गुड न्यूज़ : कभी पलायन से टूटा चम्पावत का पाटी , आज कीवी की बदौलत लौट रही जिंदगी
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
कीवी क्रांति से दमक उठा पाटी ब्लॉक , किसानों के चेहरों पर खिली नई उम्मीद ।
5 हेक्टेयर में तैयार हो रहा समृद्धि का बाग़ , बदलेगी चम्पावत की पहचान ।
कीवी की बेलों ने लौटा दिया मेहनतकश किसानों का खोया आत्मविश्वास ।
चम्पावत ( Champawat ) - पहाड़ में खेती - किसानी को घाटे का सौदा मानने वालों के लिए चम्पावत जिले का पाटी ब्लॉक कीवी की नई कहानी लिख रहा है । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की किसानों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने की मुहिम अब धरातल पर रंग ला रही है । हिमाचल की तर्ज पर फलोत्पादन बढ़ाने की पहल ने चम्पावत में कीवी क्रांति का रूप ले लिया है । पाटी ब्लॉक के गरसाड़ी , ढरोंज , झुडेली , तोली , जौलाड़ी , गर्सलेख और पमतोला समेत कई गांवों में पहली बार करीब 5 हेक्टेयर भूमि पर लहलहाती कीवी की बेलें किसानों के चेहरों पर सालों बाद मुस्कान लौटा रही हैं ।पारंपरिक फसलें जंगली जानवरों ने की चौपट , तो कीवी बनी गेम चेंजर
अब तक यहां के किसान पारंपरिक फसलों पर निर्भर थे , लेकिन एक रात में जंगली जानवरों द्वारा खेत साफ कर दिए जाने की घटनाओं ने उनकी कमर तोड़ दी थी । न फसल बचती , न मेहनत की कमाई । ऐसे में कीवी उत्पादन किसानों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरा है । कीवी फसल को प्राकृतिक रूप से जंगली जानवर कम नुकसान पहुंचाते हैं , जिससे ग्रामीणों में फिर से खेती - किसानी के प्रति भरोसा जागा है ।विभागीय टीम बनी संजीवनी , तकनीक और तारबाड़ से मिली ताकत
कीवी विस्तार अभियान में जिला उद्यान अधिकारी हरीश कोहली , मुख्य कृषि अधिकारी धनपद कुमार और एडीओ उद्यान प्रदीप पचौली की सक्रिय भूमिका किसानों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं रही । समय पर पौधों की सप्लाई , खेतों के लिए तारबाड़ और सुरक्षा व्यवस्था , नियमित तकनीकी मार्गदर्शन और गांव - गांव फील्ड विज़िट ने किसानों की हिम्मत को नई उड़ान दी है । विभागीय सहयोग के दम पर ग्रामीण अब केवल गुजारे की नहीं , अतिरिक्त कमाई और समृद्धि के सपने भी देखने लगे हैं ।ढरोंज से झुडेली तक ...... कीवी से चमकते किसान
गरसाड़ी के भूपेंद्र गहतोड़ी व भुवन गहतोड़ी , ढरोंज के प्रकाश जोशी , झुडेली के नवीन पचौली , जौलाड़ी के बहादुर सिंह मेहता , पमतोला के चिंतामणि भट्ट और गर्सलेख के बी.डी. बिष्ट अपने - अपने कीवी बागानों में लदे फलों को देखकर बेहद उत्साहित हैं । किसानों का कहना है - अगर हम कुछ साल पहले ही कीवी उत्पादन शुरू कर देते , तो न पलायन की दिक्कत रहती , न ही मेहनत का इतना नुकसान होता । आज यही किसान गांव के युवाओं को भी कीवी की खेती अपनाने की सलाह दे रहे हैं ।अतिरिक्त आय से बढ़ेगा कीवी का प्रक्षेत्र , रुकेगा पलायन
कीवी की पहली सफल पैदावार ने किसानों को अतिरिक्त आय का भरोसा दिया है । खेती को घाटे का सौदा मानकर गांव छोड़ने की सोच रहे कई युवा अब कीवी बागवानी को करियर ऑप्शन की तरह देखने लगे हैं । किसानों का दावा है कि विभाग द्वारा दी गई सुरक्षा सुविधाओं , सब्सिडी और नए बाजार अवसरों के कारण अब और भी ग्रामीण कीवी की तरफ आकर्षित हो रहे हैं । आने वाले वर्षों में पाटी ब्लॉक में कीवी का प्रक्षेत्र बढ़ने के साथ - साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई रफ़्तार मिलने की उम्मीद है ।कीवी से बदल जाएगी चम्पावत की ब्रांड इमेज
स्थानीय लोगों का मानना है कि जिस तरह हिमाचल की पहचान सेब से जुड़ गई , आने वाले समय में इसी रफ्तार से बगीचे बनते रहें तो चम्पावत की नई पहचान कीवी जिले के रूप में हो सकती है । किसानों को विश्वास है कि , वह दिन दूर नहीं जब पाटी ब्लॉक के खेत - खलिहान कीवी उत्पादन से आच्छादित होकर चम्पावत की तस्वीर ही नहीं , तकदीर भी बदल देंगे । अब यहां कीवी की मधुर सफलता के साथ किसान अब अपने सपनों को पंख दे चुके हैं ।
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