• Home
  • देश - दुनियां
  • उत्तराखंड
  • आस्था / आध्यात्म
  • पर्यावरण / प्रकृति
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • ABOUT US
  • CONTACT US
No Result
View All Result

No Result
View All Result
Top Banner Ad
Ad
Ad
Ad
Ad
Ad

Monday, 19-October-2026

Home उत्तराखंड

उत्तराखंड हिंदी समाचार की खबर का असर ? चम्पावत में मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए वन विभाग ने बताई तैयारी - Uttarakhand Hindi Samachar

Posted by admin
Posted Date: 2026-10-18 20:53:43
Share Share Share

उत्तराखंड हिंदी समाचार की खबर का असर ? चम्पावत में मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए वन विभाग ने बताई तैयारी


(Report - uttarakhandhindisamachar.com)

चम्पावत से सूरज लडवाल की रिपोर्ट
चम्पावत में मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए वन विभाग अलर्ट ! 64 कैमरा ट्रैप , 3 ड्रोन और रेस्क्यू पिंजरों से होगी निगरानी ।
चम्पावत ( Champawat ) - पर्वतीय जनपद चम्पावत में सर्दियों की शुरुआत के साथ ही मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ने की आशंका ने चिंता बढ़ा दी है । आबादी वाले क्षेत्रों में खासतौर पर गुलदार , भालू और अन्य वन्यजीवों की आवाजाही के बीच लोगों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग सतर्कता बरत रहा है । इसी बीच 17 अक्टूबर को उत्तराखंड हिंदी समाचार की ओर से मानव - वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के लिए जरूरी उपकरणों की उपलब्धता और प्रभावी कदम उठाने का मुद्दा उठाए जाने के बाद वन विभाग ने अपनी तैयारियों की जानकारी साझा की है । प्रभागीय वनाधिकारी धिनो पुरुषोत्तमन ने 18 अक्टूबर को बताया कि वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखने , आबादी वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए विभाग की ओर से विभिन्न कदम उठाए जा रहे हैं । हालांकि , इन प्रयासों का धरातल पर कितना प्रभाव पड़ता है , यह आने वाले समय में देखने वाली बात होगी ।

64 कैमरा ट्रैप और 3 ड्रोन कैमरे रखेंगे वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर

Advertisement
वन विभाग के अनुसार , गुलदार एवं अन्य वन्यजीवों की गतिविधियों की सूचना मिलने पर विभागीय कर्मचारी तत्काल संबंधित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण करते हैं । इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ाकर स्थानीय ग्रामीणों को सतर्क और जागरूक किया जाता है । वन्यजीवों की सघन निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है । वर्तमान में चम्पावत वन प्रभाग में 64 कैमरा ट्रैप और 3 ड्रोन कैमरे क्रियाशील हैं । इसके अतिरिक्त इस वर्ष 10 नए कैमरा ट्रैप खरीदने का प्रस्ताव है , जिससे निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिल सकती है ।

गुलदार से लेकर भालू तक के रेस्क्यू के लिए इतने उपकरण उपलब्ध

Advertisement
आबादी वाले क्षेत्रों में वन्यजीवों की मौजूदगी से उत्पन्न खतरे को देखते हुए विभाग ने रेस्क्यू उपकरणों की उपलब्धता का भी विवरण दिया है । वन विभाग के अनुसार , वर्तमान में चम्पावत प्रभाग के पास 2 ट्रेंक्यूलाइजिंग गन , 18 गुलदार रेस्क्यू पिंजरे , 5 बाघ रेस्क्यू पिंजरे , 3 भालू रेस्क्यू पिंजरे उपलब्ध हैं । इसके अलावा इस वर्ष 5 नए गुलदार रेस्क्यू पिंजरे खरीदे जा रहे हैं । इन उपकरणों का उद्देश्य जरूरत पड़ने पर आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचने वाले वन्यजीवों का सुरक्षित रेस्क्यू करना है ।

