दुःखद : 17 अक्टूबर को उत्तराखंड हिंदी समाचार ने जताई थी आशंका , 18 दिन बाद गुलदार ने बुझा दिया घर का इकलौता चिराग
(Report - uttarakhandhindisamachar.com)
चम्पावत ( Champawat ) - सर्दियों की शुरुआत के साथ ही चम्पावत जिले में मानव - वन्यजीव संघर्ष बढ़ने की आशंका को लेकर उत्तराखंड हिंदी समाचार ने 17 अक्टूबर 2026 को प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी । खबर में वन विभाग के संसाधनों , पिंजरों , ट्रैप कैमरों और ड्रोन की उपलब्धता पर सवाल उठाते हुए संवेदनशील गांवों में निगरानी बढ़ाने तथा जनजागरूकता अभियानों को गति देने की आवश्यकता जताई गई थी ।
खबर के अगले ही दिन वन विभाग ने किया था तैयारियां मजबूत होने का दावा
18 अक्टूबर को वन विभाग ने स्थिति स्पष्ट करते हुए दावा किया था कि चम्पावत प्रभाग में 64 कैमरा ट्रैप और 3 ड्रोन कैमरे क्रियाशील हैं । इसके अलावा 2 ट्रैंक्विलाइजिंग गन , 18 गुलदार रेस्क्यू पिंजरे , 5 टाइगर और 3 भालू रेस्क्यू पिंजरे उपलब्ध होने की जानकारी दी गई थी ।
18 दिन बाद सुई डूंगरी में दर्दनाक हादसा , दो बहनों का इकलौता भाई छीन ले गया गुलदार
लेकिन इन दावों के महज 18 दिन बाद लोहाघाट के सुई डूंगरी गांव में गुलदार के हमले ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया ।
दावों और धरातल की हकीकत के बीच बड़ा सवाल
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