बहुत हुई महंगाई की मार ! चीनी के दाम में रिकॉर्ड तेजी से जनता परेशान
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
चीनी ने बिगाड़ा रसोई का बजट ! 15 दिन में ₹17 किलो महंगी , गुड़-मिश्री के दाम भी उछले , महंगाई पर सरकार घिरी ।
चीनी ने बिगाड़ा रसोई का बजट ! 15 दिन में ₹17 किलो महंगी , गुड़-मिश्री के दाम भी उछले , महंगाई पर सरकार घिरी ।
देहरादून ( Dehradun ) - रसोई में चाय की चुस्की अब जेब पर भारी पड़ने लगी है । मिठास घोलने वाली चीनी के दामों में अचानक जोरदार उछाल आया है । महज 15 दिनों के भीतर चीनी की कीमत करीब 17 रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ़ गई है । वहीं गुड़ और मिश्री भी महंगाई की दौड़ में पीछे नहीं हैं । इनके दामों में भी 20 से 30 रुपये किलो तक का उछाल बताया जा रहा है ।15 दिन में 45 से 62 रुपये किलो पहुंची चीनी
किराना कारोबारियों के मुताबिक करीब 15 दिन पहले चीनी 45 रुपये प्रति किलो बिक रही थी । बुधवार को यही चीनी बढ़कर 62 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई , लेकिन कुछ स्थानों में इससे भी अधिक दामों में चीनी बिकने लगी है । यानी आम उपभोक्ता को सीधे तौर पर करीब 17 रुपये से ज्यादा , प्रति किलो ज्यादा चुकाने पड़ रहे हैं । चीनी के दामों में इतनी तेज बढ़ोतरी ने उपभोक्ताओं को भी हैरान कर दिया है । बुजुर्गों और पुराने कारोबारियों का कहना है कि इतनी कम अवधि में चीनी के भाव में इतना बड़ा उछाल सामान्य नहीं माना जा सकता ।गुड़ ने भी दिखाई गरमी , 50 से सीधे 80 रुपये किलो
महंगाई की आग सिर्फ चीनी तक सीमित नहीं है । गुड़ की कीमत भी 50 रुपये से बढ़कर 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है । यानी गुड़ खरीदने वालों की जेब पर भी एक झटके में करीब 30 रुपये किलो का अतिरिक्त बोझ पड़ गया ।मिश्री भी हुई महंगी , 50 से 70 रुपये किलो
मिश्री की कीमतों में भी तेजी देखने को मिल रही है । बताया जा रहा है कि करीब 15 दिन पहले मिश्री 50 रुपये किलो थी , जो अब बढ़कर 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है । यानी चाय , मिठाई या घरेलू इस्तेमाल के लिए चीनी-मिश्री खरीदने वाला परिवार हो या गुड़ का इस्तेमाल करने वाला उपभोक्ता , महंगाई ने हर तरफ से रसोई का बजट कस दिया है ।थोक बाजार में भी चीनी के तेवर तल्ख
हल्द्वानी गल्ला मंडी मर्चेंट एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष एवं गल्ला कारोबारी रोहित गर्ग के मुताबिक बुधवार को चीनी का थोक भाव करीब 58 रुपये प्रति किलो रहा । उनका कहना है कि बाजार में चीनी की सप्लाई कम होने की चर्चा के बीच कीमतों में अभी और बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है । अगर सप्लाई की स्थिति सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में खुदरा बाजार में चीनी के दाम और ऊपर जाने की चिंता उपभोक्ताओं को सताने लगी है ।चीनी - गुड ही नहीं , यहां भी महंगाई का तड़का
महंगाई का दायरा अब सिर्फ चीनी , गुड़ और मिश्री तक सीमित नहीं है । रसोई में रोजाना इस्तेमाल होने वाली हल्दी , मिर्च और धनिया जैसे मसालों के साथ मसूर दाल , सरसों , रिफाइंड तेल , चावल और आटे की कीमतों में भी उछाल देखने को मिल रहा है । यानी आम परिवार के लिए महीने का राशन जुटाना लगातार महंगा होता जा रहा है । एक तरफ चीनी के दाम 15 दिनों में 17 रुपये किलो तक बढ़ गए , तो दूसरी ओर रोजमर्रा की कई जरूरी वस्तुओं की कीमतें भी बजट बिगाड़ने में लगी हैं । ऐसे में सवाल सिर्फ चीनी की मिठास का नहीं , बल्कि पूरी रसोई के बढ़ते खर्च का है । महंगाई की यह रफ्तार आम आदमी की कमर पर कितना और बोझ और उत्तराखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव पर कितना असर डालेगी , यह आने वाले दिनों में साफ होगा ।महंगाई पर विपक्ष का सरकार पर हमला
चीनी के दामों में अचानक आए उछाल ने राजनीतिक तापमान भी बढ़ा दिया है । महंगाई के मुद्दे पर विपक्षी दलों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है । सवाल यह उठ रहा है कि जब रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी चीजों के दाम इतनी तेजी से बढ़ रहे हैं , तो आम आदमी की रसोई को राहत आखिर कब मिलेगी ? एक तरफ आय और रोजगार की चुनौतियां हैं , दूसरी तरफ खाने-पीने की जरूरी वस्तुओं के बढ़ते दाम घरेलू बजट पर लगातार दबाव बना रहे हैं । ऐसे में चीनी , गुड़ और मिश्री सहित अन्य रसोई की चीजों की कीमतों में अचानक उछाल ने महंगाई से राहत के दावों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं ।चाय की मिठास पर महंगाई की कड़वाहट
चीनी के दाम बढ़ने का असर सिर्फ एक किलो चीनी खरीदने तक सीमित नहीं रहेगा । चाय की दुकानों से लेकर मिठाई , बेकरी और अन्य खाद्य कारोबारों की लागत पर भी इसका असर पड़ सकता है । कारोबारियों ने सप्लाई की स्थिति को लेकर चिंता जताई है , जिससे आने वाले दिनों में कीमतों पर नजर बनी हुई है । अब आम जनता का सवाल सीधा है - जब रसोई में इस्तेमाल होने वाली जरूरी चीजें ही लगातार महंगी होंगी , तो घर का बजट आखिर कैसे चलेगा ?जनता की दो टूक , बहुत हुई महंगाई की मार
चीनी में 15 दिन में 17 रुपये का उछाल , गुड़ में 30 रुपये और मिश्री में 20 रुपये तक की बढ़ोतरी , ऐसे ही रसोई के अन्य सामग्री पर महंगाई ने आम उपभोक्ता की चिंता बढ़ा दी है । अब निगाहें सरकार और बाजार दोनों पर हैं कि महंगाई की इस मार से जनता को राहत कब मिलेगी ।
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