डोली बनी एंबुलेंस ! सड़क न होने से 6 KM ढोई गई गर्भवती , अस्पताल पहुंचते ही हुआ प्रसव
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
4 साल से अटकी सड़क , आज भी दर्द झेल रहा एरोड़ा गांव ।
चमोली ( Chamoli ) - जिले के विकासखंड देवाल के अनुसूचित जाति बहुल ऐरठा गांव में सड़क सुविधा के अभाव ने एक बार फिर ग्रामीणों की पीड़ा उजागर कर दी । प्रसव पीड़ा से तड़प रही 34 वर्षीय महिला को ग्रामीणों ने डंडी-कंडी ( डोली ) के सहारे करीब 5 से 6 किलोमीटर पैदल ले जाकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल पहुंचाया , जहां उसने स्वस्थ शिशु को जन्म दिया । मां और नवजात दोनों सुरक्षित हैं ।सड़क नहीं , मजबूरी में डोली बनी एंबुलेंस
ग्रामीणों के अनुसार ऐरठा गांव आज भी सड़क से नहीं जुड़ पाया है । निकटतम मोटर मार्ग गांव से कई किलोमीटर दूर है , जिससे बीमार , बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है ।2021 में मिली मंजूरी , निर्माण अब तक शुरू नहीं
देवाल-पदमल्ला-कंजड़-एरोड़ा-ओडर मोटर मार्ग के लगभग आठ किलोमीटर लंबे निर्माण कार्य को वर्ष 2021 में स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन भूमि विवाद , विभागीय समन्वय की कमी और वन स्वीकृतियों के चलते सड़क निर्माण आज तक शुरू नहीं हो पाया ।ग्रामीणों में रोष , जल्द निर्माण की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के अभाव में हर आपात स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है । उन्होंने शासन-प्रशासन से ऐरठा गांव तक सड़क निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने की मांग की है ।
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