जिलाधिकारी ने दिए थे 22.40 लाख रुपये , खरीदे गए रेस्क्यू उपकरण

पिछले वर्ष मानव - वन्यजीव संघर्ष के मामले सामने आने के बाद , मानव - वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के लिए प्रशासन की ओर से भी धनराशि उपलब्ध कराई गई है । प्रभागीय वनाधिकारी के मुताबिक , वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिलाधिकारी चम्पावत की ओर से 22.40 लाख रुपये प्रदान किए गए थे । इस धनराशि से 5 गुलदार रेस्क्यू पिंजरे , 2 बाघ रेस्क्यू पिंजरे , 5 ततैया रेस्क्यू सूट , 1 ट्रेंक्यूलाइजिंग गन , 2 भालू रेस्क्यू पिंजरे और रेस्क्यू किट खरीदे जा चुके हैं ।

केवल पिंजरे और कैमरे नहीं , जागरूकता पर भी जोर

Advertisement
वन विभाग का कहना है कि मानव - वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए उपकरणों की उपलब्धता के साथ - साथ जनजागरूकता भी बेहद जरूरी है । इसी उद्देश्य से ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता गोष्ठियां आयोजित की जा रही हैं । विभाग के अनुसार , सितंबर माह से अब तक 67 जागरूकता गोष्ठियां आयोजित की जा चुकी हैं । इन गोष्ठियों के माध्यम से ग्रामीणों को वन्यजीवों से बचाव , सतर्कता और सुरक्षित व्यवहार के प्रति जागरूक किया जा रहा है ।

गुलदार , सुअर , और भालू के छिपने की जगह बन रहीं झाड़ियां , 191.5 हेक्टेयर में होगा लैंटाना उन्मूलन

वन विभाग ने वन क्षेत्रों और आबादी के आसपास उगी झाड़ियों को भी महत्वपूर्ण मुद्दा माना है । विभाग की ओर से झाड़ी कटान मशीनें खरीदी जा रही हैं । साथ ही इस वर्ष 191.5 हेक्टेयर क्षेत्र में लैंटाना (कालाबासा) उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है । घनी झाड़ियों में वन्यजीवों के छिपने की आशंका के मद्देनजर उनकी सफाई जरूरी है । हालांकि , लैंटाना या अन्य झाड़ियों को हटाने का काम सावधानीपूर्वक और संबंधित विभाग के मार्गदर्शन में किया जाना चाहिए । ग्रामीणों को घनी झाड़ियों में स्वयं प्रवेश कर जोखिम उठाने के बजाय वन विभाग को सूचना देनी चाहिए ।

वन विभाग की जनता से अपील - घर के आसपास रखें रोशनी , बच्चों और बुजुर्गों को अकेला न छोड़ें

Advertisement
प्रभागीय वनाधिकारी धिनो पुरुषोत्तमन ने चम्पावत जनपद की जनता से गुलदार समेत अन्य वन्यजीवों से बचाव के लिए सतर्कता बरतने की अपील की है । उन्होंने लोगों से घरों के आसपास साफ - सफाई रखने और पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है । अभिभावकों से बच्चों और बुजुर्गों को अकेला न छोड़ने तथा पालतू जानवरों को मजबूत दरवाजों वाले सुरक्षित कमरों में रखने का अनुरोध किया गया है । इसके साथ ही रात के समय समूह में यात्रा करने और टॉर्च या अन्य प्रकाश स्रोत साथ रखने की सलाह दी गई है । घरों के आसपास लैंटाना , कालाबासा या बासिंग की घनी झाड़ियां होने पर वन विभाग को सूचना देने की अपील भी की गई है , ताकि संभावित खतरे को कम करने के लिए समय रहते कदम उठाए जा सकें ।

क्या सर्दियों में मानव - वन्यजीव संघर्ष पर लगेगा अंकुश ?

Advertisement
उत्तराखंड हिंदी समाचार ने 17 अक्टूबर को जिले के विभिन्न वन क्षेत्राधिकारियों से संपर्क कर मानव - वन्यजीव संघर्ष से निपटने के लिए उपलब्ध उपकरणों और विभागीय तैयारियों की जानकारी जुटाई थी । इसके बाद आवश्यक उपकरणों की संख्या बढ़ाने और रोकथाम के लिए अधिक प्रभावी कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया गया । वन विभाग की ओर से सामने आए आंकड़े निगरानी , रेस्क्यू और जनजागरूकता के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हैं । लेकिन असली चुनौती इन व्यवस्थाओं को संवेदनशील क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से लागू करने , समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करने और ग्रामीणों की सुरक्षा मजबूत करने की है । अब देखना होगा कि सर्दियों के दौरान चम्पावत में वन विभाग की ये तैयारियां मानव - वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकने में कितनी कारगर साबित होती हैं । ग्रामीणों की सुरक्षा , समयबद्ध रेस्क्यू और संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी पर विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी है ।







चम्पावत मानव वन्यजीव संघर्ष, Champawat Human Wildlife Conflict, चम्पावत वन विभाग, गुलदार का आतंक, गुलदार से बचाव, भालू रेस्क्यू, कैमरा ट्रैप चम्पावत, ड्रोन कैमरा वन विभाग, धिनो पुरुषोत्तमन, जिलाधिकारी चम्पावत, लैंटाना उन्मूलन, उत्तराखंड हिंदी समाचार, Uttarakhand Hindi Samachar


Video:

Ad
Ad

Other Related posts

    चम्पावत : पाटी ब्लॉक में कोबरा की दस्तक से मचा हड़कंप ! घर के अंदर फन फैलाए बैठा था जहरीला सांप ,

    चम्पावत में मामी-भांजा गिरफ्तार ! 2.10 लाख की अफीम के साथ पकड़े गए ,

    उलटफेर : पूर्व विधायक ने छोड़ी भाजपा , आंखिर क्या होगा अगला कदम ? ,

    रेखा आर्य प्रकरण में SIT का बड़ा एक्शन ! बरेली पहुंची टीम , गिरधारी लाल साहू के घर और ठिकानों पर होगी पड़ताल ,

    चम्पावत : DM पर बरसे पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल , बोले - भाजपा जिलाध्यक्ष की भूमिका निभा रहे जिलाधिकारी ,

    दहशत : दिनदहाड़े बकरी को बनाया निवाला , घरों के पास मंडरा रहा खतरा ,

    चम्पावत : घर में घुसने की कोशिश कर रहा था विशालकाय किंग कोबरा , वन विभाग ने किया रेस्क्यू ,

    तस्करी : चम्पावत में बोलेरो पिकअप के स्टेयरिंग के नीचे छिपी मिली 250 ग्राम चरस ,

    चम्पावत में वन्यजीवों का बढ़ता खतरा ! पिंजरे कम , ड्रोन नदारद , आखिर कैसे बचेगी ग्रामीणों की जान ? ,

    चम्पावत : मां भगवती महोत्सव खटोली में फौजी ललित मोहन जोशी के गीतों में झूमने के लिए हो जाइए तैयार ,

News By Category:


खेल समाचार कृषि , बागवानी और पशुपालन राजनीति
देश - दुनियां तकनीकी समाचार उत्तराखंड
आस्था / आध्यात्म पर्यावरण / प्रकृति क्राइम
पर्यटन
  • Home
  • About
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions

© Uttarakhand Hindi Samachar, All rights reserved. Designed and Developed by LD Bhatt, Whatsapp: +91-9540281104

error: Content is protected !!
X
No Result
View All Result
  • Home
  • देश - दुनियां
  • उत्तराखंड
  • आस्था / आध्यात्म
  • पर्यावरण / प्रकृति
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • ABOUT US
  • CONTACT US

© Uttarakhand Hindi Samachar All rights reserved. Powered by ExtraGo.in