यहां भगवान खुद लेते हैं भक्तों की परीक्षा , आज रात कूँण गांव में होगा दिव्य जागरण
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
विशेष रिपोर्ट - सूरज लडवाल
कूंण गांव में आध्यात्मिक उल्लास का माहौल , भुम्वाड़ी से निकलेगा प्यल (डोला) , रातभर बजेगा भक्ति का नगाड़ा ।
चम्पावत ( Champawat ) - जिले के पाटी विकासखंड अंतर्गत कूंण गांव स्थित श्री जैचम निर्मांसी मंदिर आज रात एक अद्भुत और दिव्य आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है । 04 नवंबर की रात मंदिर परिसर में भव्य जागरण का आयोजन होगा , जिसमें आसपास के दर्जनों गांवों के श्रद्धालु शामिल होंगे । रात्रि करीब 9:00 बजे भुम्वाड़ी गांव से ढोल-नगाड़ों और जयकारों के साथ प्यल (डोला) निकलकर ऊँची खड़ी चढ़ाई को पार करते हुए कूंण गांव के श्री जैचम मंदिर पहुंचेगा । इसके बाद विशेष पूजा-अर्चना के साथ भक्तिमय जागरण का महासंगम शुरू होगा , ये जागरण पूरी रात चलेगा और 05 नवंबर सुबह 11 बजे तक भक्तिमय वातावरण बना रहेगा ।ठंड में तपस्या जैसी परीक्षा , पर अटूट आस्था कायम
इस दिव्य जागरण को स्थानीय लोग भक्ति और परीक्षा का संगम कहते हैं । ऊँचाई पर बसे मंदिर में जब हाड़ कंपा देने वाली ठंड और बांज , बुरांस व काफल के जंगलों से आती ठंडी हवाएँ शरीर में सिरहन पैदा करती हैं , तब भी भक्त पूरी रात धूनी के सहारे इष्टदेव के जयकारों में लीन रहते हैं । ऐसा लगता है जैसे स्वयं भगवान जैचम निर्मांसी अपने भक्तों की परीक्षा ले रहे हों , परंतु उनकी भक्ति और विश्वास हर सर्द हवा को मात दे देते हैं ।जहाँ आस्था और पर्यटन मिलते हैं , वो स्थान है खूबसूरत गांव कूंण
अगर आप प्रकृति और अध्यात्म , दोनों के प्रेमी हैं , तो कूंण गांव आपके लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं । चम्पावत जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर , पाटी विकासखंड मुख्यालय से पाटी - कूण मोटरमार्ग के रास्ते यहां स्थान आसानी से पहुँचा जा सकता है । मंदिर खूबसूरत चोटी पर बांज और काफल के झुरमुटों के बीच स्थित है , जहाँ से हिमालय की चोटियाँ और जंगलों का रमणीय दृश्य मन को मोह लेता है ।
स्थानीय लोग दावा करते हैं - यहाँ आते ही दैवीय शक्ति की उपस्थिति का अनुभव होता है ।सरकारों की बेरुखी , फिर भी चमक नहीं मिटी इस आस्था भूमि की
स्थानीय लोग इस बात से खिन्न हैं कि इतने रमणीक और धार्मिक महत्व के बावजूद सरकारें पर्यटन विकास को लेकर उदासीन हैं । कई नेता आए और गए , पर यह आस्था का केंद्र आज भी पर्यटन मानचित्र से कोसों दूर है । फिर भी यहां की आस्था , भक्ति और प्राकृतिक सौंदर्य हर आगंतुक के दिल पर गहरी छाप छोड़ जाते हैं । आइए , आप भी बनें इस दिव्य जागरण का हिस्सा । 04 नवंबर की रात , श्री जैचम निर्मांसी मंदिर , कूंण गांव , चम्पावत में होने जा रहे इस भव्य जागरण में शामिल होकर दैवीय ऊर्जा और भक्ति के महासागर में डूब जाइए ।
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