खौफनाक कदम : युवक ने खुद को लगाई आग , 50% झुलसा शरीर
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
पिथौरागढ़ ( Pithoragarh ) - जिले में युवाओं से जुड़ी आत्मघाती घटनाएं लगातार चिंता बढ़ा रही हैं । गंगोलीहाट क्षेत्र के एक गांव में 18 वर्षीय युवक ने संदिग्ध परिस्थितियों में अपने ऊपर तारपीन का तेल छिड़ककर आग लगा ली । युवक की चीख-पुकार सुनकर परिजन और पड़ोसी मौके पर पहुंचे , लेकिन तब तक वह आग की लपटों में घिर चुका था । गंभीर रूप से झुलसे युवक को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंगोलीहाट ले जाया गया , जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल पिथौरागढ़ रेफर कर दिया गया ।अचानक कमरे से आई चीख-पुकार , खिड़की तोड़कर अंदर पहुंचे परिजन
जानकारी के मुताबिक घटना सोमवार शाम की है । युवक अपने कमरे में अकेला था । कुछ देर बाद कमरे के भीतर से उसकी चीखने की आवाज सुनाई दी । दरवाजा अंदर से बंद था । आवाज सुनकर परिजनों और पड़ोसियों ने खिड़की तोड़कर कमरे में प्रवेश किया , जहां युवक आग की लपटों से घिरा मिला । लोगों ने किसी तरह आग बुझाई और युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया । घटना के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया ।शरीर का करीब 50 फीसदी हिस्सा झुलसा , हालत गंभीर
गंगोलीहाट में प्राथमिक उपचार के बाद युवक को जिला अस्पताल पिथौरागढ़ रेफर किया गया । चिकित्सकों के अनुसार आग से युवक का करीब 50 फीसदी शरीर झुलस गया है , जिसमें कमर से ऊपर का हिस्सा अधिक प्रभावित बताया गया है । जिला अस्पताल में देर रात चिकित्सकों की टीम ने युवक का उपचार किया , लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया ।आखिर युवक ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया ? वजह अब भी रहस्य
घटना के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है । परिजनों और चिकित्सकों ने युवक से घटना के संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया , लेकिन वह कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सका । ऐसे में युवक ने आखिर किस परिस्थिति में यह खौफनाक कदम उठाया , यह सवाल अब भी अनसुलझा है । पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है ।पिथौरागढ़ में बढ़ती ऐसी घटनाएं चिंता का विषय
युवाओं द्वारा गुस्से , तनाव , पारिवारिक परिस्थितियों अथवा अन्य कारणों से खुद को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं बेहद गंभीर सामाजिक चिंता का विषय हैं । एक छोटी सी परेशानी या क्षणिक भावावेश भी कभी-कभी जिंदगी पर भारी पड़ सकता है । ऐसी घटनाओं को केवल कानून-व्यवस्था का विषय मानकर छोड़ने के बजाय परिवार , समाज , विद्यालय-कॉलेज , स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को मिलकर युवाओं के मानसिक तनाव और संकट की पहचान पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है ।रोकथाम के लिए समय रहते उठाने होंगे प्रभावी कदम
विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से युवा परामर्श केंद्र , मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग , हेल्पलाइन और जागरूकता अभियान मजबूत किए जाने की आवश्यकता है । परिवारों को भी युवाओं के व्यवहार में अचानक आए बदलाव , अत्यधिक तनाव , अकेलेपन या निराशा के संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए । पिथौरागढ़ जैसे पहाड़ी जिले में युवाओं से जुड़ी ऐसी घटनाएं सामने आना प्रशासन और समाज दोनों के लिए चेतावनी है । जरूरत इस बात की है कि घटना होने के बाद कार्रवाई से आगे बढ़कर ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए जमीनी स्तर पर प्रभावी व्यवस्था तैयार की जाए । उत्तराखंड हिंदी समाचार भी अपने पाठकों से भी अपील करता है , यदि किसी व्यक्ति को खुद को नुकसान पहुंचाने का तत्काल खतरा हो , तो उसे अकेला न छोड़ें और तुरंत स्थानीय आपातकालीन सेवा , नजदीकी अस्पताल या किसी विश्वसनीय व्यक्ति से सहायता लें ।
पिथौरागढ़ समाचार, गंगोलीहाट समाचार, पिथौरागढ़ युवक ने लगाई आग, गंगोलीहाट युवक आग की घटना, पिथौरागढ़ आत्मघाती घटना, उत्तराखंड क्राइम न्यूज, पिथौरागढ़ लेटेस्ट न्यूज, उत्तराखंड हिंदी समाचार, गंगोलीहाट लेटेस्ट न्यूज, पिथौरागढ़ युवक झुलसा