चम्पावत : रीठा साहिब - रमक मोटरमार्ग बदहाल , 2 किमी सड़क बनी हादसों का खतरा
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
चम्पावत से सूरज लडवाल की रिपोर्ट
चम्पावत ( Champawat ) - सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही है , लेकिन चम्पावत जिले के सीमांत इलाकों में जमीनी तस्वीर इन दावों से बिल्कुल अलग नजर आ रही है । रीठा साहिब - रमक मोटरमार्ग की बदहाल हालत ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं । सड़क पर जगह-जगह बदहाली का आलम है और वारसी भूमिया मंदिर के आसपास करीब 2 किलोमीटर मोटरमार्ग दुर्घटना को दावत देता नजर आ रहा है ।वारसी भूमिया मंदिर के पास सड़क की हालत चिंताजनक
वारसी भूमिया मंदिर के आसपास सड़क की स्थिति बेहद खराब बताई जा रही है । करीब दो किलोमीटर हिस्से में मोटरमार्ग की बदहाली के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है । सड़क की खराब स्थिति वाहन चालकों के लिए भी परेशानी और खतरे का कारण बनी हुई है । स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमांत क्षेत्र को जोड़ने वाली सड़क की हालत लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है , लेकिन समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नजर नहीं आ रही है । सीमांत क्षेत्र के साथ सौतेला व्यवहार का आरोप
सड़क की बदहाली को लेकर यूकेडी नेता दरवान सिंह रजवार ने चिंता जताई है । उन्होंने सरकार पर सीमांत क्षेत्र के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है । रजवार का कहना है कि सरकार विकास को लेकर लगातार दावे करती है , लेकिन सीमांत क्षेत्रों की मूलभूत समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं । सड़क जैसी बुनियादी सुविधा की बदहाल स्थिति यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर विकास का लाभ सीमांत क्षेत्र तक कब पहुंचेगा ?सड़क सुधरे तो मिले राहत , वरना बढ़ता रहेगा खतरा
रीठा साहिब - रमक मोटरमार्ग क्षेत्र के लोगों के लिए महज एक सड़क नहीं , बल्कि आवागमन का महत्वपूर्ण माध्यम है । सड़क की स्थिति खराब होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है । सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही जिम्मेदार विभाग की नींद टूटेगी ? स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग जल्द सड़क की स्थिति का जायजा लेकर बदहाल हिस्से की मरम्मत कराएगा ।विकास के दावों के बीच उठ रहे सवाल
चम्पावत को विकास के मॉडल के रूप में पेश किए जाने के बीच सीमांत क्षेत्र की सड़क की बदहाली कई सवाल खड़े कर रही है । रीठा साहिब - रमक मोटरमार्ग की हालत अब महज सड़क की समस्या नहीं , बल्कि सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर भी दिखा रही है ।जानिए क्या कहता है विभाग
पीएमजीएसवाई के अधिकारियों ने बताया डामरीकरण के लिए इस सड़क का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है । डीपीआर अभी भारत सरकार के पास पेंडिंग है । जैसे ही विभाग को अनुमति मिलेगी , सड़क का कार्य शुरू किया जाएगा ।
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