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Thursday, 22-October-2026

Home आस्था / आध्यात्म

वीडियो : बग्वाल युद्ध नहीं , सदियों पुरानी परंपरा का जीवंत निर्वहन - Uttarakhand Hindi Samachar

Posted by admin
Posted Date: 2026-08-27 09:50:46
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वीडियो : बग्वाल युद्ध नहीं , सदियों पुरानी परंपरा का जीवंत निर्वहन


(Report - uttarakhandhindisamachar.com)

चम्पावत से सूरज लडवाल की रिपोर्ट
चम्पावत ( Champawat ) - उत्तराखंड की ऐतिहासिक देवीधुरा बग्वाल को अक्सर पत्थरों की वर्षा और रोमांचक दृश्यों के कारण युद्ध से जोड़कर देखा जाता है , लेकिन इसकी वास्तविक पहचान सदियों से चली आ रही लोकपरंपरा और आस्था के निर्वहन में है । हर साल रक्षाबंधन के अवसर पर होने वाली यह परंपरा आज भी अपनी ऐतिहासिक मान्यताओं और सांस्कृतिक स्वरूप के साथ जीवंत है । वीडियो का लिंक खबर के अंत में दिया गया है ।

पत्थर बरसते हैं , लेकिन उद्देश्य युद्ध नहीं

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बग्वाल में चार खामों से जुड़े लोग पारंपरिक रूप से मैदान में उतरते हैं और एक-दूसरे पर फल , फूल तथा प्रतीकात्मक रूप से पत्थर फेंकते हैं । इसे वास्तविक युद्ध या किसी पक्ष को पराजित करने की लड़ाई मानना उचित नहीं है । बग्वाल का मूल भाव परंपरा , आस्था और सामुदायिक सहभागिता से जुड़ा है ।

परंपरा के पीछे सदियों पुरानी मान्यता

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देवीधुरा की बग्वाल के साथ स्थानीय लोकविश्वास और ऐतिहासिक परंपराएं जुड़ी हैं । समय के साथ इसके स्वरूप और आयोजन में बदलाव जरूर आया , लेकिन इसकी मूल सांस्कृतिक पहचान आज भी कायम है । यही कारण है कि नई पीढ़ी भी इस परंपरा को आगे बढ़ा रही है । वीडियो का लिंक खबर के अंत में दिया गया है ।

आज भी कायम है चार खामों की परंपरा

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बग्वाल का आयोजन चार खामों की पारंपरिक भागीदारी के साथ होता है । मैदान में उतरने वाले लोग किसी व्यक्तिगत दुश्मनी के लिए नहीं , बल्कि पूर्वजों से चली आ रही परंपरा को निभाने के लिए इसमें शामिल होते हैं । यही पहलू इसे सामान्य संघर्ष या युद्ध से अलग पहचान देता है । वीडियो का लिंक खबर के अंत में दिया गया है ।

बग्वाल उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत

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देवीधुरा की बग्वाल केवल पत्थरों की वर्षा का दृश्य नहीं , बल्कि लोक आस्था , इतिहास , सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का संगम है । इसलिए इसे सनसनीखेज तरीके से युद्ध कहना इसकी वास्तविक सांस्कृतिक भावना को सीमित कर देता है । बग्वाल का संदेश साफ है - यह लड़ाई नहीं , परंपरा का निर्वहन है । दुश्मनी नहीं , आस्था और विरासत का उत्सव है ।

वीडियो देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर टच करें

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यूट्यूब पर देखें -https://youtu.be/ZZjo7lUER0E?si=9XQhE_DbUwcysKOr


फेसबुक पर देखें -https://www.facebook.com/share/v/1EeX7Q54Rn/


इंस्टाग्राम पर देखें -https://www.instagram.com/reel/Dch2XbAJd7Q/?igsi=MW53cGVwZzB4enJrZg==


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