पाटन - पाटनी बनी सियासी रणभूमि : पूर्व विधायक बनाम समाजसेवी की जंग
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
चम्पावत ( Champawat ) - ज़िले की जिला पंचायत सीट पाटन - पाटनी इन दिनों राजनीति का नया अखाड़ा बनी हुई है । यहां चुनावी मैदान में प्रत्याशियों में आमने - सामने की टक्कर है । यहां दो कद्दावर नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है , एक ओर पूर्व विधायक पूरन फर्त्याल की बेटी सुष्मिता फर्त्याल तो दूसरी ओर समाजसेवी और पूर्व जिला पंचायत सदस्य सचिन जोशी की पत्नी सुनीता जोशी चुनावी मैदान में हैं । इस बार का चुनाव और भी खास इसलिए हो गया है , क्योंकि भाजपा ने पूरन फर्त्याल की बेटी को टिकट नहीं देकर सचिन जोशी की पत्नी सुनीता पर भरोसा जताया है । पार्टी ने सुनीता जोशी को अपना प्रत्याशी बनाया है , जबकि टिकट कटने से नाराज पूरन फर्त्याल ने अपनी बेटी को भाजपा के खिलाफ मैदान में उतार दिया है । अब तस्वीर यह है कि सत्ताधारी पार्टी की ओर से एक प्रभावशाली समाजसेवी की पत्नी मैदान में हैं , तो दूसरी तरफ पूर्व विधायक अपने पुराने जनाधार और राजनीतिक रसूख के बल पर अपनी बेटी को जीत दिलाने की जद्दोजहद में हैं । नतीजतन , पाटन - पाटनी सीट एक हाई - वोल्टेज मुकाबले का गवाह बनने जा रही है । स्थानीय राजनीति के जानकारों की मानें तो यह सिर्फ दो प्रत्याशियों की लड़ाई नहीं है , बल्कि यह एक तरह से भाजपा बनाम बगावती भाजपा की लड़ाई है । एक ओर पार्टी का अधिकृत चेहरा और दूसरी ओर पार्टी के ही पूर्व विधायक की बगावत । जनता की नजरें टिकी हैं कि क्या मतदाता पार्टी लाइन पर वोट देंगे या व्यक्तिगत छवि और पुराने संबंधों को तरजीह देंगे ? अब यह देखना दिलचस्प होगा कि चम्पावत की पाटन - पाटनी सीट पर बहू भारी पड़ती है या बेटी । फिलहाल , दोनों खेमों के समर्थक पूरे दमखम से प्रचार में जुटे हैं और चुनावी समर दिन - ब - दिन और गरम होता जा रहा है ।
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