वारदात : सड़क किनारे नवजात शिशु का कटा हुआ सिर , पुलिस महकमे में हड़कंप
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
चमोली ( Chamoli ) - चमोली ज़िले के थराली थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली और इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है । ग्राम हाट कल्याणी से आगे वाण मुंदोली जाने वाली सड़क के नीचे स्थित एक खेत में नवजात शिशु का कटा हुआ सिर पड़ा मिला । जैसे ही ग्रामीणों को इस बारे में पता चला , पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई और दहशत का माहौल बन गया । सूचना मिलते ही थराली थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया । यह मंजर देखकर ग्रामीणों की रूह काँप उठी और हर चेहरा सन्न व सुन्न नजर आया ।खेत में मिला नवजात का सिर , गांव में खौफ और सन्नाटा
जानकारी के मुताबिक , राहगीरों ने सड़क के नीचे खेत में संदिग्ध वस्तु देखी । जब वे नज़दीक पहुंचे तो पता चला कि वह नवजात शिशु का सिर है । यह भयावह दृश्य देखकर मौके पर चीख-पुकार मच गई , महिलाएँ और बुजुर्ग भावुक हो उठे और बच्चे सहम गए । तुरंत इसकी सूचना थराली थाना पुलिस को दी गई । कुछ ही देर में पुलिस दल घटनास्थल पर पहुँच गया और पूरे क्षेत्र को घेर कर जांच शुरू कर दी । लोग यह सोचकर सन्न रह गए कि आखिर किसी मासूम के साथ इतनी क्रूरता किसने और क्यों की होगी । गांव में खौफ , गुस्सा और दर्द का मिला-जुला माहौल है और हर कोई इस अमानवीय कृत्य की निंदा कर रहा है ।एसपी चमोली ने लिया तत्काल संज्ञान , पूरे जिले में बढ़ाई गई सतर्कता
घटना सामने आते ही पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पँवार ने मामले को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए तत्काल संज्ञान लिया । उन्होंने थराली थाने को सख्त निर्देश जारी किए कि इस जघन्य अपराध के पीछे छिपे चेहरे किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएँगे । एसपी ने वैज्ञानिक और तकनीकी आधार पर जाँच तेज करने के लिए अलग-अलग टीमों को मौके पर रवाना करने के निर्देश दिए । पूरे जिले में पुलिस सतर्कता बढ़ा दी गई है , ताकि अगर कहीं भी इससे जुड़ा कोई सुराग मिले तो तुरंत उस पर कार्रवाई की जा सके । पुलिस महकमे के भीतर भी इस घटना को लेकर गहरी चिंता और नाराजगी है और इसे टॉप प्रायरिटी केस के रूप में लिया जा रहा है ।सीओ कर्णप्रयाग के जिम्मे कमान , पुलिस कर रही गहन पूछताछ
इस संवेदनशील मामले की जाँच की कमान पुलिस उपाधीक्षक कर्णप्रयाग त्रिवेन्द्र सिंह राणा को सौंपी गई है । वे स्वयं पूरे प्रकरण की व्यक्तिगत निगरानी कर रहे हैं । सीओ कर्णप्रयाग और व0उ0नि0 संजय नेगी टीम के साथ स्थानीय लोगों से गहन पूछताछ कर रहे हैं । आसपास के गांवों , ढाबों , दुकानों और रास्तों पर हाल के दिनों में देखी गई किसी भी संदिग्ध गतिविधि के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है । पुलिस यह भी खंगाल रही है कि कहीं क्षेत्र में किसी महिला की प्रेग्नेंसी , अचानक गायब होना , गुपचुप प्रसव या नवजात के अचानक गायब होने जैसी कोई घटना तो दर्ज नहीं हुई । जाँच टीमें घर - घर जाकर महिलाओं , आशा वर्कर और स्थानीय स्वास्थ्यकर्मियों से भी जानकारी ले रही हैं , ताकि घटना के पीछे छिपे किसी भी एंगल को नज़रअंदाज़ न किया जाए ।फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वाड सक्रिय , वैज्ञानिक तरीके से जुटाए जा रहे सबूत
घटनास्थल पर फील्ड यूनिट ( फॉरेंसिक टीम ) ने पहुँचकर कल ही साक्ष्यों के संकलन का महत्वपूर्ण काम पूरा किया । खेत के आसपास से मिट्टी के सैंपल , खून के धब्बों के निशान , पैरों के निशान , टायर के मार्क , कपड़े या किसी भी शक़ की सामग्री को बेहद सावधानी से सुरक्षित किया गया है । घटनास्थल की फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई है , ताकि भविष्य में जाँच के हर स्तर पर इनका उपयोग किया जा सके । इसी के साथ डॉग स्क्वाड की टीम भी मौके पर पहुँची और आसपास के क्षेत्र में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया । कुत्तों की मदद से संभावित रूट , जहाँ से अपराधी आए या गए हो सकते हैं , उनका पता लगाने की कोशिश की जा रही है । खेतों के बीच की पगडंडियों , सुनसान स्थानों और सड़क किनारे के हिस्सों की बारीकी से तलाशी ली जा रही है । पुलिस इस उम्मीद में है कि घटनास्थल से जुड़े छोटे से छोटा सुराग भी अपराधियों तक पहुँचने में अहम भूमिका निभा सकता है ।एसओजी खंगाल रही CCTV फुटेज , हर संदिग्ध हरकत पर नज़र
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसओजी टीम को भी सक्रिय कर दिया गया है । एसओजी क्षेत्र के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है । पेट्रोल पंप , दुकानों , निजी प्रतिष्ठानों , चौराहों और मुख्य मार्गों पर लगे CCTV से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना के समय या उससे पहले - बाद कोई संदिग्ध वाहन , व्यक्ति या गतिविधि तो रिकॉर्ड नहीं हुई । पुलिस इस केस को भ्रूण हत्या , अवैध संबंध , अनचाहा गर्भ , अंधविश्वास या किसी अन्य आपराधिक षड्यंत्र सहित हर एंगल से देख रही है ।तकनीकी , इलेक्ट्रॉनिक और मानव खुफिया तंत्र , तीनों स्तर पर जांच को तेज़ कर दिया गया है ।72 घंटे तक फ्रीजर में सुरक्षित रखा जाएगा नवजात का सिर , होगी शिनाख्त की कोशिश
पुलिस ने नवजात शिशु के सिर को विधि अनुसार अपने कब्जे में लेकर पंचायतनामा तैयार किया और उसे उप जिला चिकित्सालय , कर्णप्रयाग भेज दिया है । वहां इस शव-अंग को 72 घंटे के लिए फ्रीजर में सुरक्षित रखा गया है , ताकि इस अवधि में शिनाख्त की हर संभावित कोशिश की जा सके । यदि किसी परिवार , मोहल्ले या क्षेत्र से किसी नवजात के संदिग्ध रूप से गायब होने , अचानक दफनाने या छुपाने की जानकारी मिलती है , तो उसे सीधे इस केस की जाँच से जोड़ा जाएगा । 72 घंटे की अवधि पूरी होने के बाद , मृतक की मृत्यु का स्पष्ट कारण जानने के लिए विधिवत पोस्टमार्टम कराया जाएगा । इसके आधार पर यह भी स्पष्ट होगा कि नवजात जीवित पैदा हुआ था या मृत , और उसके साथ क्या-क्या अमानवीय बर्ताव किया गया ।डीएनए सैंपल सुरक्षित , वैज्ञानिक जाँच से पकड़े जाएँगे अपराधी
भविष्य की जाँच को मजबूत आधार देने के लिए पुलिस और मेडिकल टीम ने महत्वपूर्ण डीएनए सैंपल सुरक्षित रखवाए हैं । इन सैंपलों की मदद से आगे चलकर संदिग्ध माता - पिता , रिश्तेदारों या किसी भी संभावित आरोपी से डीएनए मिलान कराया जा सकेगा । यदि क्षेत्र में किसी महिला की संदिग्ध डिलीवरी , गर्भपात , या नवजात से जुड़ी कोई घटना सामने आती है , तो वैज्ञानिक जाँच के ज़रिए सच और झूठ का फर्क साफ किया जाएगा । पुलिस का दावा है कि फॉरेंसिक और डीएनए तकनीक की मदद से इस जघन्य अपराध के दोषियों तक पहुँचने की संभावना काफी मजबूत है , और जल्द ही इस मामले में बड़ा खुलासा हो सकता है ।देवभूमि के लिए आइना : मासूम पर इतनी क्रूरता क्यों ?
यह मामला सिर्फ एक क्राइम स्टोरी नहीं , बल्कि समाज की सोच पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है । जन्म लेने से पहले या तुरंत बाद ही किसी मासूम की हत्या कर उसके सिर को सड़क किनारे खेत में फेंक देना , न सिर्फ कानून की दृष्टि से घोर अपराध है , बल्कि इंसानियत को कलंकित करने वाला कृत्य है । कहीं यह अनचाहे गर्भ की परिणति है , कहीं सामाजिक बदनामी का डर , या फिर किसी कुप्रथा , अंधविश्वास या क्रूर मानसिकता का नतीजा - ये सवाल अभी अनुत्तरित हैं , लेकिन समाज के सामने कठोर सवाल की तरह खड़े हैं । पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को भी हाल के दिनों में किसी महिला की संदिग्ध प्रेग्नेंसी , गुपचुप प्रसव , अचानक नवजात के गायब होने , किसी निजी क्लीनिक या दाई के स्तर पर संदिग्ध गतिविधि या किसी भी तरह की प्रासंगिक जानकारी हो , तो तुरंत पुलिस को अवगत कराएं । पुलिस ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी ।पुलिस अलर्ट मोड पर , जल्द बड़े खुलासे की उम्मीद
थराली थाना क्षेत्र की यह घटना पूरे चमोली जिल़े को झकझोर चुकी है । पुलिस अधीक्षक से लेकर सीओ कर्णप्रयाग , फॉरेंसिक टीम , डॉग स्क्वाड और एसओजी , सभी मिलकर इस केस को टॉप प्रायरिटी पर हैंडल कर रहे हैं । हर रोज़ घटनास्थल और आसपास के इलाकों में जाँच की मॉनिटरिंग की जा रही है । पुलिस का दावा है कि साक्ष्यों , तकनीकी इनपुट और जनता से मिलने वाली सूचनाओं के आधार पर जल्द ही इस जघन्य अपराध की कड़ियाँ जुड़ेंगी और मासूम के साथ ऐसी अमानवीय हैवानियत करने वाले अपराधियों को कानून के शिकंजे में लाया जाएगा ।
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