वीडियो : देवभूमि की सोर घाटी का हिलजात्रा पर्व है बेहद खास , यहां लखिया भूत देता है आशीर्वाद
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
पिथौरागढ़ ( Pithoragarh ) - उत्तराखंड में लोकपर्व धार्मिक आस्था और संस्कृति के माने जाते हैं प्रतीक , पिथौरागढ़ सोर घाटी का हिलजात्रा पर्व भी है खास । वीडियो का लिंक ख़बर के अंत में दिया गया है । पिथौरागढ़ में भादो महीने में हिलजात्रा पर्व मनाया जाता है । यह एक प्रमुख मुखौटा नृत्य है , जो सीमांत की संस्कृति और विरासत को अपने आप में समेटे हुए हैं । यह पर्व लोगों को एकता के सूत्र में भी बांधता है । इस अतीत की विरासत को देखने के लिए आज भी लोग दूर-दूर से आते हैं । वहीं , इस पर्व में इस्तेमाल होने वाले मुखौटे सीमांत सोर घाटी की वीरता के इतिहास को दर्शाते हैं । वीडियो का लिंक खबर के अंत में दिया गया है । पहाड़ों में लोकपर्व धार्मिक आस्था और संस्कृति का पर्याय माने जाते हैं । इसके साथ ही मनोरंजन का भी बेहतरीन जरिया होते हैं । आस्था और मनोरंजन को खुद में समेटा ऐसा ही एक पर्व है , सोर घाटी का ऐतिहासिक हिलजात्रा पर्व जो पिछले 5 शताब्दी से बदस्तूर मनाया जाता रहा है । जिसमें मुखौटा नृत्य का अपना ही महत्व है । वीडियो का लिंक खबर के अंत में दिया गया है । भले ही दिखने में साधारण से लगने वाले ये मुखौटे किसी नाटक में अभिनय करने वाले कलाकारों के नहीं हैं , लेकिन इन मुखौटों के पीछे छुपा है 500 साल पुराना गौरवशाली इतिहास , जिसकी इबारत पिथौरागढ़ के कुमौड़ गांव के रहने वाले 4 महर भाइयों ने लिखी थी । क्या है हिलजात्रा ? वीडियो देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर टच करें
https://youtu.be/eDbHXgtGvg0?si=eQ0eoWg4yR-8fCB5
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