बिग ब्रेकिंग : अरुणाचल पर चीन का कब्जा ? भारतीय सेना और पूर्व RAW एजेंट के खुलासे ने पलटा पूरा मामला
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
सोशल मीडिया पर मचा हड़कंप , लेकिन सामने आई अलग कहानी ।
नई दिल्ली ( New Delhi ) - सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है , जिसमें दावा किया जा रहा है कि चीनी सेना (PLA) अरुणाचल प्रदेश में कई किलोमीटर अंदर तक घुस आई है । इस दावे ने लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी । हालांकि , अब इस पूरे मामले पर पूर्व RAW एजेंट लकी बिष्ट और भारतीय सेना दोनों ने स्थिति स्पष्ट कर दी है ।पूर्व RAW एजेंट बोले - यह चीनी सेना नहीं , विद्रोही संगठन के सदस्य हैं
भारत की खुफिया एजेंसी RAW के पूर्व अधिकारी लकी बिष्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वायरल वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि इस वीडियो के जरिए फैलाया जा रहा चीनी घुसपैठ का दावा पूरी तरह भ्रामक है । उन्होंने कहा कि वीडियो में दिखाई दे रहे हथियारबंद लोग चीनी सेना के जवान नहीं , बल्कि नॉर्थ-ईस्ट में सक्रिय विद्रोही संगठन यूनाइटेड नेशनल लिब्रेशन फ्रंट (UNLF) के सदस्य हैं ।अरुणाचल नहीं , मणिपुर का बताया वीडियो
लकी बिष्ट के अनुसार , जिस वीडियो को अरुणाचल प्रदेश का बताकर वायरल किया जा रहा है , वह वास्तव में मणिपुर के फयांग क्षेत्र का है और यह घटना लगभग पांच दिन पुरानी है । उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर गलत लोकेशन और झूठे दावों के साथ वीडियो प्रसारित कर लोगों में भ्रम फैलाया जा रहा है ।आदिवासी संगठन के दावे से बढ़ा था विवाद
इससे पहले अरुणाचल प्रदेश के नाह आदिवासी संगठन ने दावा किया था कि उनकी पुश्तैनी जमीन और पारंपरिक चारागाहों पर चीनी सेना ने कब्जा कर लिया है । संगठन का कहना था कि जिन इलाकों में वे वर्षों से मवेशी चराने और वन उत्पाद लेने जाते थे , वहां अब PLA की मौजूदगी है । इसी दावे के बाद सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को उसी घटना से जोड़कर व्यापक रूप से शेयर किया जाने लगा ।भारतीय सेना ने अफवाहों पर लगाया विराम
भारतीय सेना ने वायरल दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना द्वारा कैंप लगाने या नए अतिक्रमण की खबरें गलत , भ्रामक और आधारहीन हैं । सेना ने कहा कि मीडिया और सोशल मीडिया पर चल रही रिपोर्टों का वास्तविक स्थिति से कोई संबंध नहीं है और लोगों से अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करने की अपील की ।सोशल मीडिया पर अफवाहों से रहें सतर्क
विशेषज्ञों का कहना है कि सीमा सुरक्षा जैसे संवेदनशील मामलों में वायरल वीडियो या पोस्ट पर आंख मूंदकर भरोसा करना उचित नहीं है । किसी भी जानकारी पर विश्वास करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूर कर लेनी चाहिए, क्योंकि फर्जी दावे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में अनावश्यक भ्रम और दहशत पैदा कर सकते हैं ।
अरुणाचल प्रदेश चीनी घुसपैठ, China PLA Arunachal News, वायरल वीडियो सच, लकी बिष्ट, RAW एजेंट, UNLF, मणिपुर वायरल वीडियो, भारतीय सेना बयान, Arunachal China News Hindi, PLA Infiltration Fact Check, India China Border News, उत्तराखंड हिंदी समाचार
खबर से जुड़ी अन्य तस्वीरें: