चम्पावत : हरा सोना लिखेगा मॉडल जिले की अर्थव्यवस्था की नई इबारत
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
परंपरा , पर्यावरण और रोजगार - तीनों को साधेगा हरा सोना ।
चम्पावत ( Champawat ) - उत्तराखंड के मॉडल ज़िले चंपावत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था अब बांस के सहारे नए आयाम गढ़ने जा रही है । जिस बांस को अब तक असम से मंगवाना पड़ता था , वही बांस अब लोहाघाट ब्लॉक के नाकोट गांव की धरती पर रोजगार और पर्यावरण संरक्षण की डोर बुनने वाला है ।जिलाधिकारी का मास्टर प्लान - हर घर तक पहुँचेगा बांस
नाकोट गांव के उमेद राम , दीवान राम , भगवान राम , जगदीश राम , अनिल कुमार , जगदीश कुमार और आनंद ने जनमिलन कार्यक्रम में जिलाधिकारी को बांस से बने पारंपरिक उत्पाद दिखाए । जिलाधिकारी ने तुरंत सभी विभागों को आदेश दिया कि इन ग्रामीण कारीगरों के बनाए उत्पादों को बेचने और बाजार उपलब्ध कराने में सहयोग करें । यही नहीं , जिले में बांस और निगाल की नर्सरियां तैयार की जाएंगी । इन्हें राष्ट्रीय राजमार्ग , ग्रामीण संपर्क मार्ग , जलागम क्षेत्र और बंजर भूमि में रोपित किया जाएगा । वन विभाग भी अलग से नर्सरी तैयार कर हर स्तर पर प्रोत्साहन देगा ।बांस से आत्मनिर्भर बनेगा गांव
ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि मशीनों के इस्तेमाल से लागत कम हो और मुनाफा दोगुना । मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जीएस खाती ने बताया कि यह कार्यक्रम सारा योजना के तहत संचालित होगा ।बांस का उपयोग सिर्फ हस्तकला तक सीमित नहीं रहेगा
● भवन निर्माण
● सीढ़ी और अर्थी बनाने
● बंबू हट व पॉलीहाउस निर्माण
● भूमि कटाव रोकने
● चारा-पत्ती और सब्ज़ी उत्पादन
● बांस का अचार
● बांस के फर्नीचर
● बांस का उपयोग भोजन में
हर क्षेत्र में बांस से गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी ।बांस और राजमा की जोड़ी , जानिए किसान कैसे बनेगा मालामाल
विशेषज्ञों के मुताबिक , जिन इलाकों में बांस और निगाल पनपते हैं , वहां राजमा की खेती खूब फलती-फूलती है । इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी और जंगलों में छोटे पेड़ों पर पड़ने वाला दबाव भी कम होगा । बेल वाली सब्जियों के लिए भी बांस बेहतरीन सहारा साबित होगा ।रोजगार , परंपरा और पर्यावरण का संगम
जिलाधिकारी की पहल से न सिर्फ बांस हस्तकला को बाजार मिलेगा बल्कि गांव-गांव में आत्मनिर्भरता का नया मॉडल तैयार होगा । यह पहल चंपावत को परंपरा , पर्यावरण और रोजगार तीनों स्तरों पर नई पहचान दिलाने जा रही है ।
उत्तराखंड हिंदी समाचार की विशेषताएँ - यहां आपको मिलेगी पहाड़ की हर धड़कन , सीमांत की तमाम समस्याएं , क्राइम हो या फिर तस्करी आपको हर ख़बर मिलेगी , हमें गर्व है कि उत्तराखंड हिंदी समाचार निष्पक्ष , ईमानदार व निडर पत्रकारिता के मापदंडों में खरा उतरा है । सटीक , शुद्ध और जमीनी मुद्दों की पत्रकारिता की बदौलत आज उत्तराखंड हिंदी समाचार प्रदेश के टॉप 10 न्यूज़ पोर्टल में शुमार है ।
चंपावत समाचार, उत्तराखंड समाचार, बांस हस्तकला, चंपावत ग्रामीण अर्थव्यवस्था, बांस से रोजगार, लोहाघाट बांस नर्सरी, उत्तराखंड में बांस की खेती, Bamboo Economy Uttarakhand
खबर से जुड़ी अन्य तस्वीरें: