उत्तर भारत के विशाल मेले की तैयारियां जोरों पर
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
कुमाऊं आयुक्त ने उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध मां पूर्णागिरी मेले की विभिन्न व्यवस्थाओं के संबद्ध में ली समीक्षा बैठक ।
पूर्णागिरी मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुगमता मिले - आयुक्त कुमाऊं ।
भंडारे लगाने के लिए सिंगल विंडो परमिशन सिस्टम लागू करने और प्रक्रिया को सरल बनाने के आयुक्त ने दिए निर्देश ।
चम्पावत ( Champawat ) -जिले में आयोजित होने वाले उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध मां पूर्णागिरी मेला - 2025 की विभिन्न व्यवस्थाओं के संबंध में कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने मंगलवार को एनएचपीसी , विश्राम गृह बनबसा में समीक्षा बैठक ली । कुमाऊं कमिश्नर रावत ने मां पूर्णागिरी मेले के संबंध में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि , पूर्णागिरी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम व सुरक्षित हो । श्रद्धालुओं को यात्रा एवं पैदल मार्गो पर किसी तरह की कोई दिक्कत न हो , इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाए । उन्होंने कहा कि पूर्णागिरी मेले में आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु अच्छा अनुभव लेकर जाए ।तीसरी आंख से होगी मेले पर नजर -
कुमाऊं आयुक्त ने मेले के दौरान किराया नियंत्रण और वाहनों की फिटनेस को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए । इसके साथ - साथ सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आईपी आधारित सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम को शीघ्र पूरा करने के आदेश दिए ।सफाई व पेयजल की होगी उचित व्यवस्था -
समीक्षा के दौरान प्रभारी जिलाधिकारी जयवर्धन शर्मा ने बताया कि इस वर्ष मेले की सफाई व्यवस्था पहली बार सुलभ इंटरनेशनल द्वारा की जाएगी , जिससे स्वच्छता मानकों में सुधार होगा । साथ ही श्रद्धालुओं को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पियाऊ , वाटर कूलर , टैंकर एवं दो सोलर हैंड पंप की व्यवस्था की जाएगी ।प्रकाश की हो उचित व्यवस्था - कुमाऊं कमिश्नर
दीपक रावत ने मेला क्षेत्र में अनाधिकृत पेयजल संयोजन को समाप्त करने तथा अस्थायी पथ प्रकाश व्यवस्था , सोलर स्ट्रीट लाइट एवं हाई मास्ट लाइट को सही करने के निर्देश दिए हैं । साथ ही उन्होंने ओवरहैंगिंग वायर को व्यवस्थित करने के लिए संबंधित विभाग को शीघ्र कार्रवाई करने के भी निर्देश संबंधित अधिकारी को दिए ।चिकित्सा सुविधाओं का हो विशेष इंतजाम -
कुमाऊं कमिश्नर ने मेला अवधि में चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए पर्याप्त संख्या में डॉक्टरों की तैनाती सुनिश्चित करने , ऑक्सीजन सिलेंडर , मोबाइल केयर यूनिट एवं एसडीआरएफ टीम की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए । उन्होंने कहा मेले में भीड़ प्रबंधन को सुचारु रखने के लिए पैदल मार्ग पर चैन डिवाइडर , अनधिकृत मार्गों पर अस्थायी बैरिकेडिंग तथा जगह-जगह साइनेज बोर्ड लगाए जाएंगे , जिससे श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान सुगमता होगी । इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा कि फायर सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए धर्मशालाओं में अग्निशमन यंत्र एवं फर्स्ट एड किट अनिवार्य किए गए हैं । साथ ही फायर यूनिट और फायर वॉचर की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए । आयुक्त ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं मूल्य नियंत्रण के लिए रेट लिस्ट जारी करने एवं नियमित चेकिंग के आदेश दिए गए । सुझावों के लिए सुझाव रजिस्टर उपलब्ध कराया जाएगा । इसके अलावा, भंडारे लगाने के लिए सिंगल विंडो परमिशन सिस्टम लागू करने और प्रक्रिया को सरल बनाने के निर्देश भी कमिश्नर द्वारा दिए गए । इस दौरान कुमाऊं आयुक्त/सचिव मुख्यमंत्री ने ककराली गेट से पूर्णागिरि यात्रा मार्ग तथा बूम घाट , उचौलीगोठ पार्किंग , ठुलीगाड़ पार्किंग , भैरव मंदिर पार्किंग स्थल का निरीक्षण भी किया । निरीक्षण के दौरान उन्होंने बूम घाट में सुरक्षा हेतु सीसीटीवी की स्थापना तथा महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम की व्यवस्था करने के निर्देश दिए । इसके अलावा उन्होंने पार्किंग स्थल पर पर्याप्त संख्या में शौचालय व्यवस्था को चाक - चौबंद रखने के साथ साथ शौचालयों में पर्याप्त मात्रा में पानी कि व्यवस्था करने के निर्देश मेला मजिस्ट्रेट व जिला पंचायत को दिए । उन्होंने बाटनागाड़ में क्षतिग्रस्त सड़क के सुधारीकरण कार्य करने के निर्देश लोनिवि के अधिकारियों को दिए । इस दौरान एसडीएम नितेश डांगर , तहसीलदार टनकपुर जगदीश गिरी , अधिशासी अभियंता जल संस्थान पवन सिंह , जिला पंचायत से अनिल रावत , मंदिर समिति के प्रतिनिधि , जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल , अभियंता लोक निर्माण विभाग लक्ष्मण सिंह सामंत , वन विभाग , यूपीसीएल , पुलिस , उरेडा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे ।
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