चम्पावत : डेढ़ करोड़ की पार्किंग पर बवाल ! ईओ पर उठे सवाल , 26 अगस्त से धरने की चेतावनी
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
चम्पावत से सूरज लडवाल की रिपोर्ट
लोहाघाट की डेढ़ करोड़ की पार्किंग पर घमासान ! जनता के लिए बनी पार्किंग 20 लोगों को क्यों ? 26 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान ।
चम्पावत ( Champawat ) - जिले के लोहाघाट नगर की बहुचर्चित पार्किंग को लेकर अब विवाद गहराता जा रहा है । करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से आम जनता के लिए बनाई गई पार्किंग के इस्तेमाल को लेकर लोहाघाट विकास संघर्ष समिति ने पालिका प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है । समिति ने सवाल उठाया है कि जब पार्किंग जनता के पैसे से बनी है तो इसका लाभ आम लोगों को क्यों नहीं मिल रहा ? समिति अध्यक्ष विपिन गोरखा के नेतृत्व में सोमवार को पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने एसडीएम लोहाघाट नीतू डांगर को ज्ञापन सौंपकर मीना बाजार चौराहे स्थित पालिका की पार्किंग को आम जनता के लिए खोलने की मांग की । साथ ही चेतावनी दी कि 24 अगस्त तक मांग पूरी नहीं हुई तो 26 अगस्त से पार्किंग स्थल पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा ।डेढ़ करोड़ की पार्किंग , फिर भी जनता सड़क पर क्यों ?लोहाघाट विकास संघर्ष समिति का आरोप है कि नगर पालिका परिषद लोहाघाट ने मीना बाजार चौराहे में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये खर्च कर पार्किंग का निर्माण आम जनता की सुविधा के लिए कराया था । लेकिन समिति के मुताबिक अब इस पार्किंग का लाभ आम जनता को देने के बजाय नगर के करीब 20 चुनिंदा लोगों को दिया गया है । समिति का सवाल सीधा है - जब पार्किंग का निर्माण जनता की सुविधा के लिए हुआ था तो आम वाहन चालकों को वहां पार्किंग की सुविधा क्यों नहीं मिल रही ?पालिका की पार्किंग बंद, बाहर खड़े वाहनों के चालान !
समिति अध्यक्ष विपिन गोरखा ने कहा कि पार्किंग की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण बाजार में आने वाले लोगों को अपने वाहन सड़क किनारे खड़े करने पड़ रहे हैं । ऐसे में पुलिस द्वारा वाहनों के चालान किए जा रहे हैं । यानी एक तरफ पालिका की पार्किंग खाली या सीमित लोगों के इस्तेमाल में है , तो दूसरी तरफ बाजार में खरीदारी करने आने वाले आम लोगों को वाहन खड़ा करने की समस्या से जूझना पड़ रहा है । अब सवाल उठ रहा है - जब करोड़ों की लागत से पार्किंग बनाई गई तो उसका वास्तविक लाभ किसे मिल रहा है ?डीएम के निर्देश भी चार महीने से ठंडे बस्ते में ?
विपिन गोरखा ने पालिका के अधिशासी अधिकारी सौरभ नेगी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए । उनका कहना है कि जिलाधिकारी चम्पावत ने पालिका के ईओ को लोहाघाट विकास संघर्ष समिति के साथ बैठक कर पार्किंग को आम जनता के लिए खोलने के संबंध में चर्चा करने के निर्देश दिए थे । समिति का आरोप है कि निर्देश के करीब चार महीने बीतने के बावजूद इस मुद्दे पर कोई ठोस चर्चा नहीं हुई । गोरखा के अनुसार , ईओ ने उनके साथ वार्ता कर मामले को पालिका की बोर्ड बैठक में रखने का आश्वासन भी दिया था , लेकिन अभी तक कोई समाधान सामने नहीं आया ।जनता के पैसे से चुनिंदा लोगों को फायदा क्यों ?समिति अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पालिका अधिकारी मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं और उन्हें जनता की परेशानी से कोई सरोकार नहीं है । उन्होंने कहा कि जनता के धन से तैयार की गई पार्किंग का लाभ कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित करना उचित नहीं है । उन्होंने प्रशासन से तत्काल पार्किंग को आम जनता के लिए खोलने की मांग की है ।पार्किंग नहीं तो दुकानों का निर्माण करने की मांग
विपिन गोरखा ने वैकल्पिक सुझाव देते हुए कहा कि यदि पालिका पार्किंग को आम जनता के लिए उपलब्ध नहीं कराना चाहती तो वहां दुकानों का निर्माण कराया जाए , ताकि चौपाटी की तर्ज पर स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें । समिति का कहना है कि इससे एक ओर युवाओं को रोजगार मिल सकता है तो दूसरी ओर नगर पालिका को भी आय प्राप्त होगी ।26 अगस्त से धरना... क्या होगा अगला कदम ?
लोहाघाट विकास संघर्ष समिति ने पालिका प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि 24 अगस्त तक मांग पूरी नहीं हुई तो 26 अगस्त से पार्किंग स्थल पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा । समिति ने कहा कि इसके बाद उत्पन्न होने वाली स्थिति की पूरी जिम्मेदारी पालिका प्रशासन की होगी ।स्थानीय लोगों ने भी उठाए सवाल
पार्किंग को लेकर स्थानीय लोगों में भी नाराजगी सामने आ रही है। लोगों का कहना है कि बाजार में खरीदारी करने आने वाले लोगों के लिए पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होना जरूरी है । यदि आम जनता को पार्किंग उपलब्ध होती है तो लोगों को वाहन खड़ा करने में राहत मिलेगी , बाजार में यातायात व्यवस्था बेहतर हो सकती है और पालिका की आय में भी इजाफा हो सकता है । अब सबसे बड़ा सवाल यही है - डेढ़ करोड़ की लागत से बनी पार्किंग आखिर आम जनता के काम कब आएगी ? क्या पालिका प्रशासन समिति की मांग पर कोई ठोस निर्णय लेगा या फिर 26 अगस्त से धरने के साथ लोहाघाट में पार्किंग का मुद्दा और गरमाएगा ? ज्ञापन देने वालों में राजकिशोर शाह , लोकेश पांडे , अजय गोरखा , महेंद्र सिंह सहित अन्य लोग शामिल रहे ।पार्किंग जनता के लिए बंद , और फोन पत्रकारों के लिए
लोहाघाट पार्किंग विवाद पर ईओ सौरभ नेगी का पक्ष जानने के लिए उत्तराखंड हिंदी समाचार ने फोन मिलाया , लेकिन साहब ने फोन रिसीव नहीं किया । कुल मिलाकर कहा जाय तो - लोहाघाट में पार्किंग जनता के लिए बंद है और ईओ का फोन पत्रकारों के लिए ?
लोहाघाट पार्किंग विवाद, चम्पावत लोहाघाट समाचार, लोहाघाट विकास संघर्ष समिति, विपिन गोरखा, लोहाघाट नगरपालिका, मीना बाजार पार्किंग, लोहाघाट पार्किंग आंदोलन, चम्पावत न्यूज, लोहाघाट न्यूज, उत्तराखंड हिंदी समाचार
खबर से जुड़ी अन्य तस्वीरें: