अनोखी शादी: एक लड़की बनी दो सगे भाइयों की दुल्हन
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
हिमांचल प्रदेश ( Himanchal Pradesh ) - के सिरमौर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है , जिसने सामाजिक परंपराओं और आधुनिक सोच के बीच दिलचस्प बहस को जन्म दे दिया है । यहां एक लड़की ने दो सगे भाइयों से शादी कर ली , और वो भी परिवार और गांव वालों की सहमति के साथ । यह अनोखा विवाह 12 से 14 जुलाई के बीच हुआ । खास बात यह है कि तीनों , दोनों युवक और युवती पढ़े - लिखे हैं । जानकारी के मुताबिक , एक भाई विदेश में नौकरी करता है जबकि दूसरा भाई सरकारी सेवा में कार्यरत है । दोनों परिवार इस रिश्ते को लेकर पूरी तरह सहमत थे और गांव ने इसे पूरी धूमधाम से मनाया ।हाटी समुदाय की पुरानी परंपरा फिर चर्चा में -
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर और शिलाई क्षेत्र में बसे हाटी समुदाय में ऐसी शादी कोई नई बात नहीं मानी जाती । इस समुदाय में उजला पक्ष नामक एक परंपरा प्रचलित रही है , जिसमें एक महिला दो या अधिक भाइयों की पत्नी बनती है । सदियों पुरानी यह प्रथा पहाड़ी जीवनशैली और पारिवारिक एकता के दृष्टिकोण से समाज में मान्य रही है ।धीरे-धीरे विलुप्त होती परंपरा में आई हलचल -
हालांकि 1970-80 के दशक के बाद समाज में बदलाव आने लगा और यह परंपरा धीरे-धीरे पीछे छूटने लगी । आज के दौर में अधिकतर परिवार केवल एक लड़की और एक लड़के के विवाह को ही अपनाते हैं । लेकिन सिरमौर जिले के कुन्हट गांव में इतने वर्षों बाद इस प्रथा के अनुसार शादी होने से यह मामला फिर से सुर्खियों में आ गया है ।कैसा है कानूनी , सामाजिक और धार्मिक दृष्टिकोण -
भारतीय कानून और मुख्यधारा समाज में एक महिला की दो पुरुषों से शादी को वैध नहीं माना जाता , लेकिन यह मामला सांस्कृतिक परंपरा और स्थानीय मान्यताओं के दायरे में आता है । इसीलिए परिवारों और स्थानीय समुदाय की सहमति के आधार पर इसे अपनाया गया है ।समाज में चर्चा और जिज्ञासा -
यह विवाह अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है । जहां एक ओर कुछ लोग इसे संस्कृति और परंपरा की पुनरावृत्ति मान रहे हैं , वहीं दूसरी ओर कई लोग इसे कानूनी दृष्टिकोण से सवालों के घेरे में रख रहे हैं । इस खबर ने फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है , क्या परंपराएं समय के साथ बदलनी चाहिए , या फिर उन्हें उनकी जड़ों के साथ संरक्षित किया जाना चाहिए ?
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