गजब हाल : चीनी के बढ़ते भाव का असर ! पहाड़ों में चाय हुई महंगी , 2 की 3 और 3 की 4 से चल रहा काम
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
विशेष रिपोर्ट - सूरज लडवाल
गरम चुस्की : 10 की जगह 15 तो कहीं 15 की 20 रुपये की हुई चाय ।
उत्तराखंड ( Uttarakhand ) - प्रदेश में चीनी के बढ़ते दामों का असर अब आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है । चीनी की कीमतों में अचानक आई तेजी के बाद चाय और मिठाई की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है । खासकर कुमाऊं और गढ़वाल के पहाड़ी इलाकों में ठंड के साथ चाय की बढ़ती कीमत लोगों को परेशान करने लगी है ।बारिश के बाद ठंडी फुहारें शुरू , चाय के दाम ने दिया झटका
उत्तराखंड के पहाड़ों में इन दिनों बारिश के साथ मौसम में ठंडक बढ़ने लगी है । ठंडी हवाओं और फुहारों के बीच लोगों के लिए चाय सिर्फ पसंद नहीं , बल्कि मौसम से राहत का एक सहारा भी बन जाती है । ऐसे में जब लोग चाय की दुकानों और नुक्कड़ों पर पहुंच रहे हैं तो उन्हें गर्म चाय के साथ बढ़े हुए दाम का भी सामना करना पड़ रहा है ।10 रुपये की चाय अब 15 रुपये में और 15 वाली 20 रुपये में
चीनी के दाम बढ़ने का सीधा असर चाय की कीमत पर पड़ा है । कई स्थानों पर जहां पहले एक कप चाय 10 रुपये में मिलती थी , अब उसके लिए 15 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं । वहीं 15 रुपये वाली चाय की कीमत बढ़कर 20 रुपये तक पहुंच गई है । चाय विक्रेताओं का कहना है कि चीनी के अलावा दूध , गैस और अन्य जरूरी सामान की कीमतों में बढ़ोतरी ने भी लागत बढ़ा दी है । ऐसे में पुराने दाम पर चाय बेचना उनके लिए मुश्किल होता जा रहा है ।चाय के शौकीनों का बजट बिगड़ा
पहाड़ों में चाय की चुस्की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है । सुबह की शुरुआत से लेकर बाजार में दोस्तों के साथ बैठकी तक , चाय यहां सामाजिक मेलजोल का भी अहम माध्यम है । लेकिन कीमत बढ़ने के बाद रोजाना चाय पीने वाले लोगों का बजट प्रभावित होने लगा है । पहले जहां 10 रुपये में चाय की चुस्की आसानी से ली जा सकती थी , अब उसी के लिए 15 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं । रोजाना कई कप चाय पीने वालों के लिए यह बढ़ोतरी महीने के खर्च पर खासा असर डाल सकती है ।पूरी चाय की जगह कटिंग से चल रहा काम
बढ़ी कीमतों का असर कुछ जगहों पर इस तरह दिखाई दे रहा है कि लोग पूरी चाय के बजाय कम मात्रा वाली चाय से काम चला रहे हैं । कई लोग दो की तीन या तीन की चार चाय जैसे विकल्पों के जरिए खर्च कम करने की कोशिश कर रहे हैं । यानी पहाड़ों में ठंड से बचने के लिए जिस चाय को अब तक आम आदमी की छोटी-सी जरूरत माना जाता था , उसकी बढ़ती कीमत धीरे-धीरे जेब पर भारी पड़ने लगी है ।मिठाई की कीमतों पर भी पड़ सकता है असर
चीनी के दाम में बढ़ोतरी का असर केवल चाय तक सीमित नहीं है । मिठाई बनाने में चीनी प्रमुख कच्चा माल है । ऐसे में चीनी महंगी होने से मिठाई कारोबार की लागत भी बढ़ सकती है । इसका असर आने वाले दिनों में मिठाइयों के दाम पर भी दिखाई देने की संभावना है । फिलहाल , पहाड़ों में मौसम की ठंडक के बीच चीनी की वजह से चाय की बढ़ती कीमत लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है । एक ओर ठंड बढ़ रही है और दूसरी ओर चाय की कीमतें , ऐसे में आम उपभोक्ता के लिए गरम चुस्की भी पहले के मुकाबले महंगी होती जा रही है ।
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