चम्पावत से गबन मामले को लेकर अब आई बड़ी खबर
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
चम्पावत ( Champawat ) - जिले के पाटी विकासखंड अंतर्गत साधन सहकारी समिति दूबड़ में किसानों ने समिति सचिव पर गबन के आरोप लगाए हैं । इस मामले को उत्तराखंड हिंदी समाचार ने लगातार प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया है । यहां एसआईटी जांच सहित तीन सूत्रीय मांगों को लेकर उत्तराखंड किसान संगठन के बैनर तले उत्तराखंड किसान संगठन के संयोजक नरेंद्र उत्तराखंडी के नेतृत्व में किसानों का लगातार 38वें दिन भी धरना प्रदर्शन जारी रहा । धरना प्रदर्शन के 38वें दिन एक बड़ी खबर आ रही है । अब गबन मामले को संवेदनशील और गंभीर मानते हुए सहकारिता विभाग की जांच टीम समिति में पहुंची है । पांच सदस्यीय जांच टीम अब दूबड़ समिति पहुंच चुकी है , जांच टीम में सहकारिता विभाग के पांच लोग शामिल हैं । जांच समिति का अध्यक्ष अपर जिला सहकारी अधिकारी पाटी नलिन विश्वकर्मा को बनाया गया है । चल रही है जनसुनवाई -
मिली जानकारी के मुताबिक जांच समिति के अध्यक्ष व सदस्यों द्वारा 10 अप्रैल को सहकारी समिति दूबड़ में प्रातः 11 बजे जनसुनवाई शुरू की गई । खबर लिखे जाने तक यानी शाम 7:30 बजे तक जांच जारी थी । बताया गया किसानों के बयान और शिकायतें भी दर्ज की जा रही हैं और अभिलेखों की जांच भी चल रही है ।38वें दिन भी जारी रहा धरना -
10 अप्रैल को एक ओर समिति में जांच चल रही थी , वहीं दूसरी ओर किसानों ने 38वें दिन भी समिति में धरना प्रदर्शन जारी रखा ।किसानों ने सरकार को गूंगी - बहरी सरकार कहा -
38वें दिन धरना स्थल में उत्तराखंड किसान संगठन के संयोजक नरेंद्र उत्तराखंडी के नेतृत्व में एसआईटी जांच सहित तीन सूत्रीय मांग को लेकर खष्टी बल्लभ सकलानी , खुशाल बोहरा , त्रिभुवन सकलानी , केशव दत्त भट्ट , शिवराज सिंह बोहरा , हयात सिंह बोहरा सहित तमाम किसानों ने क्रमिक अनशन किया । किसानों ने सरकार को निशाने में लेते हुए गूंगी सरकार कहा । ।जमकर लगे नारे और फूंका पुतला -
धरनास्थल में किसानों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए उत्तराखंड सरकार का पुतला फूंका और शासन / प्रशासन होश में आओ के नारे भी लगाए ।ये सरकार गूंगी और बहरी है - नरेंद्र
किसानों को संबोधित करते हुए नरेंद्र उत्तराखंडी ने उत्तराखंड सरकार को गूंगी - बहरी सरकार घोषित कर दिया । उनने कहा , 38 दिन तक धरना / क्रमिक अनशन करने के बाद भी अगर किसानों का दर्द सरकार को दिखाई और सुनाई नहीं देता है , तो जाहिर है कि सरकार गूंगी और बहरी है । इस धरने के समर्थन में काशी राम , भुवन राम , प्रकाश राम , केशवराव , दया राम , नवीन राम , लक्ष्मण राम केशव राम , मोहन राम , दया राम , प्रयाग दत्त , शंकर दत्त उत्तम सिंह , घनश्याम , छत्तर राम सहित दर्जनों किसान रहे ।वीडियो देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर टच करें -
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