चम्पावत में विकास की ऐसी तस्वीर ! सड़क के लिए जिला पंचायत निधि खर्च , फिर भी 10 किमी पैदल ढोना पड़ा मरीज
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
चम्पावत से सूरज लडवाल की रिपोर्ट
विकास के दावों की खुली पोल ! जिला पंचायत निधि से सड़क बनी , लेकिन नहीं दौड़ पाई गाड़ियां , 10 किमी डोली में मरीज ढोने को मजबूर ग्रामीण ।
PMGSY ने कहा - कच्ची सड़क की सफाई करवाई जाएगी , जिसके बाद ग्रामीणों की उम्मीद बढ़ी है ।
चम्पावत ( Champawat ) - सरकार पहाड़ों तक सड़क पहुंचाने और गांव - गांव तक विकास की तस्वीर बदलने के लाख दावे करती है , लेकिन चम्पावत जिले के सीमांत इलाकों में जमीनी हकीकत इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है । ग्रामीणों ने बताया जिले की ग्राम पंचायत बगेड़ी में जिला पंचायत निधि से सड़क तो काट दी गई , लेकिन सड़क बनने के बाद भी ग्रामीणों को उसका वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है । हालात यह हैं कि जरूरत पड़ने पर मरीजों को सड़क के बजाय डोली के सहारे करीब 10 किलोमीटर पैदल लाना पड़ रहा है ।सड़क कटी , लेकिन गाड़ी चलने लायक नहीं
ग्राम पंचायत बगेड़ी के आगर तोक तक सड़क की स्थिति ठीक बताई जा रही है , लेकिन आगर से शुक्रिया तोक तक करीब 10 किलोमीटर सड़क काटे जाने के बावजूद इसमें वाहनों का संचालन नहीं हो पा रहा है । सड़क ग्रामीणों के लिए सुविधा बनने के बजाय महज रास्ते तक सीमित होकर रह गई है ।चिनौला , हिडिंगा , शुक्रिया और फुरकियाझाला आज भी सड़क से दूर
ग्राम पंचायत के चिनौला , हिडिंगा , शुक्रिया और फुरकियाझाला जैसे तोक आज भी नियमित सड़क सुविधा से महरूम हैं । सड़क संपर्क के अभाव में ग्रामीणों को रोजमर्रा के आवागमन के साथ - साथ बीमारी और आपातकाल की स्थिति में सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है ।मरीज को 10 किलोमीटर डोली में ढोकर लाए ग्रामीण
स्थानीय निवासी दुर्गा जोशी ने बताया कि हाल ही में एक मरीज को डोली के सहारे करीब 10 किलोमीटर पैदल लाया गया । सड़क सुविधा के अभाव में बीमार और बुजुर्ग लोगों को अस्पताल तक पहुंचाना ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है । उन्होंने कहा कि देश चांद पर पहुंच गया है , लेकिन ग्राम पंचायत बगेड़ी तक आज भी गाड़ी नहीं पहुंच पाई है । ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का निर्माण केवल कागजों और बजट तक सीमित न रहकर ऐसा होना चाहिए , जिससे वास्तविक रूप से वाहन गांव तक पहुंच सकें ।प्रधान बोले - विधायक निधि की सड़क ठप , डोली के सहारे मरीज
ग्राम प्रधान दीवान सिंह ने बताया कि विधायक निधि से बनी सड़क फिलहाल ठप है । सड़क पर वाहनों की आवाजाही नहीं होने के कारण ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है । सबसे गंभीर समस्या मरीजों को लेकर सामने आती है , जिन्हें मजबूरी में डोली के सहारे सड़क मार्ग तक पहुंचाना पड़ता है ।15.5 किलोमीटर सड़क की DPR भारत सरकार को भेजी
वहीं , पीएमजीएसवाई के एक्शन वीरेंद्र सिंह ने बताया कि द्यूरी-बगेड़ी-फुरकियाझाला तक 15.5 किलोमीटर सड़क की डीपीआर तैयार कर भारत सरकार को भेजी गई है । उन्होंने कहा कि अनुमति मिलते ही सड़क निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा । उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीणों के आवागमन को फिलहाल सुविधाजनक बनाने के लिए जेसीबी भेजकर कच्ची सड़क की सफाई करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं ।सवाल यह कि कब खत्म होगी ग्रामीणों की सड़क की समस्या ?
बगेड़ी क्षेत्र की स्थिति विकास के दावों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर साफ दिखाती है । एक ओर सड़क निर्माण के लिए योजनाएं और डीपीआर तैयार हो रही हैं , वहीं दूसरी ओर ग्रामीण आज भी मरीजों को डोली में लेकर कई किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर हैं । अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि 15.5 किलोमीटर सड़क की डीपीआर को कब मंजूरी मिलती है और कब बगेड़ी , फुरकियाझाला समेत अन्य तोकों तक सड़क सुविधा वास्तव में पहुंचती है । फिलहाल ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है - सड़क कब बनेगी नहीं , बल्कि सड़क पर गाड़ी आखिर कब दौड़ेगी ? फिलहाल पीएमजीएसवाई ने कच्ची सड़क की सफाई करवाने की बात कही है , जिसके बाद एक बार फिर ग्रामीणों के चेहरों पर उम्मीद की किरण लौटी है ।
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