैं ?
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
दिल्ली - हाल में हुए एक सर्वे में पता चला कि भारत , इंडोनेशिया और जापान के लोग सबसे अधिक नहाते हैं । ये भी कहा जाता है कि रोज नहाना त्वचा और शरीर के लिए बेहतर है । अगर भारत की बात की जाय तो यहां लोग धार्मिक मान्यताओं की वजह से भी रोज नहाते हैं ।जानिए , क्या कहता है नया शोध -
नए शोध में बताया जा रहा है कि रोज नहाना पानी की बर्बादी के साथ - साथ शारीरिक और मानसिक रूप से हानिकारक भी साबित हो सकता है । रोज नहाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता घटती है और ठंड के दिनों में रोज नहाना त्वचा के लिए भी हानिकारक है । अगर ब्यक्ति शारीरिक श्रम से पसीना नहीं बहाता और धूल - मिट्टी में नहीं रहता है तो उसे रोज नहाने की आवश्यकता नहीं है ।रोज नहाने से शुष्क हो सकती है आपकी त्वचा -
अमेरिका के सिएटल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ जॉयस पार्क के अनुसार , रोज स्नान करने से आपकी त्वचा शुष्क हो सकती है , पपड़ी जम सकती है और लालिमा व खुजली हो सकती है ।रोज नहाने से बंद हो सकते हैं रोम छिद्र -
न्यूयार्क की त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ मारिसा का कहना है , यदि व्यक्ति को अत्यधिक पसीना आता है तो पसीने की दुर्घन्ध को दूर करने के लिए नहाना जरूरी है अन्यथा ज्यादा नहाना रोमछिद्रों को बंद कर सकता है और त्वचा पर फुंसियों को जन्म दे सकता है ।ज्यादा नहाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता हो सकती है कम -
अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ़ यूटा के एक अध्ययन में ये बताया गया कि , ज्यादा नहाने से शरीर के सुरक्षा कवच को हानि पहुंचती है और रोगाणुओं व विषाणुओं से लड़ने की क्षमता कमजोर पड़ने लगती है , जो धीरे - धीरे सेहत को नुकसान पहुंचाती है । इतना ही नहीं ठंड में ज्यादा नहाने से पाचन तंत्र पर भी बुरा असर पड़ता है । इसीलिए जरूरत से अधिक नहाना फायदे का सौदा नहीं बल्कि नुकसान का सौदा हो सकता है ।