वीडियो : बग्वाल युद्ध नहीं , सदियों पुरानी परंपरा का जीवंत निर्वहन
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
चम्पावत से सूरज लडवाल की रिपोर्ट
चम्पावत ( Champawat ) - उत्तराखंड की ऐतिहासिक देवीधुरा बग्वाल को अक्सर पत्थरों की वर्षा और रोमांचक दृश्यों के कारण युद्ध से जोड़कर देखा जाता है , लेकिन इसकी वास्तविक पहचान सदियों से चली आ रही लोकपरंपरा और आस्था के निर्वहन में है । हर साल रक्षाबंधन के अवसर पर होने वाली यह परंपरा आज भी अपनी ऐतिहासिक मान्यताओं और सांस्कृतिक स्वरूप के साथ जीवंत है । वीडियो का लिंक खबर के अंत में दिया गया है ।पत्थर बरसते हैं , लेकिन उद्देश्य युद्ध नहीं
परंपरा के पीछे सदियों पुरानी मान्यता
आज भी कायम है चार खामों की परंपरा
बग्वाल उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत
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