अजब - गजब : श्रमिक सुविधा केंद्र बना , असुविधा केंद्र ! 60-70 किमी दूर से पहुंचे श्रमिक , पंजीकरण में परेशानी का आरोप
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
चम्पावत ( Champawat ) - जिला मुख्यालय के गौरलचौड़ स्थित श्रमिक सुविधा केंद्र में इन दिनों श्रमिक पंजीकरण कराने पहुंच रहे लोगों की भीड़ परेशानी का सबब बन रही है । जिले के दूर-दराज इलाकों से श्रमिक पंजीकरण की उम्मीद लेकर चम्पावत पहुंच रहे हैं । लोगों का कहना है कि भीड़ के मुकाबले व्यवस्था पर्याप्त नहीं होने के कारण उन्हें पंजीकरण के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है और कुछ लोगों को बिना काम पूरा हुए वापस लौटना पड़ रहा है । उत्तराखंड श्रम विभाग की वेबसाइट पर श्रमिकों के लिए ई-श्रम पंजीकरण समेत विभिन्न श्रम संबंधी सेवाओं की जानकारी उपलब्ध है । वहीं , चम्पावत जिला प्रशासन की ओर से भी श्रमिक कल्याण शिविर आयोजित किए जाने की सूचना जारी की गई थी ।सुबह से ही पहुंचने लगते हैं श्रमिक
श्रमिकों के अनुसार , पंजीकरण कराने के लिए लोग सुबह से ही श्रमिक सुविधा केंद्र पहुंचने लगते हैं । कई लोग जिले के दूरस्थ क्षेत्रों से लंबा सफर तय कर यहां पहुंचते हैं । उनका कहना है कि 60-70 किलोमीटर तक का सफर करने के बाद भी यदि पंजीकरण नहीं हो पाए तो समय और आने-जाने का खर्च दोनों बढ़ जाते हैं ।भीड़ के मुकाबले काउंटर बढ़ाने की मांग
लोगों का कहना है कि श्रमिक पंजीकरण के लिए काउंटरों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए , ताकि भीड़ को व्यवस्थित तरीके से संभाला जा सके और लोगों को घंटों इंतजार न करना पड़े । श्रमिकों की मांग है कि पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाया जाए और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त काउंटर अथवा स्टाफ की व्यवस्था की जाए ।सुविधा केंद्र में , सुविधा की तलाश
श्रमिकों की परेशानी ने केंद्र के नाम को लेकर भी व्यंग्य की स्थिति पैदा कर दी है । लोगों का कहना है कि जब केंद्र का उद्देश्य ही श्रमिकों को सुविधा देना है तो यहां ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि दूर-दराज से आने वाले लोगों को बार-बार जिला मुख्यालय की दौड़ न लगानी पड़े । यानी सवाल सीधा है - श्रमिक सुविधा केंद्र में श्रमिकों को सुविधा आखिर कब और कितनी मिलेगी ?पूर्व ग्राम प्रधान हरीश सिंह अधिकारी ने उठाई आवाज
ग्राम पंचायत चौंडला के पूर्व ग्राम प्रधान हरीश सिंह अधिकारी ने भी श्रमिकों को हो रही परेशानी पर नाराजगी जताई है । उन्होंने श्रमिक पंजीकरण के लिए काउंटरों की संख्या बढ़ाने की मांग की है । हरीश सिंह अधिकारी का कहना है कि जिले के दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले श्रमिकों को अनावश्यक परेशानी से बचाने के लिए हर विकासखंड स्तर पर श्रमिक पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए ।ब्लॉक स्तर पर सुविधा मिले तो बचेगा समय और पैसा
पर्वतीय जिले में कई गांव जिला मुख्यालय से काफी दूर हैं । ऐसे में यदि विकासखंड स्तर पर पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध होती है तो श्रमिकों को चम्पावत तक आने-जाने में लगने वाला समय और खर्च दोनों बच सकते हैं । अब देखना होगा कि श्रमिकों की इस मांग पर संबंधित विभाग क्या कदम उठाता है । फिलहाल श्रमिकों की मांग साफ है - पंजीकरण की प्रक्रिया आसान हो , काउंटर बढ़ें और ब्लॉक स्तर पर सुविधा उपलब्ध कराई जाए ।
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