बिग ब्रेकिंग : तहसील में 20 घंटे का हाई-वोल्टेज ड्रामा ! रिश्वत के आरोप में हिरासत , फिर अचानक रिहाई... आखिर फिर क्या हुआ ?
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
उधम सिंह नगर ( U S Nagar ) - जिले के सितारगंज तहसील में कथित रिश्वतखोरी के मामले ने ऐसा मोड़ लिया है , जिसने पूरे प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है । विजिलेंस की कार्रवाई , कर्मचारियों का जबरदस्त विरोध , पूरी रात चला तनाव और फिर करीब 20 घंटे बाद हिरासत में लिए गए दोनों कर्मचारियों की अचानक रिहाई... इस पूरे घटनाक्रम ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं । आखिर ऐसा क्या हुआ कि विजिलेंस टीम दोनों कर्मचारियों को अपने साथ लिए बिना ही तहसील से लौट गई ? किसान की शिकायत पर पहुंची विजिलेंस , तहसील में मच गया हड़कंप
बताया जा रहा है कि एक किसान की शिकायत के आधार पर विजिलेंस टीम ने सितारगंज तहसील में कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ सहायक भूपेंद्र सिंह राणा और एक संग्रह अमीन को कथित तौर पर रिश्वत लेने के आरोप में हिरासत में लिया । कार्रवाई की खबर फैलते ही तहसील परिसर में हड़कंप मच गया और कर्मचारियों ने इसका खुलकर विरोध शुरू कर दिया । रातभर चला विरोध , धरने पर बैठे कर्मचारी
जैसे ही दोनों कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया , तहसील कर्मचारी एकजुट हो गए । कर्मचारियों ने विजिलेंस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए तहसील परिसर में धरना शुरू कर दिया । देर रात तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा । प्रशासन , पुलिस और विजिलेंस अधिकारियों के बीच लगातार मंथन चलता रहा , जबकि पूरे घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी रहीं । 20 घंटे बाद बड़ा यू-टर्न ! हिरासत से रिहा हुए दोनों कर्मचारी
करीब 20 घंटे तक चले हाई-वोल्टेज घटनाक्रम के बाद गुरुवार सुबह विजिलेंस टीम ने हिरासत में लिए गए दोनों कर्मचारियों को रिहा कर दिया । इसके बाद टीम पुलिस सुरक्षा के बीच तहसील परिसर से रवाना हो गई , लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह रहा कि जिन कर्मचारियों को रिश्वत के आरोप में हिरासत में लिया गया था , उन्हें साथ क्यों नहीं ले जाया गया ? यहीं से पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया और तहसील से लेकर जिलेभर में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया । आखिर ऐसा क्या हुआ ? उठ रहे हैं कई बड़े सवाल
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि - क्या विजिलेंस को जांच में कोई नया तथ्य मिला ? क्या कर्मचारियों के विरोध का कार्रवाई पर कोई असर पड़ा ? क्या आगे एफआईआर या गिरफ्तारी होगी ? क्या मामला अभी सिर्फ प्रारंभिक जांच के स्तर पर है ? या फिर आने वाले दिनों में कोई बड़ा खुलासा होने वाला है ? इन सवालों के जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं हैं ।आधिकारिक बयान का इंतजार , जांच जारी
फिलहाल विजिलेंस या प्रशासन की ओर से पूरे घटनाक्रम पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है । अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी । अब पूरे उत्तराखंड की नजरें इस हाई-प्रोफाइल मामले पर टिकी हैं कि आखिर रिश्वत के आरोपों की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और सच सामने आने में कितना वक्त लगता है ।
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