उत्तराखंड में कारगिल के रणबांकुरों को शत-शत नमन ! कहीं गूंजे भारत माता की जय के नारे , कहीं 650 युवाओं ने लगाई दौड़ , तो कहीं शहीदों के नाम रोपे गए पौधे
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
देहरादून/पौड़ी गढ़वाल/चम्पावत - कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर पूरे उत्तराखंड में देशभक्ति का अभूतपूर्व ज्वार देखने को मिला । कहीं युद्ध स्मारकों पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई , कहीं सैकड़ों युवाओं ने मैराथन दौड़कर देशभक्ति का संदेश दिया , तो कहीं पूर्व सैनिकों ने अपने युद्ध संस्मरण सुनाकर नई पीढ़ी में राष्ट्रसेवा की अलख जगाई । प्रदेशभर में आयोजित कार्यक्रमों ने कारगिल के अमर शहीदों के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को भावभीनी श्रद्धांजलि दी ।देहरादून : राजावाला युद्ध स्मारक पर उमड़ा देशभक्ति का सैलाब
देहरादून के राजावाला स्थित युद्ध स्मारक पर पूर्व सैनिक अर्धसैनिक जन जागृति समिति के तत्वावधान में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया । पूर्व सैनिकों , जनप्रतिनिधियों, मातृशक्ति, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए । कार्यक्रम का संचालन करते हुए शिशुपाल सिंह रावत ने कारगिल युद्ध की गौरवगाथा सुनाई और बटालिक सेक्टर के बहादुर चरवाहे ताशी नामग्याल के योगदान को याद किया , जिनकी सतर्कता से दुश्मन की घुसपैठ की महत्वपूर्ण जानकारी भारतीय सेना तक पहुंची थी । उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिकों ने विश्वासघात का मुंहतोड़ जवाब देकर तिरंगे की आन-बान-शान को कायम रखा । कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष हनुमत सिंह रावत , जसपाल सिंह नेगी , बलवंत सिंह नेगी , देवेंद्र सिंह रावत , जिला पंचायत सदस्य हुकुम पाल , ग्राम प्रधान कैलाश चौहान , क्षेत्र पंचायत सदस्य सूरज चौधरी सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और गणमान्य लोग मौजूद रहे ।पौड़ी : 650 कदम नहीं... 650 दिल शहीदों के नाम धड़के
कारगिल विजय दिवस पर जय देवभूमि फाउंडेशन द्वारा कोटद्वार में आयोजित चतुर्थ मिनी हाफ मैराथन में 650 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लेकर शहीदों को अनोखी श्रद्धांजलि दी । मैराथन देवी मंदिर से शुरू होकर मिनी स्टेडियम , मोटाढांग में संपन्न हुई । प्रतियोगिता में जूनियर , सीनियर , ओपन वर्ग और गढ़वाल राइफल्स एमटी कैंप के जवानों ने भी हिस्सा लिया । कार्यक्रम का शुभारंभ सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल चंद्रपाल पटवाल , भाजपा जिला अध्यक्ष राज गौरव नौटियाल , सुमन कोटनाला और सुनीता कोटनाला ने किया । वक्ताओं ने युवाओं से सैनिकों के त्याग और बलिदान से प्रेरणा लेकर अनुशासित एवं राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पित जीवन जीने का आह्वान किया । प्रतियोगिता में आशीष , समीक्षा , विजय , अंकिता , अनुज नेगी , शीतल और गढ़वाल राइफल्स के पंकज सिंह अपने-अपने वर्गों में विजेता रहे ।चम्पावत : पूर्व सैनिकों ने सुनाई कारगिल की वीरगाथा , शहीदों के नाम रोपे पौधे
टनकपुर सैनिक विश्राम कक्ष में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक परिषद के तत्वावधान में श्रद्धांजलि एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ तहसीलदार पिंकी आर्य और कोतवाल चेतन रावत ने दीप प्रज्वलित कर तथा कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित कर किया ।कारगिल विजय दिवस सिर्फ इतिहास नहीं , प्रेरणा का पर्व है
कोतवाल चेतन रावत ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस , वीरता और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है । यह दिन हर भारतीय को राष्ट्रभक्ति और देश के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है । वक्ताओं ने कारगिल युद्ध के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए शहीदों के बलिदान को सदैव स्मरण रखने का आह्वान किया ।पूर्व सैनिकों ने साझा किए युद्ध के संस्मरण
कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व सैनिकों ने कारगिल युद्ध से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए युवाओं से देशहित को सर्वोपरि रखने और राष्ट्रसेवा के लिए सदैव तत्पर रहने का संदेश दिया ।शहीद सैनिकों के नाम एक वृक्ष अभियान बना आकर्षण
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के समापन पर शहीद सैनिकों के नाम एक वृक्ष अभियान के तहत सैनिक विश्राम गृह परिसर में वृक्षारोपण किया गया । कार्यक्रम का संचालन राजेंद्र सिंह अधिकारी ने किया । इस अवसर पर कैप्टन चंद्रशेखर गहतोड़ी , केशव सिंह भंडारी , जोश सिंह , पूर्णानंद जोशी , सूबेदार मेजर महेश जोशी , सूबेदार पुष्कर सिंह बोरा , सूबेदार धर्म सिंह रावत , हवलदार मनोज तिवारी , हवलदार कैलाश राय , हवलदार दिग्विजय तड़ागी , अजय गुरुरानी , विजेंद्र अग्रवाल , डॉ. देवी दत्त जोशी , जगदीश जोशी सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे ।उत्तराखंड ने दिया एक संदेश - शहीदों का बलिदान कभी नहीं भूलेगा देश
कारगिल विजय दिवस पर उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में हुए इन आयोजनों ने यह साबित कर दिया कि देवभूमि आज भी अपने वीर सपूतों के बलिदान को सर्वोच्च सम्मान देती है । श्रद्धांजलि , मैराथन , युद्ध संस्मरण और वृक्षारोपण जैसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं में राष्ट्रभक्ति , अनुशासन और देशसेवा की भावना को नई ऊर्जा मिली ।
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