19 मार्च से होगी चैत्र नवरात्र और हिंदू नव संवत्सर 2083 की शुरुआत
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
चम्पावत ( Champawat ) - इस साल चैत्र नवरात्र 19 मार्च , गुरुवार से शुरू हो रहा है । इस दिन शुक्ल योग में कलश स्थापना के साथ ही हिंदू नव संवत्सर 2083 का शुभारंभ होगा । इसे सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र दिन माना गया है क्योंकि मान्यता है कि इसी दिन ब्रह्मा जी ने संपूर्ण सृष्टि की रचना की थी ।जानिए , इस साल का वार और राजा ग्रह
चैत्र नवरात्र : मां के आगमन और विदाई का विशेष महत्व
इस नवरात्र में मां का आगमन पालकी पर और विदाई हाथी पर होगी , जिसे अच्छी वर्षा और समृद्धि का संकेत माना जाता है ।जानिए , तिथि क्षय और प्रतिपदा का महत्व
जानिए , चैत्र नवरात्र 2083 पूजा और व्रत कार्यक्रम ( क्रमवार )
19 मार्च (गुरुवार)
तिथि : अमावस्या एवं प्रतिपदा
योग : शुक्ल योग
पूजा : माता शैल पुत्री का ध्यान
विशेष : स्नान-दान का शुभ समय ।
20 मार्च (शुक्रवार)
नक्षत्र : रेवती
योग : ब्रह्म योग
पूजा : ब्रह्मचारिणी माता का ध्यान ।
21 मार्च (शनिवार)
तिथि : तृतीया
नक्षत्र : अश्विनी
योग : ऐंद्र योग
पूजा : माता चंद्रघंटा की पूजा
22 मार्च (रविवार)
तिथि : चतुर्थी
नक्षत्र : भरणी
योग : रवि योग
पूजा : माता कूष्मांडा का ध्यान
23 मार्च (सोमवार)
तिथि : पंचमी
नक्षत्र : कृतिका
योग : रवि योग
पूजा : स्कंद माता की पूजा
24 मार्च (मंगलवार)
तिथि : षष्ठी
नक्षत्र : रोहिणी
पूजा : माता कात्यायनी की पूजा
25 मार्च (बुधवार)
तिथि : सप्तमी
नक्षत्र : मृगशिरा
योग : आयुष्मान
पूजा : माता कालरात्रि का ध्यान
26 मार्च (गुरुवार)
तिथि : अष्टमी
नक्षत्र : अनुराधा
योग : शोभन योग
पूजा : महागौरी माता का ध्यान
विशेष : महाअष्टमी का व्रत
27 मार्च (शुक्रवार)
तिथि : नवमी
नक्षत्र : पुनर्वसु (संध्या से पुष्य नक्षत्र 05:08 बजे से)
योग : रवि योग, यायीजय, सर्वार्थ सिद्धि योग
पूजा : माता सिद्धिदात्री की पूजा
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