बड़ी ख़बर : कोर्ट के आदेश पर जमीन से कब्ज़ा हटाने का फरमान जारी
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
उधम सिंह नगर ( Us Nagar ) - पूर्व कैबिनेट मंत्री व विधायक अरविंद पांडेय के आवास परिसर से अवैध अतिक्रमण हटाने को तहसील प्रशासन ने नोटिस थमाया है । मंगलवार की शाम को गदरपुर तहसील के कानूनगो भगत सिंह पटवारी , सुरजीत सिंह , हरजीत जितेंद्र सिंह और सरताज अली , क्षेत्रीय विधायक अरविंद पांडे के आवास पर पहुंचे । विधायक की अनुपस्थिति में उन्होंने उनके पुत्र अतुल पांडे को आवास परिसर में बने कैंप कार्यालय की 0.158 हेक्टेयर भूमि पर बने अवैध अतिक्रमण को हटाने संबंधित नोटिस दिया । सरकारी जमीन पर अवैध कब्ज़ा कर रहे अरविंद पाण्डे ( पुत्र वीरेन्द्र पाण्डे ) को 15 दिनों के अंदर कब्ज़ा हटाने का अल्टीमेटम जारी कर दिया गया है । अगर उसने ऐसा नहीं किया , तो प्रशासन स्वयं कब्ज़ा हटाकर जमीन कब्ज़ा कर लेगा ।जानिए , क्या है पूरा मामला ?
गांव गुलरभोज में स्थित खाता संख्या 64 , खसरा संख्या 12ग में , 0.158 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर , पक्का निर्माण (भवन/सड़क) पाया गया है । उच्च न्यायालय नैनीताल के आदेश के बाद तहसीलदार कार्यालय ने जांच में पाया कि उक्त जमीन पर बिना अनुमति अवैध निर्माण और कब्ज़ा किया गया है । यह भी खुलासा हुआ कि यह रकबा दो सड़कों के बीच में है , जिनमें से एक सड़क के किनारे से सिंचाई नहर होकर जाती है ।न्यायालय ने कहा - हटाओ या हटाया जाएगा
उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली के आदेशों के अनुरूप , और उच्च न्यायालय नैनीताल के 26 दिसंबर 2024 के दिशा-निर्देशों के बाद , तहसीलदार ने 15 दिन का नोटिस जारी कर कहा है - अगर कब्ज़ा स्वंय नहीं हटाया गया , तो प्रशासन वैधानिक तरीके से ज़बरदस्ती हटाएगा ।जानिए , क्या कहा तहसीलदार ने ?
उक्त रकबा दो सड़कों के बीच में है , जहां पक्का निर्माण पाया गया है । इस पर अवैध कब्ज़ा चिन्हित हुआ है ।
नोटिस में साफ़ लिखा है कि आदेश का पालन न होने पर कानूनी कार्रवाई होगी । इस नोटिस के निकलने के बाद गांव में चटकारों का माहौल । लोगों का कहना है - सरकार आखिर कब धोखे से ज़मीन पर कब्जा करने वालों पर कार्रवाई करेगी ? क्या यही कानून है कि किसी के दोस्त या रिश्तेदार को छू भी नहीं सकते ? सोशल मीडिया पर भी यह खबर वायरल हो रही है , और लोग इस पर अपनी अलग-अलग राय दे रहे हैं । अब इंतज़ार इस बात का है कि , आवेदक खुद कब्ज़ा हटाता है या नहीं ? प्रशासन कब तक वास्तविक कार्रवाई शुरू करता है ? क्या कोर्ट में इसे लेकर और कोई मोड़ आएगा ? सबकी निगाहें अब 15 दिनों पर टिकी हैं ।
उत्तराखंड हाईकोर्ट अवैध कब्जा, गुलरभोज ज़मीन मामला, सरकारी भूमि कब्जा हटाओ, गदरपुर तहसील नोटिस, 15 दिन का अल्टीमेटम, भूमि विवाद उत्तराखंड, ज़मीन पर पक्का निर्माण, न्यायालय आदेश, तहसीलदार गदरपुर कार्रवाई
खबर से जुड़ी अन्य तस्वीरें: