चम्पावत : तल्ला कमलेख के भूमियां मंदिर में कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
विशेष रिपोर्ट - सूरज लडवाल
चम्पावत ( Champawat ) - जिले के तल्ला कमलेख स्थित ऐतिहासिक भूमियां मंदिर में कलश यात्रा के साथ सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का शुभारंभ हुआ । इस पावन अवसर पर पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और भक्ति का माहौल व्याप्त हो गया ।कथा व्यास और मुख्य यजमान
कथा का शुभारंभ मंत्रोच्चारण और वेद ध्वनियों के बीच हुआ । कथा के मुख्य यजमान भुवन सिंह बोहरा हैं , जबकि कथा का वाचन व व्याख्यान कथा व्यास प्रकाश पांडे कर रहे हैं ।ब्राह्मण समाज और ग्रामवासियों का भरपूर मिल रहा है सहयोग
इस आयोजन में ब्राह्मण समाज , समस्त ग्रामवासी , मंदिर कमेटी अध्यक्ष नारायण सिंह , कोषाध्यक्ष चतुर सिंह , बलवंत सिंह , बहादुर सिंह , पुष्कर सिंह , गणेश सिंह , लक्ष्मण सिंह सहित स्थानीय युवा वर्ग और महिलाओं का विशेष सहयोग मिल रहा है । यहां , सामूहिक सहभागिता से कथा स्थल पर एक अद्भुत आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो गया है ।जानिए , श्रीमद्भागवत कथा का महत्व
श्रीमद्भागवत महापुराण को धर्म , भक्ति और ज्ञान का अद्भुत संगम माना गया है । कहा जाता है , श्रीमद्भागवत कथा श्रवण मात्र से ही मनुष्य का जीवन परिवर्तित हो सकता है ।आंखिर क्या कहता है , भागवत गीता का ये श्लोक
कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन । अर्थ – मनुष्य का अधिकार केवल कर्म करने पर है , फल की चिंता उसे नहीं करनी चाहिए । इस श्लोक के माध्यम से कथा व्यास ने समझाया कि , जीवन में निरंतर कर्म ही मनुष्य को आगे बढ़ाता है और ईश्वर पर श्रद्धा रखते हुए कर्म करने से सफलता अपने आप प्राप्त होती है ।भक्ति से मिलता है जीवन का परम आनंद
श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन श्रद्धालुओं को बताया गया कि भक्ति ही जीवन का परम आनंद है । जब मनुष्य अहंकार , लोभ और मोह को त्यागकर ईश्वर की शरण में आता है , तभी उसका जीवन सार्थक बनता है ।जानिए , श्रीमद्भागवत महापुराण का संदेश
स वै पुंसां परो धर्मो यतो भक्तिरधोक्षजे । अर्थ – मनुष्य का सर्वोत्तम धर्म वही है , जिससे भगवान के प्रति भक्ति और प्रेम उत्पन्न हो । यह संदेश हर किसी के जीवन को आध्यात्मिक दिशा प्रदान करता है ।पहले दिन से ही श्रद्धालुओं की उमड़ रही है भीड़
कथा स्थल पर आसपास के गाँवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँच रहे हैं । महिलाओं की भजन-कीर्तन मंडलियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया है । मंदिर परिसर में प्रतिदिन धार्मिक प्रवचन , भजन-संकीर्तन और प्रसाद वितरण का कार्यक्रम हो रहा है ।उत्तराखंड हिंदी समाचार की नजर से
तल्ला कमलेख में शुरू हुई यह श्रीमद्भागवत कथा न केवल धार्मिक आयोजन है , बल्कि समाज को एकता , सहयोग और भक्ति के सूत्र में पिरोने का कार्य कर रही है । आने वाले दिनों में कथा में और भी गहन आध्यात्मिक संदेश दिए जाएंगे , जो श्रद्धालुओं के जीवन को बदलने वाले साबित होंगे ।
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