पूर्णागिरि मेले को वर्ष भर आयोजित करने के लिए डीएम ने लिया जायजा
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
मेला वर्ष भर जारी रहने से चंपावत जिले का होगा समग्र विकास - जिलाधिकारी ।
चम्पावत ( Champawat ) - उत्तर भारत के आस्था के प्रमुख केंद्र पूर्णागिरि धाम में आयोजित होने वाले मेले में तीर्थ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने एवं मुख्यमंत्री द्वारा इस मेले को वर्ष भर आयोजित करने की घोषणा को जमीनी भी रूप देने के लिए जिलाधिकारी मनीष कुमार ने यहां की परिस्थितियों का जायजा लेना शुरू कर दिया है । जिलाधिकारी ने ककराली गेट से लेकर मुख्य मंदिर तक पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण चूका गांव का भी सरसरी तौर पर निरीक्षण किया । वर्तमान में जिला पंचायत प्रतिवर्ष 15 मार्च से 15 जून यानी तीन माह तक के लिए मेले में यात्रियों को सुविधाएं देती है । जबकि बरसात को छोड़कर शेष माहों में भी यहां तीर्थ यात्रियों की आवाजाही बनी रहती है । बरसात में किरोड़ा एवं बटलागाड़ तीर्थ यात्रियों की राह रोक देते हैं । अब यहां साल भर तक मेला आयोजित करने के लिए विशेषज्ञों की राय ली जाएगी ।तीर्थ यात्रियों के लिए धर्मशाला , पार्किंग , स्वच्छता , चिकित्सा , पेयजल आदि की स्थाई सुविधा को अलग नजरिए से देखने की जरूरत होगी । हालांकि जिलाधिकारी ने अपने दौरे में साथ गए तकनीकी अधिकारियों को विभिन्न कार्यों की डीपीआर बनाने को कहा है । वैसे लोग पूर्णागिरि मेले का वैष्णो देवी की तर्ज पर समग्र विकास के लिए यहां भी ट्रस्ट बनाने की मांग करते आ रहे हैं । इसके लिए चंपावत जिले की स्थापना के साथ ही यहां के एक पीसीएस अधिकारी को वैष्णो देवी भेज कर ट्रस्ट बनाने के लिए रफ कार्य किया भी जा चुका है , जो अभी ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है । पूर्णागिरि को ट्रस्ट का रूप देने से पूर्व पूर्णागिरि मेला विकास प्राधिकरण की भी मांग दबी हुई है , यदि बनबसा से पूर्णागिरि तक के क्षेत्र को प्राधिकरण की परिधि में लाते हुए यहां का विकास किया जाए तो मेला क्षेत्र का फैलाव होने के साथ वर्ष भर तीर्थ यात्रियों की आवाजाही सुनिश्चित रखी जा सकती है । जिलाधिकारी ने अपने पहले दौरे में मेले की व्यवस्थाओं व भविष्य के विकास की संभावनाओं पर अपना ध्यान केंद्रित किया है । डीएम का मानना है कि , यहां वर्ष भर मेला आयोजित किए जाने से जिले का पर्यटन , धार्मिक पर्यटन , इको टूरिज्म की व्यापक संभावनाओं को यह मेला मूर्त रूप देगा । यहां आने वाले तीर्थ यात्रियों को जिले की श्यामलाताल , चंपावत , लोहाघाट और देवीधुरा की वादियों एवं धार्मिक स्थलों से रूबरू किए जाने से समग्र विकास के सोच को बल मिलेगा । जिलाधिकारी के भ्रमण में पुलिस अधीक्षक अजय गणपति , एडीएम जयवर्धन शर्मा , एसडीएम निलेश नौटियाल , आकाश जोशी सहित तकनीकी विभागों के अधिकारी साथ थे ।