• Home
  • देश - दुनियां
  • उत्तराखंड
  • आस्था / आध्यात्म
  • पर्यावरण / प्रकृति
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • ABOUT US
  • CONTACT US
No Result
View All Result

No Result
View All Result
Top Banner Ad
Ad
Ad
Ad
Ad
Ad

Monday, 12-October-2026

Home आस्था / आध्यात्म

जब यहाँ होती थी नरबलि - Uttarakhand Hindi Samachar

Posted by admin
Posted Date: 2024-04-26 17:35:08
Share Share Share

जब यहाँ होती थी नरबलि


(Report - uttarakhandhindisamachar.com)

रक्षाबंधन पर आस्था का हुजूम उमड़ता है यहाँ
-----------------------------------------
ख़बर - संवाद सहयोगी चम्पावत

Advertisement
उत्तराखंड ( Uttarakhand ) - प्रदेश में एक ऐसा मंदिर है जहाँ पूर्व में नरबलि का प्रावधान था । आज से सदियों पहले माता के मंदिर में प्रतिवर्ष नरबलि दी जाती थी । जी हाँ हम बात कर रहे हैं उत्तराखंड के चम्पावत जिले की । चम्पावत के देवीधुरा कस्बे में स्थित माता वाराही का ये मंदिर पूरे देश में अपनी अलग पहचान के लिए प्रसिद्ध है ।
Advertisement
बताया जाता है यहाँ चार खाम यानी चार गुटों के लोगों द्वारा प्रतिवर्ष माता के गणों को प्रसन्न करने के लिए नरबलि दी जाती थी । इस प्रथा में हर परिवार की बारी आती थी ।
Advertisement
लेकिन एक समय ऐसा आया , जिस परिवार की बलि की बारी आई उस परिवार में वंश को आगे बचाने वाला सिर्फ एक बालक था । इसीलिए वंश उजड़ता देख उस बालक की दादी ने माँ वाराही की आराधना की थी औऱ माँ ने बुजुर्ग महिला को बालरूप में दर्शन देकर ताम्र दण्डिका प्रदान की औऱ खाम के मुखिया से मुलाकात करने को कहा । जिसके बाद चारों खामों के लोगों द्वारा नरबलि को बंद कर दिया गया औऱ उसके बदले बग्वाल ( पत्थर युद्ध ) की परंपरा चलन में लाई गई ।
Advertisement
यहाँ आज भी रक्षाबंधन के दिन पत्थर युद्ध में एक मनुष्य के शरीर के बराबर रक्त निकलता है । जिसे देखने यहाँ देशभर से लोग उमड़ते हैं । यहाँ के लोगों की माता पर आस्था औऱ विश्वास देखते ही बनता है । यहाँ किशोरावस्था से लेकर 90 वर्ष तक के लोग इस पत्थर युद्ध में भाग लेते हैं ।
Advertisement
लेकिन आज बदलते समय में बग्वाल के अवसर पर रक्त दान शिविर का भी आयोजन किया जाता है । अगर आप भी उत्तराखंड की इस अनूठी परंपरा के साक्षी बनना चाहते हैं तो इस रक्षाबंधन आइए उत्तराखंड के माँ वाराही धाम देवीधुरा ।


Ad
Ad

Other Related posts

    पूर्णागिरि मंदिर समिति चुनाव : 3 बार अध्यक्ष रहे किशन तिवारी फिर मैदान में , सामने 3 और दावेदार ,

    बदरीनाथ पहुंचे CM धामी ! मास्टर प्लान के कार्यों का लिया जायजा , कथा महोत्सव में संतों का किया अभिनंदन ,

    वीडियो : श्रीराम कथा के शुभारंभ के दौरान विधायक ने किया कथा मंच का उद्घाटन ,

    बग्वाल वीडियो : बग्वाल की कहानी , सिर्फ पत्थरों की बारिश तक खत्म नहीं होती...असल कहानी इसके बाद हुई शुरू ,

    बग्वाल : उम्र 96 हुई , पीढ़ियां बदल गईं...लेकिन बग्वाल की आस्था नहीं बदली ! त्रिलोक सिंह बिष्ट बोले - आस्था उम्र नहीं देखती ,

    वीडियो : बग्वाल युद्ध नहीं , सदियों पुरानी परंपरा का जीवंत निर्वहन ,

    आस्था : देवीधुरा में 28 अगस्त को गूंजेगा बग्वाल का रणघोष , 23 अगस्त को मंत्री राम सिंह कैड़ा करेंगे ऐतिहासिक मेले का शुभारंभ ,

    चम्पावत : देवीधुरा में फिर गूंजेगा मैय्या का जयकारा , 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर होगी ऐतिहासिक बग्वाल ,

    आस्था : वीकेंड पर फटकशिला मंदिर में लगी भक्तों की भीड़ , राजनीतिक हस्तियां भी पहुंची शिव महापुराण कथा सुनने ,

    चम्पावत : फटकशिला में भव्य कलश यात्रा के साथ शुरू हुई श्री शिव महापुराण कथा ,

News By Category:


खेल समाचार कृषि , बागवानी और पशुपालन राजनीति
देश - दुनियां तकनीकी समाचार उत्तराखंड
आस्था / आध्यात्म पर्यावरण / प्रकृति क्राइम
पर्यटन
  • Home
  • About
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions

© Uttarakhand Hindi Samachar, All rights reserved. Designed and Developed by LD Bhatt, Whatsapp: +91-9540281104

error: Content is protected !!
X
No Result
View All Result
  • Home
  • देश - दुनियां
  • उत्तराखंड
  • आस्था / आध्यात्म
  • पर्यावरण / प्रकृति
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • ABOUT US
  • CONTACT US

© Uttarakhand Hindi Samachar All rights reserved. Powered by ExtraGo.in