• Home
  • देश - दुनियां
  • उत्तराखंड
  • आस्था / आध्यात्म
  • पर्यावरण / प्रकृति
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • ABOUT US
  • CONTACT US
No Result
View All Result

No Result
View All Result
Top Banner Ad
Ad
Ad
Ad
Ad
Ad

Thursday, 22-October-2026

Home आस्था / आध्यात्म

आस्था : ढोल - नगाड़े , देव डांगरों की बारात और बाबा के जयकारे... ऐसा होता है फटकशिला का दशहरा - Uttarakhand Hindi Samachar

Posted by admin
Posted Date: 2026-10-20 15:05:23
Share Share Share

आस्था : ढोल - नगाड़े , देव डांगरों की बारात और बाबा के जयकारे... ऐसा होता है फटकशिला का दशहरा


(Report - uttarakhandhindisamachar.com)

चम्पावत से सूरज लडवाल की रिपोर्ट
हजारों लोगों की आस्था का केंद्र फटकशिला मंदिर , फिर भी सड़क पर डामरीकरण का इंतजार ।
चम्पावत ( Champawat ) - उत्तराखंड की देवभूमि में लोक आस्था और पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं का अनूठा संगम देखने को मिलता है । पाटी विकासखंड के धूनाघाट के निकट स्थित फटकशिला मंदिर में बरसों से दशहरे के पावन अवसर पर भव्य मेले का आयोजन किया जाता है । जहां देशभर में दशहरे को भगवान श्रीराम की रावण पर विजय के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है , वहीं फटकशिला में आसपास के गांवों के श्रद्धालु अपने आराध्य फटकशिला बाबा की आराधना कर सुख - समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना करते हैं ।

दशहरे पर फटकशिला बाबा के दरबार में उमड़ती है आस्था

Advertisement
फटकशिला मंदिर क्षेत्र के अनेक गांवों के लोगों की गहरी आस्था का केंद्र है । दशहरे के दिन यहां श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिलता है । यहां , आसपास के गांवों से लोग अपने इष्ट देव के प्रति श्रद्धा प्रकट करते हुए देव डांगरों की बारात लेकर ढोल - नगाड़ों की गूंज के बीच मंदिर पहुंचते हैं । इस दौरान वातावरण फटकशिला बाबा के जयकारों से भक्तिमय हो उठता है । पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज , देव आस्था और सामूहिक सहभागिता इस आयोजन को क्षेत्र की विशिष्ट धार्मिक पहचान प्रदान करती है ।

विश्व कल्याण की कामना के साथ होगी पूजा - अर्चना

Advertisement
फटकशिला मंदिर में श्रद्धालु अपने आराध्य के दर्शन कर पूजा - अर्चना करते हैं । इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्र की सुख - शांति , खुशहाली और समस्त जनमानस के कल्याण की कामना की जाती है । दशहरे के अवसर पर आयोजित यह मेला केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है , बल्कि स्थानीय लोक संस्कृति , परंपराओं और सामाजिक एकजुटता का भी प्रतीक है । पीढ़ियों से चली आ रही आस्था की ये परंपराएं उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए हुए हैं ।

मेले में खरीदारी का आनंद उठाते हैं स्थानीय लोग

Advertisement
फटकशिला मंदिर परिसर में लगने वाले मेले में धार्मिक गतिविधियों के साथ स्थानीय बाजार का भी विशेष आकर्षण रहता है । आसपास के गांवों से पहुंचने वाले लोग पूजा - अर्चना के साथ मेले में खरीदारी का आनंद लेते हैं । इससे क्षेत्र में मेल - मिलाप और पारंपरिक मेलों की रौनक भी देखने को मिलती है । ऐसे आयोजन स्थानीय संस्कृति को संजोने के साथ ही ग्रामीण जीवन में उत्साह और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देते हैं ।

हजारों श्रद्धालुओं की आस्था , लेकिन सड़क पर डामरीकरण का इंतजार

फटकशिला मंदिर में गहरी धार्मिक आस्था रखने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या के बावजूद मंदिर तक पहुंचने वाले सड़क मार्ग पर डामरीकरण न हो पाना चिंता का विषय है । धार्मिक महत्व के इस स्थल तक आवागमन को सुविधाजनक बनाने के लिए सड़क की स्थिति में सुधार करना जरूरी है । सवाल यह है कि जब फटकशिला मंदिर हजारों लोगों की आस्था का केंद्र है , तो यहां तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़क सुविधा कब उपलब्ध होगी ? धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही के बीच बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए ।

