बोले सो निहाल , सतश्री अकाल के उद्घोष के साथ गूंज उठी लधियाघाटी
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
तीन दिनी सालाना जोड़ मेले का हुआ आगाज , हजारों लोग बने साक्षी ।
चम्पावत ( Champawat ) - जिले के लधिया व रतिया नदी के पावन संगम में स्थित दुनिया में मीठे रीठे के चमत्कार के लिए प्रसिद्ध गुरुद्वारा श्रीरीठासाहिब में जो बोले सो निहाल सतश्रीअकाल के उद्घोष के साथ तीन दिनी सालाना जोड़ मेला शुरू हो गया है । जोड़ मेले का उद्घाटन उपजिलाधिकारी नितेश डांगर द्वारा किया गया । इससे पूर्व कार सेवा प्रमुख बाबा बच्चन सिंह एवं गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष बाबा सुरेंद्र सिंह द्वारा यहां पांच दर्जन कमरों के रैन बसेरे का शुभारंभ किया गया । अब इस रैन बसेरे के कारण यहां आने वाले तीर्थ यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी । इस अवसर पर देश - विदेश से आए तीर्थ यात्रियों का स्वागत करते हुए एसडीएम ने कहा कि गुरुद्वारा श्रीरीठासाहिब में होने वाला यह मेला चंपावत जिले की दुनिया में पहचान बनाता है ।इस मेले में तीर्थ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने एवं उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत ना हो इसके लिए पुलिस व प्रशासन द्वारा पूरा प्रयास किया गया है । इस अवसर पर बाबा सुरेंद्र सिंह ने कहा कि सिख धर्म की उत्पत्ति ही परमार्थ के लिए ही हुई है । यह ऐसा धर्म है जिसमें हम दूसरों की खुशी में अपनी खुशी तलाश कर प्रसन्न रहते हैं । इस अवसर पर मुख्य अतिथि एसडीएम का गुरुद्वारा प्रबंधक बाबा श्याम सिंह , नानक मत्ता गुरुद्वारे के प्रबंधक बाबा रविन्द्र सिंह , सचिव अजीत पाल सिंह , डॉ कुलविंदर सिंह , जिला सूचना अधिकारी धीरज कार्की , जल संस्थान के सहायक अभियंता पीएन पुनेठा , तहसीलदार ईश्वर सिंह मौजूद रहे । यहां , मेले को लेकर पुलिस का तगड़ा बंदोबस्त किया गया है । जगह - जगह पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं । मेला क्षेत्र को सीसीटीवी से कवर किया गया है । वही अमृतसर , दिल्ली , आदि स्थानों से सिखों की वीरता एवं शौर्य का प्रदर्शन करने वाले रागी दाडी जत्थों की यहां धूम शुरू हो गई है । रीठा साहिब में मुख्य मेला 10 जून को होगा । गुरु घर में मुख्य ग्रंथि निर्मल सिंह एवं अन्य लोगों द्वारा श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पाठ की लड़ी शुरू की गई है । दीवान हॉल में गुरु महाराज के जीवन एवं श्रीरीठासाहिब के इतिहास की जानकारी भी दी जा रही है । मेले में पंजाब , दिल्ली , हरियाणा , राजस्थान राज्यों के अलावा उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के कई जिलों से तीर्थ यात्री यहां आ रहे हैं । मेले में स्वच्छता , चिकित्सा , पेयजल की पुख्ता व्यवस्था की गई है । रोडवेज द्वारा अतिरिक्त बसों का संचालन किया जा रहा है । इस दफा टनकपुर मार्ग से आने वाले छोटे वाहनों के लिए सूखीढांग से रीठासाहिब मार्ग खोल दिया गया है , जिससे तीर्थ यात्रियों की यात्रा की दूरी कम हो गई है । जिलाधिकारी नवनीत पांडे एवं पुलिस अधीक्षक अजय गणपति द्वारा तीर्थ यात्रियों का मेहमान की तरह स्वागत कर उन्हें बेहतर सुविधाएं देने के पहले ही निर्देश दिए जा चुके हैं । तीर्थ यात्रियों के लंगर के लिए यहां 400 से अधिक सेवादार अपनी सेवाएं दे रहे हैं । गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष बाबा सुरेंद्र सिंह एवं बाबा श्याम सिंह द्वारा यहां स्थाई पार्किंग की व्यवस्था करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा उनके लिए गुरु घर में विशेष अरदास भी की गई । रीठासाहिब को जोड़ने वाले मार्ग में कई स्थानों में सिख संगत द्वारा यात्रियों के लिए लंगर सेवा की जा रही है जिसका तीर्थ यात्री पूरा लाभ उठा रहे हैं । कई स्थानों में जलेबी सेवा , शरबत सेवा , जलजीरा सेवा आदि की जा रही है ।
फोटो : रीठासाहिब में जोड़ मेले का उद्घाटन करती एसडीम नितेश डांगर साथ में गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष बाबा सुरेंद्र सिंह तथा मार्ग में सिख संगत द्वारा लगाया गया लंगर ।
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