• Home
  • देश - दुनियां
  • उत्तराखंड
  • आस्था / आध्यात्म
  • पर्यावरण / प्रकृति
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • ABOUT US
  • CONTACT US
No Result
View All Result

No Result
View All Result
Ad
Ad
Ad

Sunday, 13-September-2026

Home उत्तराखंड

चीड़ के बाद अब बांज , काफल के जंगल भी धधकने लगे हैं - Uttarakhand Hindi Samachar

Posted by admin
Posted Date: 2024-05-06 09:24:53
Share Share Share

चीड़ के बाद अब बांज , काफल के जंगल भी धधकने लगे हैं


(Report - uttarakhandhindisamachar.com)

चिंता : चीड़ के बाद अब बांज , काफल के जंगल भी धधकने लगे हैं

● प्रदूषण से उत्तराखंड के पहाड़ों में अब नहीं दिख रहे हैं तारे
--------------------------------------
रिपोर्ट - Uttarakhandhindisamachar.com

उत्तराखंड - प्रदेश की धड़कन यहां के जंगल धधकने का सिलसिला लगातार जारी है । कुछ समय पूर्व तक यहाँ के पहाड़ सुलग रहे थे लेकिन कुछ ही वर्षों में अब यहाँ के पहाड़ धधकने लगे हैं । उत्तराखंड के जंगल लगातार धधक रहे हैं जिससे यहाँ की वन संपदा , जीव जंतु औऱ यहाँ के लोग बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं । चीड़ के बाद अब बांज , काफल के जंगलों में भी आग फैलने लगी है जो स्थानीय ग्रामीणों के घरों तक पहुंच रही है । आप तस्वीर में साफ देख सकते हैं कि एक युवा बांज के जंगलों में लगी आग तो घरों तक पहुंचने से रोकने के लिए पानी का छिड़काव कर रहा है । उत्तराखंड के तमाम स्थान ऐसे भी हैं जहाँ जंगलों में इतनी आग लगी है कि आसपास की वादियों में धुंध फैल चुकी है , जिससे अब आसमान के तारे भी दिखाई देना बंद हो गए हैं । एक ओर जहाँ आग की बढ़ती घटनाओं से पर्यावरण को हो रहे नुकसान को देखकर पर्यावरण प्रेमी चिंतित नजर आ रहे हैं ठीक उसके विपरीत जंगलों में आग लगाने वाले अराजक तत्व अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं । आग की घटनाएं इतनी बढ़ चुकी हैं कि प्रशासन हपड़ - तपड़ में है । लगातार आग की बढ़ती घटनाएं सरकार की पूर्व तैयारियां की पोल खोल रही है । अब पहाड़ों के हालात ऐसे हो चुके हैं कि फेफड़ों के मरीजों के लिए यहाँ की आबोहवा खतरनाक साबित हो रही है । आंखों में जलन होना अब यहाँ आम बात हो चुकी है । अगर उत्तराखंड के पर्यावरण , नदियों औऱ यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता हो बचाना है तो यहाँ के जंगलों को बचाना होगा । औऱ अगर यहाँ के जंगलों को बचाना है तो चीड़ के बदले चौड़ी पत्ती के जंगलों का विकास करना होगा । बस इसके लिए आवश्यकता है दृढ़ इच्छाशक्ति औऱ सरकार की जंगल बचाने के लिए बनने वाली नीतियों में संशोधन की ।


Ad
Ad
Ad
Ad

Other Related posts

    नदी में बहे किशन राम की तलाश जारी , SDRF-पुलिस का सर्च ऑपरेशन तेज ,

    दुखद : नैनीताल के जिला सूचना अधिकारी गिरजा शंकर जोशी का आकस्मिक निधन , चम्पावत में भी निभा चुके थे जिम्मेदारी ,

    चम्पावत : भिंगराड़ा में DFO का पहला निरीक्षण , इन जगहों पर पहुंचकर परखी वन विभाग की तैयारियां ,

    बड़ी खबर : अस्पताल में जनऔषधि केंद्र की दवा पर विवाद , जांच शुरू ,

    बड़ी खबर : करीबी पर ED की कार्रवाई के बीच हरीश रावत का बड़ा फैसला , कांग्रेस के दो अहम पदों से इस्तीफे का ऐलान ,

    सनसनी : 22 साल के युवक की संदिग्ध मौत , परिजनों के आरोपों से मचा हड़कंप ,

    हादसा : बस से उतर ही रहे थे यात्री , तभी चल पड़ी रोडवेज बस... टायर के नीचे आया हाथ ,

    चम्पावत : नगर पंचायत पाटी में चार नामित सदस्य , शासन ने जारी की अधिसूचना ,

    चम्पावत : शिक्षक नियुक्तियों को लेकर शिकायत ! विज्ञप्ति के प्रकाशन पर उठे सवाल , जांच कमेटी गठित ,

    चम्पावत : पाटी ब्लॉक के इस गांव में वायरल फीवर की दस्तक , स्वास्थ्य विभाग ने लगाया शिविर ,

News By Category:


खेल समाचार कृषि , बागवानी और पशुपालन राजनीति
देश - दुनियां तकनीकी समाचार उत्तराखंड
आस्था / आध्यात्म पर्यावरण / प्रकृति क्राइम
पर्यटन
  • Home
  • About
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions

© Uttarakhand Hindi Samachar, All rights reserved. Designed and Developed by LD Bhatt, Whatsapp: +91-9540281104

error: Content is protected !!
X
No Result
View All Result
  • Home
  • देश - दुनियां
  • उत्तराखंड
  • आस्था / आध्यात्म
  • पर्यावरण / प्रकृति
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • ABOUT US
  • CONTACT US

© Uttarakhand Hindi Samachar All rights reserved. Powered by ExtraGo.in