जब रथों पर सवार हुई शक्तियां तो खराब मौसम भी नहीं रोक पाया भक्तों को
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
झूमाधुरी नंदाष्टमी महोत्सव में उमड़ा जनसैलाब , मां भगवती व महाकाली के जयकारों से गूंजा पूरा क्षेत्र ।
मौसम की चुनौती के बावजूद श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब ।
लोहाघाट ( Lohaghat ) - नगर से करीब 4 किमी दूर ऊंची पहाड़ी पर स्थित मां झूमा धुरी मंदिर में इस बार का नंदाष्टमी महोत्सव आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम लेकर आया । मौसम की खराबी भी मां के भक्तों की आस्था के आगे नतमस्तक हो गई । सुबह से ही कुमाऊंभर के हजारों श्रद्धालु जयकारों के साथ मंदिर की ओर बढ़ते रहे ।पाटन - पाटनी और रायकोट महर से निकली दिव्य शोभायात्रा
महोत्सव के अंतिम दिन पाटन - पाटनी और रायकोट महर गांव से मां भगवती और मां महाकाली की भव्य शोभायात्राएं निकाली गईं । रथों में सवार देवी स्वरूप में भक्त जब प्रकट हुए तो पूरा इलाका जय मां झूमाधुरी के नारों से गूंज उठा । रथों को रस्सों से खींचते हुए श्रद्धालु पसीने से तर-बतर हो गए , लेकिन उनके चेहरों पर आस्था और भक्ति की चमक देखने लायक थी ।विश्व देव मंदिर में हुआ चमत्कारी भोग
दोनों रथ जब विश्व देव मंदिर पहुंचे तो दूध और चावल का भोग लगाया गया । मान्यता है कि यहां अदृश्य शक्तियां भोग स्वीकार करती थीं और पुकारने पर अदृश्य हो जाया करती थीं । यह दृश्य आज भी भक्तों को रहस्यमयी आस्था से भर देता है ।खड़ी चढ़ाई चढ़कर पहुंचे मां के दरबार
श्रद्धालुओं ने रस्सों से रथ खींचकर खड़ी पहाड़ी पर स्थित झूमाधुरी मंदिर तक पहुंचाया । मंदिर पहुंचते ही देवी रथों ने परिक्रमा की और भक्तों को आशीर्वाद दिया । मंदिर परिसर भक्तों से खचाखच भर गया और देर रात तक भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा ।निसंतान महिलाएं दीप लेकर करती रहीं मन्नतें
मां झूमाधुरी के दरबार में निसंतान महिलाएं दीप लेकर मां से संतान प्राप्ति की कामना करती रहीं । आस्था का यह दृश्य सभी को भावविभोर कर गया ।आस्था के साथ व्यापार भी खिला
पिछले डेढ़ दशक से यहां लगने वाला झूमाधुरी मेला अब विशाल रूप ले चुका है । दूर-दराज से व्यापारी भी पहुंचे और व्यापार जमकर हुआ । उनके चेहरों पर मुस्कान साफ झलक रही थी ।आईटीबीपी कमांडेंट ने जताया गर्व
मेले के मुख्य अतिथि आईटीबीपी कमांडेंट संजय कुमार और उनकी पत्नी अनुराधा सिंह ने कहा कि ऐसे मेले हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं । मेले में निशुल्क चिकित्सा शिविर भी लगाया गया , जिससे सैकड़ों लोगों ने लाभ उठाया ।हिमालयी श्रृंखलाओं का दिव्य नजारा
झूमाधुरी मंदिर की ऊंचाई से नंदा देवी , त्रिशूल , पंचाचूली समेत हिमालय की भव्य श्रृंखलाओं का नजारा मन मोह लेता है । यह दृश्य भक्तों को मां की गोद में होने का एहसास कराता है ।
कुंए से बुझी प्यास , अब नहीं रही किल्लत
क्षेत्रीय विधायक खुशाल सिंह अधिकारी के प्रयासों से मंदिर की तलहटी में कुआं खोदा गया , जिससे इस विशाल मेले में श्रद्धालुओं की प्यास बुझती रही । पहले यहां पानी की भारी किल्लत रहती थी ।राज्य स्तरीय मेला घोषित करने की मांग
भीड़ को देखते हुए पुलिस ने वन-वे ट्रैफिक की व्यवस्था की । मेले के शांतिपूर्ण आयोजन पर थाना प्रभारी अशोक कुमार ने सभी का आभार जताया । वहीं आयोजन समिति ने मांग उठाई कि इस मेले को राज्य स्तरीय मेला घोषित किया जाए ।
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