आस्था : श्रद्धा और उल्लास के साथ देवीधार महोत्सव का भव्य समापन
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
चम्पावत ( Champawat ) - उत्तराखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को जीवंत करती चम्पावत जिला अंतर्गत लोहाघाट के देवीधार की धरती पर बुधवार को पांच दिवसीय देवी महोत्सव का भव्य समापन हुआ । भक्तिभाव और पारंपरिक उल्लास के रंगों में रंगे इस महोत्सव के अंतिम दिन रायनगर चौड़ी , कलीगांव और डैंसली से निकली मां भगवती और मां महाकाली की डोला रथ यात्राओं ने जनमानस को श्रद्धा के महासागर में डुबो दिया । सुबह से ही मंदिर परिसर में पूजा अर्चना के साथ ही मेला परिसर में लगी दुकानों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटाना शुरू हो गयी थी , शाम को रायनगर चौड़ी , कलीगांव व डैंसली से देव रथ मंदिर परिसर में विधिवत परिक्रमा के साथ पहुंचे , जहां उपस्थित जनसैलाब ने जयकारों और भजनों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया । महिलाएं पारंपरिक गीतों के माध्यम से मां का गुणगान करती हुई रथों के पीछे - पीछे चल रही थीं । महोत्सव के दौरान एक अद्भुत दृश्य तब देखने को मिला , जब निसंतान महिलाएं संतान प्राप्ति की कामना लेकर मां भगवती के डोले के नीचे से गुजरीं । मान्यता है कि , सच्ची श्रद्धा से यह परंपरा निभाने वाली महिलाओं को मां की विशेष कृपा प्राप्त होती है । विगत पांच दिनों से चल रहे इस भव्य मेले में स्थानीय व्यापारियों के साथ - साथ बरेली , मुरादाबाद और बहेड़ी से आए व्यापारियों ने अपनी दुकानें सजाई । मेले में दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुओं से लेकर महिला श्रृंगार और स्वादिष्ट खाने - पीने के व्यंजनों तक की विविध दुकानें सजाई गई थी । श्रद्धालुओं ने मेले में पहुंचकर जमकर खरीददारी की , जिससे मेले का माहौल और भी जीवंत हो उठा । आयोजकों की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे । देवीधार सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष जीवन मेहता , सचिव प्रकाश राय , शिवराज सिंह , भैरव राय और नरेश राय ने सफल आयोजन पर सभी श्रद्धालुओं व सहयोगियों का आभार व्यक्त किया ।
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