बिग ब्रेकिंग : हल्द्वानी कांड के बाद पत्रकारों में उबाल , एनयूजे उत्तराखण्ड ने सीएम धामी से मांगा पत्रकार सुरक्षा कानून , कहा - सच की आवाज़ दबाने नहीं देंगे
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
प्रदेशभर में पत्रकारों का गुस्सा फूटा, सरकार से कड़े कदम की मांग
देहरादून ( Dehradun ) - हल्द्वानी के पत्रकार दीपक अधिकारी पर हुए हमले ने उत्तराखण्ड के पत्रकार समाज को झकझोर दिया है । प्रदेशभर में पत्रकारों का आक्रोश उबाल पर है । इसी बीच नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (एनयूजे उत्तराखण्ड) ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग जोरदार तरीके से उठाई है ।दीपक अधिकारी पर हमला , लोकतंत्र पर हमला - एनयूजे
यूनियन की प्रदेश अध्यक्षा दया जोशी और नैनीताल जिला इकाई के पदाधिकारियों धर्मानन्द खोलिया , शंकरदत्त फुलारा , ईश्वरीदत्त भट्ट और संदीप पाण्डे ने सीएम धामी को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि दीपक अधिकारी पर हमला दरअसल पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर हमला है ।
मुख्य संरक्षक त्रिलोक चन्द्र भट्ट ने कहा - पत्रकार केवल खबर नहीं लिखते , वे लोकतंत्र की आत्मा होते हैं । जब पत्रकार असुरक्षित होते हैं , तो सच कमजोर पड़ जाता है , और जब सच कमजोर होता है तो लोकतंत्र खतरे में आ जाता है ।तमाम जिलों में उबाल - बागेश्वर , अल्मोड़ा और उत्तरकाशी में धरना-प्रदर्शन
बागेश्वर में जिलाध्यक्ष शंकर पांडे , उपाध्यक्ष दीपक पाठक , सचिव जगदीश उपाध्याय , कमल कांडपाल , बसंत चंदोला और अन्य पत्रकारों ने डीएम आकांक्षा कोंडे के माध्यम से ज्ञापन भेजकर कहा कि - विधिक सुरक्षा के बिना पत्रकार सुरक्षित नहीं रह सकते । अल्मोड़ा में जिलाध्यक्ष दरवान सिंह रावत ने सीएम को ज्ञापन भेजकर कहा - दीपक अधिकारी पर हमला हर पत्रकार पर हमला है । उत्तरकाशी में ठाकुर सुरेन्द्र पाल सिंह , डॉ. विजेन्द्र पोखरियाल , मोहन सिंह राणा , सूरज सिंह और पृथ्वी दत्त नैथानी ने डीएम प्रशांत कुमार आर्य के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किया ।कानूनी ढाल के बिना पत्रकार असुरक्षित - वरिष्ठ पत्रकारों की दो टूक
पृथ्वी दत्त नैथानी ने कहा - पत्रकार हर दिन सच दिखाने के लिए जोखिम उठाते हैं । अब वक्त आ गया है कि सरकार उन्हें कानूनी सुरक्षा दें , यह लोकतंत्र की जरूरत है । डॉ. विजेन्द्र पोखरियाल और मोहन सिंह राणा ने कहा कि सिर्फ गिरफ्तारी से सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती , ठोस कानून की दरकार है ।एनयूजे उत्तराखण्ड ने दी चेतावनी
प्रदेश अध्यक्षा दया जोशी ने साफ कहा - यदि सरकार पत्रकार सुरक्षा कानून को लेकर ठोस कदम नहीं उठाती , तो एनयूजे उत्तराखण्ड प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ेगी ।अब पत्रकार सुरक्षा कानून उत्तराखण्ड की सबसे बड़ी मांग
मुख्य संरक्षक त्रिलोक चन्द्र भट्ट ने कहा कि पत्रकार सुरक्षा अब सिर्फ पेशे की नहीं , बल्कि लोकतंत्र की सुरक्षा का सवाल बन चुकी है । उन्होंने कहा कि सच और जनहित की आवाज़ को जिंदा रखने के लिए पत्रकारों को कानूनी कवच देना अब समय की सबसे बड़ी जरूरत है ।उत्तराखंड हिंदी समाचार की नजर से
हल्द्वानी की घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि पत्रकारिता आज सबसे कठिन दौर से गुजर रही है । अगर सरकार ने जल्द पत्रकार सुरक्षा कानून लागू नहीं किया , तो यह मुद्दा पूरे प्रदेश में राजनीतिक तूफान खड़ा कर सकता है ।
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