शोभा यात्रा के साथ संगीतमय श्री राम कथा प्रवचन का शुभारंभ
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
रिपोर्ट - सूरज लडवाल
चम्पावत ( Champawat ) - जिले के सुप्रसिद्ध श्री जैचंम मंदिर प्रांगण में भव्य कलश यात्रा के साथ श्री राम कथा प्रवचन की शुरुआत हो चुकी है । कथावाचक प्रकाश कृष्ण शास्त्री जी महाराज के कथावाचन व प्रकाश नाथ जी महाराज के संरक्षण में श्री जैचंम मंदिर कूंण में ये कथा शुरू हो चुकी है । हम आपको बता दें , 28 मई से शुरू श्री राम कथा 5 जून तक चलेगी । जिसमें प्रतिदिन सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक मूलपाठ , प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक प्रवचन और 5 जून को पूर्णाहूति व भंडारे का आयोजन होगा ।यहां जाने के लिए मन और तन स्वच्छ होना बेहद जरूरी -
श्री जैचंम निर्मांसी परिसर में मांस व मदिरा का सेवन करके जाना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है । यहां सदियों से मान्यता है कि , यहां के लोग जब भी मन्दिर जाने का विचार करते हैं तो सात्विक भोजन के बाद ही जाते हैं । मान्यता है , अगर आप मंदिर परिसर में मांस व मदिरा का सेवन करके जाते हैं तो अशुभ घटित हो सकता है ।धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से है महत्वपूर्ण -
चम्पावत जिले के पाटी विकासखंड मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूर कूंण गांव की चोटी में स्थित ये मंदिर पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है । बांज और काफल के जंगलों के बीच स्थित इस मंदिर में जाने मात्र से ही मन शांत हो जाता है । यहां से दिखाई देने वाली हिमालय श्रंखला और आसपास का प्राकृतिक सौंदर्य इतना मनोरम है कि हर कोई अवाक रह जाता है । गर्मियों के इस मौसम में बांज के झुरमुट के बीच स्थित इस मंदिर के आसपास की शीतलता मनुष्य के दिमाक और शरीर को ऐसी ठंडक देती है कि लोग इसे चाहकर भी भुला नहीं पाते हैं । श्रद्धालुओं का कहना है , यहां एक बार जाने के बाद फिर बार - बार जाने की इच्छा होती है ।ये शानदार धार्मिक पर्यटक स्थल सरकार की नजर से दूर क्यों ?
सरकार कहती है कि , उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन को बढाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं । लेकिन समझ नहीं आता है कि , ये शानदार धार्मिक पर्यटक स्थल सरकार की नजर से दूर क्यों है ? अगर सरकार चाहे तो , इस मंदिर के आसपास ही ऐसे पर्यटक स्थल विकसित कर सकती है जो पर्यटन के लिए एक बेहतरीन श्रंखला बन सकती है , क्योंकि यहां आसपास में प्रकृति का ऐसा खजाना है कि , यहां आकर कोई वापस जाना ही नहीं चाहता है ।
खबर से जुड़ी अन्य तस्वीरें: