फजीहत : लोहाघाट से 540 Km दूर पोंटा साहिब जा रही रोडवेज बस 13 Km में खराब
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
चम्पावत से सूरज लडवाल की रिपोर्ट
चम्पावत ( Champawat ) - गांधी जयंती के दिन लोहाघाट डिपो की पोंटा साहिब जाने वाली रोडवेज बस ने यात्रियों को बीच रास्ते में ही दगा दे दिया । लोहाघाट से करीब 540 किलोमीटर दूर पोंटा साहिब जाने वाली बस महज 13 किलोमीटर का सफर तय कर चम्पावत स्टेशन पहुंचते-पहुंचते खराब हो गई । बस में सवार करीब 40 यात्रियों को कई घंटे तक परेशानी झेलनी पड़ी । बाद में यात्रियों को दूसरी बस से आगे रवाना किया गया ।लोहाघाट से चम्पावत पहुंचते ही बिगड़ा बस का इंजेक्टर
जानकारी के मुताबिक बस संख्या UK07 PA 4218 शुक्रवार को लोहाघाट से पोंटा साहिब के लिए रवाना हुई थी । चम्पावत स्टेशन पहुंचने के बाद बस में तकनीकी खराबी आ गई । बताया गया कि बस के इंजेक्टर में खराबी आने के कारण वाहन आगे नहीं चल सका । बस के चालक ने मौके पर ही खराबी को दूर करने का प्रयास किया , लेकिन काफी कोशिश के बावजूद बस चालू नहीं हो सकी ।घंटों इंतजार करते रहे 40 यात्री
रोडवेज बस के अचानक खराब होने से उसमें सवार यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गईं । काफी देर तक यात्री बस के ठीक होने का इंतजार करते रहे । जब बस की खराबी दूर नहीं हो सकी तो यात्रियों को दूसरी रोडवेज बस के माध्यम से आगे भेजने की व्यवस्था की गई । यात्रियों को देहरादून जाने वाली बस में बैठाकर आगे रवाना किया गया । इससे यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त इंतजार और परेशानी का सामना करना पड़ा ।सुबह ही पोंटा साहिब से लोहाघाट पहुंची थी बस
बताया गया कि जिस बस में खराबी आई , वह शुक्रवार सुबह ही पोंटा साहिब से लोहाघाट पहुंची थी । इसके बाद बस की फिटनेस जांच के बाद उसे दोबारा पोंटा साहिब के लिए रवाना किया गया । लेकिन लोहाघाट से निकलने के बाद चम्पावत पहुंचते-पहुंचते बस ने जवाब दे दिया । ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब बस सुबह पोंटा साहिब से लोहाघाट तक सफर करके पहुंची थी और उसके बाद फिटनेस की गई , तो महज करीब 13 किलोमीटर बाद ही उसमें तकनीकी खराबी कैसे आ गई ?लोहाघाट डिपो में 27 बसें , 20 नई बसों की मांग
रोडवेज के सहायक मंडलीय प्रबंधक धीरज वर्मा ने बताया कि पोंटा साहिब जाने वाली बस के इंजेक्टर में खराबी आई थी । इसी कारण यात्रियों को बाद में देहरादून जाने वाली बस के माध्यम से आगे भेजा गया । उन्होंने बताया कि लोहाघाट डिपो में वर्तमान में कुल 27 बसें हैं , जिनमें 9 बसें वर्ष 2019 मॉडल की हैं । डिपो के लिए 20 नई बसों की मांग की गई है ।आखिर , फिटनेस के बाद इतनी जल्दी कैसे खराब हुई बस ?
बस खराब होने की घटना ने एक बार फिर रोडवेज बसों की तकनीकी स्थिति और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं । खासकर तब , जब संबंधित बस सुबह ही लंबा सफर तय कर लोहाघाट पहुंची थी और इसके बाद फिटनेस के नाम पर जांच भी की गई थी । फिटनेस के बाद चम्पावत पहुंचते ही इंजेक्टर खराब होने की वजह क्या थी ? क्या बस की तकनीकी जांच में इस खामी का पता नहीं चला ? यात्रियों को घंटों परेशानी से बचाने के लिए डिपो के पास पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं थी ? ये सवाल यात्रियों की इस परेशानी के बाद चर्चा में हैं ।
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