ख़रहीं सीट पर सोनू बोहरा को मिल रहा है लोगों का साथ
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
चम्पावत ( Champawat ) - जिले की जिला पंचायत सीट ख़रहीं से पूर्व जिला पंचायत सदस्य भोला बोहरा की पत्नी सोनू बोहरा निर्दलीय प्रत्याशी के तौर में चुनावी मैदान में हैं । सोनू बोहरा कहती हैं , उनके साथ उमड़ रहा जनसमर्थन अब उन्हें जीत के करीब ले जा रहा है । लाधियाघाटी से शुरू इस लहर में जिला पंचायत सीट के अंतिम गांव छौड़ागांव , डूबड़ कमलेख तक सोनू बोहरा के साथ लोग जुड़ रहे हैं । सोनू बोहरा का कहना है , उन्हें जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है । सोनू बोहरा कहती हैं , जनता के आशीर्वाद की बदौलत अब माहौल उनके पक्ष में एकतरफा हो चुका है । छात्र राजनीति से जनता से जुड़े सोनू बोहरा के पति पूर्व जिला पंचायत सदस्य भोला बोहरा भी प्रचार में सक्रिय हैं । उन्होंने छात्र राजनीति से लेकर पंचायत प्रतिनिधि तक का अनुभव रखा है , जिसका असर मौजूदा प्रचार में दिख रहा है । भोला बोहरा कहते हैं , लोगों के लिए उनके हृदय में जो सम्मान था , लोग उसे समझ रहे हैं । उनका लोगों से वर्षों पुराना जुड़ाव अब काम आ रहा है । क्षेत्र के लोग बदलाव की उम्मीद के साथ जुड़ रहे हैं ।खरहीं सीट पर छा रही सोनू की सादगी , लाधियाघाटी से छौड़ागांव तक दिखने लगा असर -
जनता के बीच बोहरा परिवार की पकड़ बनी चर्चा का विषय बनी हुई है । जिला पंचायत के अंतिम दो गावों दूबड़ कमलेख और छौड़ागांव के बोहरा गावों में सोनू बोहरा की चर्चा खूब है ।बढ़ चुका है चुनावी तापमान -
जिला पंचायत चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं , खरहीं सीट पर राजनीतिक तापमान बढ़ता जा रहा है । लेकिन , लोग कह रहे हैं राजनीति के शोरगुल में जहां कई प्रत्याशी अपनी बात ज़ोर से कह रहे हैं , वहीं सोनू बोहरा बोलने से ज़्यादा सुनने में यकीन रखती हैं । यही तरीका अब लधियाघाटी से लेकर छौड़ागांव तक जनता को सहज लेकिन असरदार लग रहा है । सोनू बोहरा हर चौपाल , आंगन और गलियों तक पहुंच रही हैं , बिना शोर-शराबे के , सिर्फ़ अपनी बात और लोगों की बात लेकर । कहीं पेयजल की चर्चा है , कहीं पानी की टंकी की , और सोनू हर मुद्दे पर अपना वादा नहीं , संलग्नता दिखा रही हैं ।गांव की बात पढ़ी - लिखी बेटी ही समझे
गांवों में लोग अक्सर कहावतों में राय रखते हैं , लेकिन इस बार कई बुज़ुर्ग और महिलाएं खुलकर कहती सुनी जा रही हैं - घर की बात घर की पढ़ी - लिखी बिटिया ही समझे । ऐसा कहने वालों की संख्या दिनों-दिन बढ़ रही है , जो साफ इशारा है कि माहौल एकतरफा तो नहीं , लेकिन एकसूत्रता की ओर जरूर बढ़ रहा है । खरहीं सीट का यह चुनाव शायद किसी के लिए सिर्फ़ सीट का सवाल हो , लेकिन सोनू बोहरा के लिए ये सम्मान और ज़िम्मेदारी की डगर है । और अगर गांवों की गूंज को संकेत मानें , तो यह डगर उन्हें काफी दूर तक लेकर जाने वाली है ।
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