पंचायतों में जल्द लागू हो सकती है आचार संहिता
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
देहरादून ( Dehradun ) / उत्तराखंड की पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति के बाद आरक्षण का फार्मूला भी जारी हो चुका है । राज्य के हरिद्वार जिले को छोड़ शेष 12 जिलों में आरक्षण की तस्वीर 13 जून को सामने आएगी । इस पर आपत्तियों की सुनवाई की प्रक्रिया के बाद 19 जून को आरक्षण की तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी ।एसटी को जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर आरक्षण नहीं -
आरक्षण के फार्मूले में जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण का प्रावधान तय नहीं किया गया है । एससी और ओबीसी के लिए दो - दो पद आरक्षित रखे जाएंगे , लेकिन अनुसूचित जनजाति को इस फार्मूले से बाहर रखा गया है ।जानिए , कैसा होगा ग्राम प्रधान में आरक्षण -
एसटी वर्ग के लिए 226 सीट आरक्षित होंगी । इनमें 50%सीट महिलाओं के लिए हैं । एससी के लिए 1467 सीट आरक्षित हैं , जिनमें से 734 महिलाओं के लिए हैं । ओबीसी के लिए ग्राम प्रधान की 1250 सीट आरक्षित हैं , जिनमें से 50% यानी 625 सीट महिलाओं के लिए आरक्षित हैं ।जानिए , कैसा होगा ब्लॉक प्रमुख का आरक्षण -
ब्लॉक प्रमुख में एसटी के लिए 3 पद , जिसमें 2 पद एसटी महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे । एससी के लिए 18 सीटें आरक्षित होंगी , जिनमें 50% महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी । ओबीसी के लिए 15 सीटें आरक्षित रहेंगी ।जानिए , कैसा रहेगा जिला पंचायत अध्यक्ष का आरक्षण -
आबादी को ध्यान में रखते हुए एसटी के लिए आरक्षण नहीं रखा गया है । एससी के लिए 2 आरक्षित सीटें हैं , जिसमें 1 एससी महिला के लिए आरक्षित रहेगी । ओबीसी के लिए 2 सीटें आरक्षित रहेंगी , जिसमें 1 सीट ओबीसी महिला के लिए होगी ।आपत्ति दर्ज करने का अधिकार सबका है -
पंचायतों के आरक्षण पर आपत्ति दर्ज कराने का अधिकार सबका होगा । अगर आपत्तिकर्ता मौखिक आपत्ति दर्ज करना चाहता है तो , तो इसकी मौखिक सुनवाई का विवेक जिलाधिकारी का होगा । यदि डीएम को लगेगा कि आपत्तिकर्ता को मौखिक सुनवाई के लिए बुलाना जरूरी है तो उसे अवसर मिलेगा अन्यथा नहीं बुलाया जाएगा ।जल्द लागू होगी आचार संहिता -
पंचायती चुनाव की आचार संहिता 19 जून के बाद लागू हो सकती है ।
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