चुपचाप उड़ते रहे लाखों , गांव वालों को खबर तक नहीं लगी
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
चमोली ( Chamoli ) - जिले के पोखरी अंतर्गत मसौली गांव का एक शांत सा दिखने वाला ग्रामीण बचत केंद्र पिछले 6 सालों से धोखे की दुकान बना हुआ था । 2017 से 2023 तक सरकारी धन का ऐसा सुनियोजित खेल चला कि , असली खाताधारक बस नाम के रह गए और अंदरखाने निकासी होती रही , वो भी करोड़ों में ।जांच का खुलासा चौंकाने वाला है -
962 खातों में से 162 में जालसाजी -[/h2]गांव वालों को भनक तब लगी जब पुलिस ने गांव-गांव जाकर 110 खाताधारकों के बयान दर्ज किए । अधिकतर लोग तो हैरान थे , कि उनके नाम से पैसे कब निकले ? मामला ने तूल तब पकड़ा , जब 13 जनवरी 2025 को सहायक विकास अधिकारी राजन कुमार ने थाना पोखरी में तहरीर दी । पहले गबन की धारा 406/408 लगी , लेकिन धीरे-धीरे जैसे-जैसे फाइल खुलती गई , धाराओं की फेहरिस्त भारी होती गई और 409 , 420 , 467 , 468 , 471, 120B तक पहुंची कहानी । SP चमोली सर्वेश पंवार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष टीम बनाई । कुछ ही दिन में टीम तह तक पहुंच गई और 15 जुलाई 2025 को दो लोग दबोचे गए । अमित सिंह नेगी , लेखा सहायक , उम्र 30 , ग्राम नौली व मोहनलाल , पूर्व सचिव , उम्र 63 , ग्राम नौटी को गिरफ्तार किया गया ।SP पंवार ने दो टूक कहा -
सरकारी धन से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा । कानून अपना काम करेगा , चाहे आरोपी कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों ।अब कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं -
क्या यह गबन सिर्फ दो लोगों का मामला है ? इतने सालों तक ये खेल बिना किसी अंदरूनी मिलीभगत के कैसे चलता रहा ? यह मामला सतह पर जितना सीधा दिखता है , तह में उतना ही गहरा है । गांव की गलियों में अब सिर्फ चर्चा है , हम तो बचत कर रहे थे , कोई और घर भर रहा था । अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि सिर्फ गिरफ्तारी नहीं , वसूली और सजा भी पूरी होगी या नहीं ? वरना यह घोटाला भी किसी सरकारी फाइल में सेटलमेंट बनकर रह जाएगा ।
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