चम्पावत : हरा सोना लिखेगा मॉडल जिले की अर्थव्यवस्था की नई इबारत
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
परंपरा , पर्यावरण और रोजगार - तीनों को साधेगा हरा सोना ।
चम्पावत ( Champawat ) - उत्तराखंड के मॉडल ज़िले चंपावत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था अब बांस के सहारे नए आयाम गढ़ने जा रही है । जिस बांस को अब तक असम से मंगवाना पड़ता था , वही बांस अब लोहाघाट ब्लॉक के नाकोट गांव की धरती पर रोजगार और पर्यावरण संरक्षण की डोर बुनने वाला है ।जिलाधिकारी का मास्टर प्लान - हर घर तक पहुँचेगा बांस
बांस से आत्मनिर्भर बनेगा गांव
बांस का उपयोग सिर्फ हस्तकला तक सीमित नहीं रहेगा
● भवन निर्माण
● सीढ़ी और अर्थी बनाने
● बंबू हट व पॉलीहाउस निर्माण
● भूमि कटाव रोकने
● चारा-पत्ती और सब्ज़ी उत्पादन
● बांस का अचार
● बांस के फर्नीचर
● बांस का उपयोग भोजन में
हर क्षेत्र में बांस से गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी ।बांस और राजमा की जोड़ी , जानिए किसान कैसे बनेगा मालामाल
रोजगार , परंपरा और पर्यावरण का संगम
जिलाधिकारी की पहल से न सिर्फ बांस हस्तकला को बाजार मिलेगा बल्कि गांव-गांव में आत्मनिर्भरता का नया मॉडल तैयार होगा । यह पहल चंपावत को परंपरा , पर्यावरण और रोजगार तीनों स्तरों पर नई पहचान दिलाने जा रही है ।
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