मानसखंड माला से जुड़े फटकशिला मंदिर , मिले पर्यटन को बढ़ावा

Advertisement
फटकशिला मंदिर को धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की पर्याप्त संभावनाएं हैं । सरकार को चाहिए कि मंदिर के महत्व और स्थानीय धार्मिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए इसे मानसखंड मंदिर माला परियोजना से जोड़ने की संभावनाओं पर विचार करे । यदि मंदिर तक बेहतर सड़क सुविधा विकसित की जाती है और आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं , तो इससे श्रद्धालुओं को राहत मिलने के साथ क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है । स्थानीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के साथ योजनाबद्ध विकास फटकशिला को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है । फटकशिला मंदिर में दशहरे का यह आयोजन आस्था , परंपरा और लोक संस्कृति का प्रतीक है । अब जरूरत है कि इस धार्मिक धरोहर को बेहतर सुविधाओं से जोड़कर इसका महत्व और अधिक बढ़ाया जाए ।

Advertisement




फटकशिला मंदिर चम्पावत, फटकशिला मेला 2026, धूनाघाट दशहरा मेला, पाटी विकासखंड समाचार, फटकशिला बाबा, चम्पावत दशहरा, उत्तराखंड के धार्मिक स्थल, देव डांगरों की बारात, मानसखंड मंदिर माला, चम्पावत धार्मिक पर्यटन, उत्तराखंड हिंदी समाचार


खबर से जुड़ी अन्य तस्वीरें:

image
image

Video:

Ad
Ad

Other Related posts

    चम्पावत : दशहरे पर फटकशिला मंदिर में उमड़ी आस्था ! झूलों और खरीदारी से गुलजार हुआ मेला , देव डांगरों के आगमन का इंतजार ,

    पूर्णागिरि मंदिर समिति चुनाव : 3 बार अध्यक्ष रहे किशन तिवारी फिर मैदान में , सामने 3 और दावेदार ,

    बदरीनाथ पहुंचे CM धामी ! मास्टर प्लान के कार्यों का लिया जायजा , कथा महोत्सव में संतों का किया अभिनंदन ,

    वीडियो : श्रीराम कथा के शुभारंभ के दौरान विधायक ने किया कथा मंच का उद्घाटन ,

    बग्वाल वीडियो : बग्वाल की कहानी , सिर्फ पत्थरों की बारिश तक खत्म नहीं होती...असल कहानी इसके बाद हुई शुरू ,

    बग्वाल : उम्र 96 हुई , पीढ़ियां बदल गईं...लेकिन बग्वाल की आस्था नहीं बदली ! त्रिलोक सिंह बिष्ट बोले - आस्था उम्र नहीं देखती ,

    वीडियो : बग्वाल युद्ध नहीं , सदियों पुरानी परंपरा का जीवंत निर्वहन ,

    आस्था : देवीधुरा में 28 अगस्त को गूंजेगा बग्वाल का रणघोष , 23 अगस्त को मंत्री राम सिंह कैड़ा करेंगे ऐतिहासिक मेले का शुभारंभ ,

    चम्पावत : देवीधुरा में फिर गूंजेगा मैय्या का जयकारा , 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर होगी ऐतिहासिक बग्वाल ,

    आस्था : वीकेंड पर फटकशिला मंदिर में लगी भक्तों की भीड़ , राजनीतिक हस्तियां भी पहुंची शिव महापुराण कथा सुनने ,

News By Category:


खेल समाचार कृषि , बागवानी और पशुपालन राजनीति
देश - दुनियां तकनीकी समाचार उत्तराखंड
आस्था / आध्यात्म पर्यावरण / प्रकृति क्राइम
पर्यटन
  • Home
  • About
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions

© Uttarakhand Hindi Samachar, All rights reserved. Designed and Developed by LD Bhatt, Whatsapp: +91-9540281104

error: Content is protected !!
X
No Result
View All Result
  • Home
  • देश - दुनियां
  • उत्तराखंड
  • आस्था / आध्यात्म
  • पर्यावरण / प्रकृति
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • ABOUT US
  • CONTACT US

© Uttarakhand Hindi Samachar All rights reserved. Powered by ExtraGo.in