मेहनत : पशुपालन व्यवसाय ने आशा के भविष्य की आशाओं में लगाये पंख
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
ग्रामोत्थान परियोजना ने गरीब महिला के जीवन में जोड़े नए आयाम ।
चम्पावत ( Champawat ) - ग्रामोत्थान योजना से चम्पावत जिले के बाराकोट ब्लॉक अंतर्गत गल्ला गांव की आशा देवी के भविष्य की आशाओं में पंख लग रहे हैं । कालसन बाबा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी इस महिला ने जब गांव में होने वाली सामूहिक बैठक में सुना की बगैर ब्याज के 35 हजार रुपए मिल रहे हैं , जिससे गाय भैंस बकरी आदि पालकर अपने लिए आजीविका का साधन जुटाया जा सकता है । ये सुनते ही , आशा ने बगैर देर किए गाय पालने के लिए अपने समूह में आवेदन कर दिया । यह एक ऐसा संयोग था कि , आशा को परियोजना से रुपए मिलने के साथ ही एक गांव में उसे अच्छी दुधारू गाय भी मिल गई । इस गाय से अब आशा को 5 हजार रुपए की अतिरिक्त मासिक आमदनी होने लगी है । जहां पहले वह हाड़तोड़ मेहनत करने के बावजूद भी अच्छी कमाई नहीं कर पाती थी , अब वह डेयरी में दूध बेचने के साथ अपने बच्चों को घी , दही , मट्ठा भी खिला रही है । अब कम्पोस्ट खाद भी बन रही है , जिससे सब्जियों का उत्पादन भी हो जाता है और सब्जी आदि में खर्च होने वाले पैसों की भी बचत हो रही है । अपने पहले ही प्रयास में मिली आशातीत सफलता से उत्साहित आशा एक और गाय का जुगाड़ करने में लगी है । अब आशा को मिली कामयाबी को देखते हुए अन्य महिलाएं भी प्रेरित हो रही है ।
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