चम्पावत : रीठा साहिब में किसानों ने सीखे मीठी कमाई के गुर
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
रिपोर्ट - दीपक शर्मा
चम्पावत ( Champawat ) - जिले के पाटी विकासखंड अंतर्गत दूरस्थ क्षेत्र रीठा साहिब में तीन दिवसीय मौन पालन ( मधुमक्खी पालन ) प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया । यह प्रशिक्षण एस एम सहगल संस्था द्वारा आयोजित किया गया , जिसमें आसपास के 6 गांवों के किसानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया । ग्रामीण अंचल में स्वरोजगार की नई उम्मीद जगाते इस कार्यक्रम ने किसानों में खासा उत्साह पैदा किया ।मधुमक्खी बनेगी आमदनी की मशीन - किसानों को मिला प्रैक्टिकल ज्ञान
प्रशिक्षक हरीश चंद्र जोशी ने किसानों को मौन पालन के व्यवसायिक पहलुओं पर गहन जानकारी दी । उन्होंने बताया कि कम लागत में शुरू होने वाला यह व्यवसाय किसानों के लिए अतिरिक्त आय का मजबूत साधन बन सकता है । प्रशिक्षण में - मधुमक्खी पालन की शुरुआत कैसे करें , बॉक्स प्रबंधन और रखरखाव , शहद उत्पादन की तकनीक , रोग नियंत्रण एवं सावधानियां , बाजार में शहद की बिक्री और मुनाफा रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई । किसानों को बताया गया कि सही प्रबंधन के साथ यह व्यवसाय सालाना हजारों से लाखों तक की आय दे सकता है ।किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में ठोस कदम
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और पारंपरिक खेती के साथ अतिरिक्त आय के स्रोत उपलब्ध कराना था । विशेषज्ञों ने बताया कि मौन पालन से फसलों की पैदावार भी बढ़ती है , क्योंकि मधुमक्खियां परागण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं । कार्यक्रम में सहगल संस्था की ओर से इंदर सिंह बिष्ट समेत कई प्रतिनिधि मौजूद रहे ।स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का भी मिला सहयोग
कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई । ग्राम प्रधान प्रतिनिधि चौड़ापिता कुंदन सिंह बोहरा , ग्राम प्रधान चौड़ा मेहता लक्ष्मण सिंह मेहता आदि लोगों ने किसानों को इस व्यवसाय को अपनाने के लिए प्रेरित किया और भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण आयोजित कराने का आश्वासन दिया ।पहाड़ में मीठी क्रांति की दस्तक
रीठा साहिब जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों के लिए नई दिशा साबित हो रहे हैं । अगर किसान इस तकनीक को अपनाते हैं तो आने वाले समय में चम्पावत जिले में शहद क्रांति देखने को मिल सकती है । मौन पालन न केवल स्वरोजगार का जरिया है , बल्कि यह पहाड़ के किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की मजबूत कड़ी भी बन सकता है ।
चम्पावत समाचार, पाटी ब्लॉक खबर, रीठा साहिब न्यूज, उत्तराखंड किसान समाचार, मौन पालन प्रशिक्षण, मधुमक्खी पालन उत्तराखंड, शहद उत्पादन, किसानों की आय दोगुनी, ग्रामीण स्वरोजगार, उत्तराखंड हिंदी समाचार
खबर से जुड़ी अन्य तस्वीरें: