दुःखद : खेत में घास काट रही महिला को सांप ने डसा , इलाज के दौरान हल्द्वानी में मौत
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
बागेश्वर ( Bageshwar ) - जिले के गरुड़ विकासखंड के हरबगड़ गांव में खेत में घास काटने गई महिला की सर्पदंश से मौत हो गई । खेत में घास काटते समय जहरीले सांप के डसने के बाद महिला की हालत बिगड़ गई । परिजन उन्हें उपचार के लिए एक के बाद एक कई अस्पतालों में ले गए , लेकिन चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया । घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा है , वहीं पूरे गांव में शोक की लहर है ।घास काटते समय अचानक सांप ने डसा
जानकारी के अनुसार हरबगड़ गांव निवासी बसंती देवी , पत्नी खीम नाथ , अपने खेत में घास काटने गई थीं । इसी दौरान खेत में मौजूद सांप ने उन्हें डस लिया । सर्पदंश के बाद उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी , जिसके बाद परिजन और ग्रामीण उन्हें तत्काल उपचार के लिए लेकर दौड़े ।बैजनाथ से शुरू हुआ इलाज , कई अस्पतालों में कराया गया भर्ती
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन बसंती देवी को बैजनाथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे । वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें आगे रेफर कर दिया । इसके बाद उन्हें बागेश्वर जिला अस्पताल ले जाया गया । हालत में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर चिकित्सकों ने उन्हें अल्मोड़ा के बेस अस्पताल रेफर किया । अल्मोड़ा में उपचार के बावजूद उनकी स्थिति गंभीर बनी रही ।हल्द्वानी पहुंचने के बाद भी नहीं बच सकी जान
अल्मोड़ा के चिकित्सकों ने बसंती देवी को बेहतर उपचार के लिए हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया । परिजन उन्हें लेकर हल्द्वानी पहुंचे और अस्पताल में भर्ती कराया । यहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा था , लेकिन हालत गंभीर बनी रही । आखिरकार उपचार के दौरान बसंती देवी ने दम तोड़ दिया । उनकी मौत की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई ।इकलौते अविवाहित बेटे के सिर से उठा मां का साया
बसंती देवी की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है । बताया गया है कि वह अपने पीछे इकलौते अविवाहित बेटे को छोड़ गई हैं । मां की मौत से बेटे का रो-रोकर बुरा हाल है । गांव में भी घटना को लेकर गहरा शोक व्याप्त है ।पहाड़ में खेती और घास काटने के दौरान बना रहता है सर्पदंश का खतरा
पहाड़ी क्षेत्रों में ग्रामीणों को रोजमर्रा के काम के लिए खेतों , जंगलों और झाड़ियों वाले इलाकों में जाना पड़ता है । बरसात के मौसम में इन स्थानों पर सांपों की मौजूदगी का खतरा बढ़ जाता है । ऐसे में ग्रामीणों ने सर्पदंश की घटनाओं में समय पर उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत पर जोर दिया है ।सर्पदंश के बाद झाड़-फूंक में समय न गंवाएं
सर्पदंश की स्थिति में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है । सांप के काटने के बाद झाड़-फूंक , तंत्र-मंत्र या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय पीड़ित को जल्द से जल्द ऐसे अस्पताल पहुंचाना चाहिए , जहां सर्पदंश का चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध हो और जरूरत पड़ने पर एंटी-स्नेक वेनम (ASV) दिया जा सके । हर सांप जहरीला नहीं होता , लेकिन सांप के काटने की स्थिति में चिकित्सकीय जांच होने तक इसे गंभीर आपात स्थिति मानना जरूरी है ।
बागेश्वर सर्पदंश मामला, गरुड़ हरबगड़ सांप का मामला, बसंती देवी मौत, बागेश्वर महिला की मौत, खेत में सांप ने डसा, सर्पदंश से महिला की मौत, सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी, बैजनाथ अस्पताल, बागेश्वर जिला अस्पताल, अल्मोड़ा बेस अस्पताल, उत्तराखंड सर्पदंश, पहाड़ में सांप का खतरा, Uttarakhand Hindi Samachar, Bageshwar News, Garur News, Snake Bite News