घोर लापरवाही : सरकारी डॉक्टरों ने मां-बाप की नींद उड़ाई , एक नहीं दो-दो अस्पतालों ने थमा दी गलत रिपोर्ट
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
पिथौरागढ़ ( Pithoragarh ) - जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाती एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है । तीन साल की मासूम के गले में पिन फंसे होने की सरकारी अस्पताल की रिपोर्ट ने माता-पिता को हिलाकर रख दिया । लेकिन जब निजी अस्पताल की जांच रिपोर्ट आई तो पता चला — ना नौ मन तेल हुआ, ना राधा नाची । के मामला जिले के डीडीहाट का है । जब बच्ची को खांसी होने पर परिजन सरकारी अस्पताल ले गए , तो डॉक्टरों की सलाह पर एक्स-रे कराया गया , जिसमें रिपोर्ट में गले में पिन फंसी बताई गई । घबराए माता-पिता तुरंत दूसरे अस्पताल भागे , लेकिन वहां भी सरकारी रिपोर्ट में वही पिन मौजूद थी । बात यहीं नहीं रुकी , और निजी अस्पताल में जांच कराई गई तो बच्ची के गले में पिन का नामोनिशान नहीं मिला । हकीकत में यह पिन बच्ची के गले में नहीं , बल्कि बच्ची के स्वैटर में फंसी थी । सीएमओ पिथौरागढ़ डॉ एमएस नवियाल के अनुसार , कपड़े पर लगी पिन या धातु की वस्तुएं अक्सर रिपोर्ट में गलत तरीके से दिख जाती हैं , खासकर जब एक्स-रे कपड़े उतारे बिना किया जाए । लेकिन सवाल यह है कि ,जिनके हाथ में तंत्र की डोर है , अगर वही उलझा दें तो सुलझाएगा कौन ?
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि भरोसे का पुल टूटा तो मंज़िल तक पहुंचना मुश्किल है । लापरवाह स्वास्थ्य तंत्र सिर्फ मरीज ही नहीं , बल्कि विश्वास को भी मौत के मुंह में धकेल देता है ।
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