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Monday, 12-October-2026

Home आस्था / आध्यात्म

वीडियो : यहां लाखों श्रद्धालु नहीं कर पाते हैं यात्रा पूरी - Uttarakhand Hindi Samachar

Posted by admin
Posted Date: 2025-03-03 10:59:41
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वीडियो : यहां लाखों श्रद्धालु नहीं कर पाते हैं यात्रा पूरी


(Report - uttarakhandhindisamachar.com)

चम्पावत ( Champawat ) - कहा जाता है उत्तराखंड के कण - कण में देवी देवताओं का वास है । इस बात को हिन्दू धर्म के लोग ही नहीं बल्कि सिख्ख धर्म के लोग भी मानते हैं । वीडियो का लिंक खबर के अंत में दिया गया है । उत्तराखंड में एक ऐसा गुरुद्वारा है जो सिक्ख धर्म के साथ - साथ हिन्दू धर्म के लोगों की आस्था का केंद्र भी है ।
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लेकिन क्या आप जानते हैं , यहां आने वाले लाखों श्रद्धालु जानकारी के अभाव में अपनी यात्रा पूरी नहीं कर पाते हैं । वीडियो का लिंक खबर के अंत में दिया गया है । आज हम बात कर रहे हैं उत्तराखंड के चम्पावत जिला अंतर्गत गुरुद्वारा श्री रीठा साहिब की । चम्पावत के लधियाघाटी के दयूरी गांव में स्थित गुरुद्वारा रीठा साहिब लधिया और रतिया नहीं के किनारे स्थित है ।
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लधिया और रतिया नदी के किनारे सुंदर पाकृतिक दृश्य देखकर आप ये कल्पना कर सकते हैं मानो प्रकृति ने अपने खूबसूरत रंग भरकर एक बेहतरीन लैंडस्केप बनाया है । चलिए अब बात करते हैं यहां की धार्मिक मान्यता की । वीडियो खबर के अंत में दिया गया है । कहा जाता है गुरुनानक देव अपने शिष्य बाला और मरदाना के साथ रीठा साहिब आए थे । इस दौरान गुरु नानक देव की मुलाकात सिद्ध मंडली के महंत गुरु गोरखनाथ के चेले गुरु ढ़ेरनाथ के साथ हुई ।
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इस मुलाकत के बाद दोनों सिद्ध प्राप्त गुरु , गुरु नानक देव और गुरु ढ़ेरनाथ बाबा आपस में संवाद कर रहे थे । इस संवाद के दौरान मरदाना को भूख लगी और उन्होंने गुरु नानक देव से भूख मिटाने के लिए कुछ खाने को मांगा ।
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तभी गुरु नानक देव ने पास के रीठे पेड़ से फल तोड़ कर खाने को कहा , लेकिन रीठे का फल आमतौर पर स्वाद में कड़वा होता है , लेकिन जो रीठे का फल गुरु नानक देव ने भाई मरदाना को खाने के लिए दिया था वो कड़वा रीठा फल , गुरु नानक देव के चमत्कार से से मीठा और स्वादिष्ट हो गया । जिसके बाद इस धार्मिक स्थल का नाम इस फल के कारण रीठा साहिब पड़ गया । अब रीठा साहिब में बैशाखी पूर्णिमा के अवसर पर विशाल मेले का आयोजन किया जाता है । रीठा साहिब आने वाले श्रद्धालुओं का यहां की प्राकृतिक सुंदरता मन मोह लेती है ।
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जिसके चलते हर साल लाखों की संख्या में देश - विदेश से हर धर्म के श्रद्धालु यहां आते है और रीठा साहिब में मत्था टेक कर मन्नते मांगते है । लेकिन कहा जाता है , तब तक ये यात्रा पूरी नहीं मानी जाती है जब तक आप ....

अधिक जानने व वीडियो देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर टच करें -

https://youtu.be/tc_YC9nqVHA?si=O535Nf3AOJfO9-i8


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