अजब - गजब : ₹1,200 के सरकारी विज्ञापन पर मचा बवाल ! न्यूज पोर्टल संचालकों में नाराजगी , 2027 से पहले गरमाएगा मुद्दा
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
देहरादून ( Dehradun ) - उत्तराखंड में डिजिटल मीडिया संस्थानों की बढ़ती भूमिका के बीच सरकारी विज्ञापन दरों को लेकर नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है । उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने न्यूज पोर्टल और वेबसाइटों को मिलने वाले विज्ञापन की दर बढ़ाने की मांग उठाई है ।₹1,200 बैनर पर सवाल
यूनियन ने सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी से मुलाकात कर प्रति बैनर/वीडियो एड फिल्म ₹1,200 प्रतिमाह की निर्धारित दर पर पुनर्विचार की मांग की । पोर्टल संचालकों का कहना है कि सर्वर-होस्टिंग , तकनीकी रखरखाव , पत्रकारों का मानदेय , कैमरा , वीडियो एडिटिंग और डिजिटल कंटेंट निर्माण जैसे खर्च लगातार बढ़ रहे हैं । ऐसे में ₹1,200 की विज्ञापन दर ऊंट के मुंह में जीरा जैसी नजर आ रही है ।डीजी सूचना ने दिया भरोसा
सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि विज्ञापन दरों में संशोधन की मांग का विभागीय स्तर पर नियमानुसार परीक्षण कराया जाएगा । उन्होंने डिजिटल मीडिया को जनता तक समाचार और जनहितकारी सूचनाएं पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बताया ।अब मुद्दे पर चढ़ेगा सियासी रंग ?
इधर , उत्तराखंड के न्यूज पोर्टल संचालकों में भी विज्ञापन दरों को लेकर नाराजगी बढ़ रही है । बेरोजगार संघ के पूर्व अध्यक्ष बॉबी पंवार ने भी इस व्यवस्था को अजब-गजब करार दिया है । ऐसे में मामला अब सिर्फ मीडिया संस्थानों की आर्थिक परेशानी तक सीमित रहने के बजाय राजनीतिक बहस का मुद्दा बनता दिखाई दे रहा है । 2027 का विधानसभा चुनाव करीब है और राजनीतिक दल मुद्दों की तलाश में हैं । ऐसे में डिजिटल मीडिया की विज्ञापन नीति और पत्रकार हित आने वाले दिनों में सियासी मंच पर भी जोर पकड़ सकते हैं । अब सवाल यही है - क्या ₹1,200 की दर में बदलाव होगा या डिजिटल मीडिया की यह आवाज भी सरकारी फाइलों में दबकर रह जाएगी ?
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