सदियों से जल रही गुरु गोरक्षनाथ की धूनी को मिलेगी नई पहचान
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
सीएम धामी के आशीर्वाद लेने के बाद खुला विकास का द्वार , मठ में हो रहा है तीव्र सौंदर्यीकरण ।
दर्शन के बाद , मिली थी मुख्यमंत्री को ऐतिहासिक विजय ।
चम्पावत ( Champawat ) - तल्लादेश के सघन वनों के मध्य स्थित गुरु गोरक्षनाथ की तपोभूमि आज भी उस आध्यात्मिक शक्ति से ओतप्रोत है , जो शताब्दियों से जल रही अखंड धुना से प्रस्फुटित होती रही है । मंच गांव से लगभग दो किमी दूर स्थित इस पावन स्थल में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत उपचुनाव से पूर्व यहां आकर धुना की भस्म का तिलक किया और गुरु गोरक्षनाथ जी का आशीर्वाद लेकर अपने चुनाव अभियान की शुरुआत की थी । श्रद्धालुओं का मानना है , यही गुरु की कृपा थी , जिसके खटीमा में हार का मुंह देखने वाले मुख्यमंत्री को यहां ऐतिहासिक सफलता प्राप्त हुई । इसके बाद इस धाम के विकास के द्वार खुलते चले गए ।धुना की लौ बनी जनआस्था का केंद्र , मठ में हो रहा आध्यात्मिक सौंदर्यीकरण -
बाबा मस्तनाथ मठ की ओर से इस सिद्धधाम की देखरेख के लिए योगी रामनाथ जी को नियुक्त किया गया है , जो यहां के समग्र विकास को लेकर पूरी तरह समर्पित हैं । 84 गांवों की सामूहिक श्रद्धा से जुड़ा यह स्थल लोगों के भावनात्मक आस्था केंद्र के रूप में स्थापित है । यहां पहुंचने के लिए सड़क से लगभग दो किमी की पदयात्रा करनी पड़ती है , जो घने जंगलों और प्राकृतिक दृश्यों के बीच से होकर गुजरती है । यह यात्रा श्रद्धालुओं के लिए एक आत्मिक अनुभव बन जाती है । अब इस स्थल पर तीव्र विकास कार्य प्रारंभ हो चुके हैं । पर्यटन विभाग द्वारा मंदिर परिसर में टाइलें लगाकर सौंदर्यीकरण किया जा चुका है । मार्ग पर टीन शेड लगाए जा रहे हैं ताकि धूप और वर्षा से बचाव हो सके । श्रद्धालुओं के विश्राम हेतु मार्ग में चेयरें लगाई जा रही हैं और वॉच टावर का निर्माण भी प्रस्तावित है । गुरु गोरक्षनाथ की प्राचीन धुना को उसके मूल स्वरूप में रखते हुए , उसे मौसम की मार से बचाने के लिए ऊपर टीन शेड डालने की भी योजना बनाई जा रही है । इस कार्य में सात दर्जन गांवों के लोगों से सहयोग मांगा जा रहा है ताकि सभी का भावनात्मक जुड़ाव इस मठ से बना रहे । मठ में लगभग 150 लोगों के ठहरने की व्यवस्था है , लेकिन जंगलों से गुजरती बिजली की लाइनें बार-बार बाधित होती हैं , जिससे पर्यटकों को परेशानी होती है । इसे देखते हुए यहां सौर ऊर्जा पैनल ( सोलर पैनल ) लगाने की योजना पर भी कार्य चल रहा है ।योगी आदित्यनाथ को भेजा गया आमंत्रण -
योगी रामनाथ ने जानकारी दी कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराज को इस सिद्धधाम में आने का आमंत्रण भेजा है । योगी ने यहां आने की गहरी इच्छा भी जताई है , जिसे देखते हुए मठ में व्यवस्था सुदृढ़ की जा रही है ।
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