चुनावी तूफान ! कानीकोट सीट पर उलझा पेंच , पूर्व विधायक के बेटे ने चुनावी खेल को पहुंचाया नए मोड़ पर
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
चम्पावत ( Champawat ) - जिले की जिला पंचायत सीट कानीकोट चुनावी रंग चढ़ते ही एक नया सियासी ड्रामा सामने आ गया है । यहां , सबकी नजरें निर्विरोध चुनाव पर थी । यहां , आशा अधिकारी के अलावा चुनावी मैदान में कोई दूसरा प्रत्याशी मौजूद नहीं था और आशा अधिकारी का निर्विरोध सदस्य बनना तय हो चुका था । तभी पूर्व विधायक पूरन सिंह फर्त्याल के बेटे प्रिंस फर्त्याल ने डीएम और निर्वाचन अधिकारी को पत्र भेजकर पूरे चुनावी खेल को एक नए मोड़ पर पहुंचा दिया ।जानिए , क्या है मामला ?
प्रिंस फर्त्याल ने आरोप लगाया कि कानीकोट से प्रत्याशी आशा अधिकारी का नाम दो जगहों पर दर्ज है । प्रिंस ने दावा किया कि , आशा अधिकारी का नाम एक तरफ तो चंपावत जिले की मतदाता सूची में है और दूसरी तरफ हल्द्वानी के एसकेएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल के कक्ष नंबर 3 में भी दर्ज है । कहने का मतलब यह कि दो जगहों पर वोटर लिस्ट में नाम , तो सवाल तो बनता है । यह मुद्दा पंचायती राज अधिनियम की धारा 9 के खिलाफ है , और कहीं न कहीं ये नियमों की धज्जियां उड़ाता है । अब कानीकोट सीट पर जैसे ही यह मामला सामने आया , सियासी गलियारों में हलचल मच गई है । क्या यह चुनावी खेल कुछ नया मोड़ लेने जा रहा है ? क्या आशा अधिकारी का नामांकन रद्द होगा ? क्या कानीकोट में चुनावी बाजी पलटने वाली है ?
मामला अभी पूरी तरह से सुलझा नहीं है , लेकिन अगर इस मामले में कोई बड़ा कदम उठाया जाता है , तो यह चुनावी प्रक्रिया को न सिर्फ उलझा सकता है , बल्कि पूरे जिले में हलचल भी मचा सकता है ।आंखिर आगे क्या होगा ?
अब आगे प्रत्याशी का नामांकन रद्द होगा या कानीकोट सीट पर निर्विरोध चुनाव का रास्ता साफ होगा ? अब इंतजार करना होगा कि निर्वाचन अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं और क्या चंपावत की सियासत में कोई बड़ा तूफान आने वाला है ।
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